पाकिस्तान / अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद कोर्ट में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर टेरर फंडिंग के आरोप तय

17 जुलाई काे गिरफ्तारी के बाद से हाफिज लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। 17 जुलाई काे गिरफ्तारी के बाद से हाफिज लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है।
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17 जुलाई काे गिरफ्तारी के बाद से हाफिज लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है।17 जुलाई काे गिरफ्तारी के बाद से हाफिज लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है।

  • हाफिज सईद पर एनजीओ के नाम पर आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने का आरोप
  • आतंकी संगठनों पर कार्रवाई न करने पर एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी थी
  • आंतक के खिलाफ कार्रवाई करने के मामले में पाकिस्तान 40 में से 32 पैरामीटर पर फेल रहा: एपीजी रिपोर्ट

दैनिक भास्कर

Dec 11, 2019, 04:06 PM IST

इस्लामाबाद. मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर बुधवार को पाकिस्तान की अदालत ने टैरर फंडिग के आरोप तय कर दिए। हाफिज पर अपने एनजीओ के जरिए आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने का आरोप है। एंटी टेररिज्म कोर्ट (एटीसी) ने उसके 4 सहयोगियों पर भी आरोप तय किए। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की पुलिस ने 3 जुलाई को हाफिज और उसके 13 सहयोगियों के खिलाफ 23 एफआईआर दर्ज की थीं। सभी के खिलाफ एंटी टेरेरिज्म एक्ट 1997 के तहत, टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले दर्ज हुए थे।

हाफिज सईद को 17 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। तब से वह लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद था। 24 जुलाई को आतंकवाद निरोधी अदालत के जज सैयद अली इमरान ने आतंकवाद विरोधी विभाग से जांच पूरी करके 7 अगस्त तक रिपोर्ट देने को कहा था।

अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद आतंकियों पर कार्रवाई

आतंकी संगठनों को मिल रही आर्थिक मदद और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने उसे ब्लैक लिस्ट में डालने की चेतावनी दी थी। इसके बाद हाफिज के संगठनों, जमात-उद-दावा, लश्कर-ए-तैयबा और फलाह-ए-इंसानियत के खिलाफ जांच शुरू की गई थी। पंजाब पुलिस ने मार्च में जमात के 160 मदरसे, 32 स्कूल, दो कॉलेज, चार अस्पताल, 178 एंबुलेंस और 153 डिस्पेंसरी को सीज कर दिया था। सईद का संगठन जमात-उद-दावा, करीब 300 मदरसे, स्कूल, अस्पताल, एक पब्लिशिंग हाउस और एंबुलेंस सर्विस चलाता है।

टेरर फंडिंग पर एपीजी कर चुका आलोचना

एफएटीएफ से जुड़े एशिया पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) ने कहा था कि पाकिस्तान ने यूएनएससीआर 1267 के प्रावधानों को ठीक तरह से लागू नहीं किया। एपीजी ने 228 पेज की रिपोर्ट में कहा था कि पाकिस्तान 40 में से 32 पैरामीटर पर फेल रहा। वह मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज समेत दूसरे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहा। पाकिस्तान को आईएसआई, अलकायदा, जमात-उद-दावा, जैश-ए-मोहम्मद समेत दूसरे आतंकी संगठनों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के मामले की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रहा।

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