PAK मीडिया का दावा- 6 साल में अरबपति बने बाजवा:एक साल में पत्नी की आमदनी दो अरब हुई, रिटायरमेंट से आठ दिन पहले खुलासा

इस्लामाबाद3 महीने पहले
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पाकिस्तान मीडिया की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का परिवार 6 सालों में अरबपति हो गया है। बाजवा के रिटायरमेंट से ठीक 8 दिन पहले पाकिस्तानी पत्रकार अहमद नूरानी ने रविवार को 'फैक्ट फोकस' के लिए लिखी अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है। बाजवा का कार्यकाल 29 नवंबर को खत्म हो रहा है।

नूरानी ने कहा- पिछले 6 सालों में बाजवा के रिश्तेदारों और करीबियों ने कराची, लाहौर समेत पाकिस्तान के बड़े शहरों में फॉर्म हाउस बनाए, इंटरनेशनल बिजनेस और कॉमर्शियल प्लाजा शुरू किए। इसके अलावा उन्होंने विदेशों में प्रॉपर्टी भी खरीदी है। इन प्रॉपर्टी की कीमत करीब 12.7 अरब से भी ज्यादा है। डील बाजवा की पत्नी आयशा अमजद, बहू महनूर साबिर और परिवार के कुछ करीबी लोगों के नाम पर हुई है।

ये तस्वीर न्यूज वेबसाइट 'फैक्ट फोकस' से ली गई है। वेबसाइट ने कहा है कि इस खुलासे के बाद वेबसाइट को ब्लॉक किया जा सकता है।
ये तस्वीर न्यूज वेबसाइट 'फैक्ट फोकस' से ली गई है। वेबसाइट ने कहा है कि इस खुलासे के बाद वेबसाइट को ब्लॉक किया जा सकता है।

बाजवा की पत्नी की इनकम जीरो से दो अरब हुई
आयशा अमजद के नाम पर 2016 में आठ नई प्रॉपर्टी खरीदी गईं। जिन्हें 17 अप्रैल 2018 को फाइनेंशियल स्टेटमेंट में दर्ज करवाया गया। उस वक्त भी बाजवा आर्मी चीफ थे। रिपोर्ट में कहा गया- 2015 में आयशा के नाम पर एक भी प्रॉपर्टी नहीं थी। लेकिन 2016 में तमाम प्रॉपर्टी को मिलाकर उनकी इनकम जीरो से 2.2 अरब हो गई।

ठीक इसी तरह बाजवा की बहू महनूर साबिर के नाम पर भी कई प्रॉपर्टी खरीदी गईं। 2018 में शादी के एक हफ्ते के अंदर ही महनूर की इनकम जीरो से करीब एक अरब हो गई।

बाजवा की सफाई- 2013 के पहले खरीदी प्रॉपर्टी
टैक्स रिटर्न और फाइनेंशियल स्टेटमेंट का हवाला देते हुए नूरानी ने रिपोर्ट में कहा गया- 2013 से 2017 तक आर्मी चीफ रहते हुए बाजवा की इनकम स्टेटमेंट्स में 3 बार बदलाव हुए। बाजवा के मुताबिक, उन्होंने लाहौर में एक प्रॉपर्टी 2013 के पहले खरीदी थी, लेकिन वे इसे स्टेटमेंट में डिक्लेयर करना भूल गए। अगले चार साल तक उन्होंने इस प्रॉपर्टी के बारे में किसी को जानकारी नहीं दी। फिर 2017 में दोबारा आर्मी चीफ बनने के बाद उन्होंने अपने फाइनेंशियल स्टेटमेंट में सुधार करवाया और इस प्रॉपर्टी को डिक्लेयर किया।

बाजवा 29 नवंबर को रिटायर हो जाएंगे। उन्होंने एक बार फिर से आर्मी चीफ बनने के लिए मना कर दिया था।
बाजवा 29 नवंबर को रिटायर हो जाएंगे। उन्होंने एक बार फिर से आर्मी चीफ बनने के लिए मना कर दिया था।

पाकिस्तान में आर्मी चीफ सबसे ताकतवर
पाकिस्तान में सेना प्रमुख सबसे ताकतवर व्यक्ति होता है। सरकार सेना के इशारे पर काम करती है। ऐसे में हर प्रधानमंत्री चाहता है कि उसके भरोसे का आदमी ही सेना प्रमुख बने। सेना प्रमुख की नियुक्ति प्रधानमंत्री करते हैं। पाक के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान मार्च के जरिए सरकार पर दबाव बनाना चाहते हैं। उनकी रणनीति है कि सेना प्रमुख की नियुक्ति में उनकी राय भी शामिल की जाए। इमरान ने प्रधानमंत्री शाहबाज को प्रस्ताव भी दिया था कि वे सेना प्रमुख चुनने की प्रोसेस में शामिल होना चाहते हैं। शहबाज ने इससे इनकार कर दिया। अब इमरान का कहना है कि शहबाज अपनी पसंद से सेना प्रमुख चुन सकते हैं।

पाकिस्तान में आर्मी चीफ की दौड़ में 6 नाम
जनरल बाजवा 29 को रिटायर हो जाएंगे। इसके बाद नए चीफ की नियुक्ति होगी। रेस में 6 नाम हैं। पाकिस्तानी सेना में COAS (चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) और CJCSC (चेयरमैन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी) की नियुक्ति साथ में होती है। इसके लिए 4 स्टार रैंकिंग पा चुके जनरल्स दावेदारी करते हैं।

बाजवा ने एक्सटेंशन लेने से कर दिया था इनकार

  • पाकिस्तान में सेना प्रमुख की नियुक्ति तीन साल के लिए होती है, लेकिन जनरल बाजवा को राजनीतिक ड्रामे के बाद 2019 में तीन साल का अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया।
  • इमरान खान की पार्टी PTI को सत्ता दिलाने में बाजवा की अहम भूमिका मानी जाती है, इसलिए इमरान ने उनका टेन्योर बढ़ाया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सर्विंग चीफ्स की फिर से नियुक्ति पर कानून की मांग की।
  • संसद ने जनवरी 2020 में कानून बनाया, जिसके तहत प्रधानमंत्री को सर्विंग चीफ्स के कार्यकाल का विस्तार करने की अनुमति मिली। हालांकि इसमें यह भी तय कर दिया गया कि 64 साल की उम्र में सर्विंग चीफ को हर हाल में रिटायर होना होगा। मौजूदा आर्मी चीफ जनरल बाजवा अभी केवल 61 वर्ष के हैं। वे चाहते तो एक्सटेंशन ले सकते थे।
  • पाकिस्तानी मिलिट्री सोर्सेस की तरफ से यह बात साफ कर दी गई है कि बाजवा 29 नवंबर में रिटायर हो जाएंगे। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग, यानी इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने भी साफ कर दिया है कि आर्मी चीफ रिटायर हो रहे हैं।