पाकिस्तान के डिप्लोमैट बर्खास्त:इटली में महिला का यौन शोषण करने वाले नदीम रियाज हटाए गए, हर्जाना भी देना होगा

इस्लामाबाद/रोम4 महीने पहले

इटली में पाकिस्तान के हेड ऑफ द मिशन को महिला स्टाफर के यौन शोषण के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। आरोपी डिप्लोमैट का नाम नदीम रियाज है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एम्बेसी में तैनात एक महिला अफसर का यौन शोषण किया था। इस मामले की जांच इटली और पाकिस्तान में हुई थी। विक्टिम ग्रेड 20 की अफसर है। फिलहाल, पाकिस्तान सरकार की इस मामले पर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कौन है महिला अफसर
‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित महिला अफसर का नाम सायरा इमदाद अली है। वो मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स में ग्रेड 20 की अफसर हैं और 4 साल पहले रोम एम्बेसी में तैनात थीं। तब रियाज वहां हेड ऑफ द मिशन थे। दो साल पहले वो रिटायर हो चुके हैं।

सायरा ने नदीम पर आरोप कुछ वक्त पहले लगाए थे। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था- एम्बेसी में हेड ऑफ द मिशन नदीम रियाज ने वर्क प्लेस पर मुझसे बदसलूकी (यौन शोषण) की है।

सायरा इमदाद अली ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट में खुद जानकारी दी कि नदीम रियाज के खिलाफ वो केस जीत गई हैं।
सायरा इमदाद अली ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट में खुद जानकारी दी कि नदीम रियाज के खिलाफ वो केस जीत गई हैं।

नदीम का क्या होगा
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नदीम रियाज की नौकरी तो गई ही, अब उन्हें 50 लाख रुपए (पाकिस्तानी करंसी) हर्जाना भी सायरा को देना होगा। जांच रिपोर्ट की एक कॉपी इस्लामाबाद में मिनिस्ट्री ऑफ फॉरेन अफेयर्स को भी भेजी जाएगी।

सायरा को इंसाफ पाने में 4 साल लग गए। उन्होंने यह शिकायत 2018 में की थी। सायरा ने कहा था कि रियाज अकसर उन्हें अपने साथ दूसरे देशों के दौरों पर चलने को कहते थे। कई बार इसका काम से कोई ताल्लुक नहीं होता था। इसके बावजूद उन पर दबाव डाला जाता था। सायरा ने ये भी कहा था कि नदीम ने उन पर अपने घर के बगल में ही रहने का दबाव डाला था। वो जिस भाषा में बात करते थे, वो बहुत आपत्तिजनक होती थी।

विदेश में फजीहत पहले भी हुई
इसी साल जनवरी में पाकिस्तान को अमेरिका में शर्मसार होना पड़ा था। तब इमरान खान प्रधानमंत्री और शाह महमूद कुरैशी विदेश मंत्री थे। वॉशिंगटन में मौजूद पाकिस्तानी एम्बेसी के कई स्टाफर्स ने यह कहते हुए नौकरी छोड़ दी थी कि उन्हें कई महीनों से सैलरी नहीं मिली। इस बात का खुलासा पाकिस्तान के ही अखबार ‘द न्यूज’ ने किया था।

इसके पहले, सर्बिया में मौजूद पाकिस्तानी एम्बेसी के इंचार्ज ने तो सोशल मीडिया पर तब के प्रधानमंत्री इमरान खान को टैग करके पोस्ट किया था। इसमें कहा था- महंगाई सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ रही है, ऐसे में आपको क्या लगता है कि हम सरकारी मुलाजिम कब तक चुप रहेंगे और कब तक बिना सैलरी के काम करेंगे? तीन महीने से सैलरी नहीं मिली। फीस न भरने के कारण बच्चों को मजबूरन स्कूल छोड़ना पड़ा। क्या यही आपका नया पाकिस्तान है? ऐसे ट्वीट के लिए माफी, लेकिन हमारे पास और कोई चारा नहीं है।