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दुनियाभर में परीक्षाओं के विकल्प की तलाश:इटली में मौखिक, पाकिस्तान में लिखित तो अमेरिका में ऑनलाइन परीक्षा; ज्यादातर देशों में ऑनलाइन एग्जाम पर जोर

वॉशिंगटन/लंदन/बर्लिन8 महीने पहले
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पड़ोसी देश पाकिस्तान लिखित परीक्षा आयोजित करेगा। - Dainik Bhaskar
पड़ोसी देश पाकिस्तान लिखित परीक्षा आयोजित करेगा।

देश में स्कूल खोलने और परीक्षा को लेकर बहस छिड़ी है। लाखों छात्र और अभिभावक बेहद चिंतित हैं। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ बैठक भी की, लेकिन कोरोना की स्थिति और राज्यों की मिली-जुली प्रतिक्रिया की वजह से कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।

वहीं दुनिया की बात करें, तो अमेरिका, ब्रिटेन समेत ज्यादातर देशों ने पिछले साल तो परीक्षाएं रद्द कर दी थीं, लेकिन इस साल नए विकल्प तलाशे हैं। इनमें ऑनलाइन, ग्रेड सिस्टम, एसेसमेंट और परीक्षाओं को आगे बढ़ाने जैसे फैसले शामिल हैं। पिछले साल ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, आयरलैंड, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड जैसे कई देशों ने स्कूलों की फाइनल परीक्षाएं रद्द कर दी थीं।

डेनमार्क, इजरायल और ऑस्ट्रिया ने परीक्षाओं का आयोजन किया था। इस साल की बात करें, तो अमेरिका में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प हैं। इटली और फ्रांस में जून में परीक्षा होंगी, इनमें इटली सिर्फ मौखिक परीक्षा लेगा। वहीं हमारा पड़ोसी पाकिस्तान लिखित परीक्षा आयोजित करेगा।

इस बार यह मई में होने वाली थी, लेकिन कोरोना की वजह से अक्टूबर-नवंबर में होंगी। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक कोरोना की वजह से दुनिया भर में करीब 2.4 करोड़ बच्चे स्कूली शिक्षा से वंचित रह सकते हैं। सबसे ज्यादा असर दक्षिण-पश्चिम एशिया और अफ्रीका में सब-सहारा क्षेत्रों के बच्चों पर पड़ेगा।

2021 के लिए तैयारियां तेज, हालातों के मद्देनजर लिए जा रहे फैसले

कई देश कोरोना की दूसरी या तीसरी लहर का सामना कर रहे हैं। वैक्सीनेशन के बावजूद स्कूल-कॉलेज की परीक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति है। ऐसे में ज्यादातर देशों ने अपने-अपने यहां मौजूदा हालातों के हिसाब से इनकी तैयारियां कर रखी हैं।

ब्रिटेन: कोर्स वर्क, टेस्ट में प्रदर्शन के हिसाब से ग्रेडिंग

पिछले साल परीक्षाएं रद्द कर दी थीं। इनकी जगह अल्गोरिदम सिस्टम लागू किया था, जिसमें स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता के आधार पर ग्रेडिंग होनी थी। पर इसमें गरीब और कमजोर स्थिति वाले स्कूलों के बच्चे पीछे रह जाते। विरोध के बाद इसकी जगह स्टूडेंट एसेसमेंट लागू किया।

इसमें कोर्स वर्क, टेस्ट और मॉक टेस्ट में प्रदर्शन के आधार पर ग्रेड दिए गए। सभी विषयों के ग्रेड मिलाकर फाइनल ग्रेड दिया गया। इस साल भी यही व्यवस्था है। जीसीएसई परीक्षा और प्राइमरी स्कूलों में टेस्ट रद्द कर दिए गए हैं। आयरलैंड, वैल्स में फाइनल एक्जाम दिसंबर में होंगे।

अमेरिका: इस साल पूरा सिलेबस, ऑनलाइन परीक्षा

88% स्कूली बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। सेकेंडरी या अंडर ग्रेजुएट स्कूलों की परीक्षाओं में इस बार पूरा सिलेबस रहेगा। स्कूलों को ऑनलाइन या ऑफलाइन का विकल्प दिया गया है। जिन राज्यों में बच्चे ऑनलाइन पढ़ रहे हैं, वहां परीक्षा भी ऑनलाइन ही होगी। लॉस एंजिलिस में इस साल स्कूली परीक्षा नहीं होगी।

कुछ राज्यों में चुनिंदा विषयों की परीक्षा होगी। इसे लेकर अभिभावकों में मतभेद भी हैं। कई लोग इसके पक्ष में हैं, ताकि बच्चे की प्रोग्रेस पता चल सके। वहीं कुछ का कहना है कि बच्चे पहले से तनाव में हैं, ऐसे में परीक्षा से उन पर दबाव और बढ़ेगा।

जर्मनी: कोर्स वर्क, 2 साल के प्रदर्शन पर आकलन

पिछले साल स्कूल-कॉलेज बंद रखे। हालांकि महामारी के बीच स्कूल के फाइनल ईयर की परीक्षा ली गईं, ताकि छात्र कॉलेज या यूनिवर्सिटी में दाखिला ले सके। सरकार ने इस पर राज्यों से राय मांगी थी, जिसमें सभी 16 राज्यों ने सहमति दी। वहीं यूनिवर्सिटीज ने अंतिम वर्ष की थीसिस जमा करने से छूट दी।

इस साल कुछ बदलाव के साथ परीक्षाएं आयोजित की गईं। इनमें सिलेबस कम किया, छोटा और आसान कोर्स शामिल किया गया। परीक्षा और अंकों का फॉर्मेट भी बदला गया। इनमें दो साल के कोर्स वर्क या पिछली दो परीक्षाओं में प्रदर्शन के औसत के आधार पर ग्रेड दिया गया।

पाकिस्तान: सिलेबस 30% तक घटाया, भाषा को छोड़ सभी परीक्षाएं ऑब्जेक्टिव होंगी

पिछले साल सभी परीक्षाएं रद्द कर दी थीं। इस साल मई में परीक्षाएं होनी थीं, लेकिन कोरोना को देखते हुए सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं जुलाई में, और 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं अगस्त-सितंबर में होनी थीं। शिक्षा मंत्री ने अक्टूबर-नवंबर में परीक्षाओं का आयोजन की बात कही है।

पढ़ाई के नुकसान को देखते हुए सिलेबस 30% तक घटा दिया है। शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा के लिए ऐसा सिलेबस या कोर्स रखने को कहा है, जिसे छात्र कम समय में बेहतर तरीके से पूरा कर सकें। इस साल भाषा और आर्ट के विषयों को छोड़ ज्यादातर परीक्षाएं ऑब्जेक्टिव यानी बहुविकल्पीय होंगी।

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