गर्मी से भारत के पड़ोसी भी बेहाल:पाकिस्तान में 61 साल का रिकॉर्ड टूटा, पारा 48 डिग्री पार; नेपाल-बांग्लादेश में भी यही हाल

4 महीने पहले

पाकिस्तान में 61 साल का रिकॉर्ड तोड़ रही गर्मी के बीच झुलस रही जनता पर दोहरी मार पड़ गई है। लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में जबरदस्त हीटवेव के हालात हैं। कई इलाकों में तापमान 48 डिग्री के भी पार पहुंच गया है। इसके चलते अचानक बढ़ी बिजली की मांग के सामने पावर सिस्टम फेल हो गया है। नतीजतन देहातों में 18 घंटे, जबकि शहरों में 12 घंटे तक बिजली गुल हो रही है।

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सबसे ज्यादा बिजली कटौती खैबर पख्तूनवा एरिया में हो रही है। उसके बाद कराची, सिंध और बलोचिस्तान प्रांतों में भी बड़े पैमाने पर बिजली कटौती की जा रही है। राजधानी इस्लामाबाद और उससे सटे रावलपिंडी व दूसरे सबसे बड़े शहर लाहौर में फिर भी बिजली कटौती में थोड़ी राहत है, लेकिन यहां भी 6 से 10 घंटे तक बिजली के दर्शन नहीं हो रहे हैं।

लाहौर में गर्मी से बचने के लिए बच्चों से लेकर बड़ों तक को नहर में नहाते देखा गया है।
लाहौर में गर्मी से बचने के लिए बच्चों से लेकर बड़ों तक को नहर में नहाते देखा गया है।

तेल-गैस खत्म होने से थर्मल प्लांट बंद, 8 हजार मेगावाट बिजली की कमी
लोकल मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आर्थिक संकट में फंसी सरकार पर्याप्त तेल और गैस की व्यवस्था नहीं कर पा रही है। इनकी कमी के चलते थर्मल प्लांट्स बंद हो रहे हैं और बिजली उत्पादन घट गया है, जिसके चलते मांग के मुताबिक बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है।

डान न्यूजपेपर की रिपोर्ट में बिजली विभाग के एक अधिकारी के हवाले से फिलहाल 7 से 8 हजार मेगावाट तक बिजली उत्पादन घटने की जानकारी दी गई है। इस अधिकारी ने गर्मी बढ़ने और बारिश नहीं होने की हालत में अगले कुछ दिन के दौरान हालात और ज्यादा खराब होने का डर जताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिजली कटौती का असर व्यापार और फैक्ट्रियों पर भी पड़ा है।

रमजान में भी पावर कट से जनता में गुस्सा
रिपोर्ट में कहा गया है कि रमजान का महीना होने के बावजूद घंटों बिजली गुल रहने से लोगों में बेहद गुस्सा है। छोटे व्यापारी भी परेशान हैं। एक दर्जी ने कहा कि मुझे डर है कि लगातार पावर कट होने के चलते अपने कस्टमर्स को तय समय पर ईद के लिए सिलाए जा रहे कपड़े नहीं दे पाऊंगा।

भयंकर गर्मी के कारण बिजली आते ही लोग तत्काल पंखे तलाश रहे हैं।
भयंकर गर्मी के कारण बिजली आते ही लोग तत्काल पंखे तलाश रहे हैं।

बिजली विभाग को ईद का इंतजार
बिजली विभाग अब इस संकट से निकलने के लिए ईद-उल-फितर के त्योहार का इंतजार कर रहा है। कराची इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि ईद के बाद कॉमर्शियल गतिविधियां घट जाती हैं, जिससे बिजली की डिमांड कम हो जाती है। इस्लामाबाद इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी के प्रवक्ता ने जल्दी ही पॉवर जनरेशन बढ़ने की उम्मीद जताई है, जिससे पावर कट कम हो जाएंगे।

हीटवेव के कारण भयंकर बाढ़ का खतरा
पाकिस्तान की नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने जबरदस्त हीटवेव के कारण देश में भयंकर बाढ़ आने का खतरा जताया है। अथॉरिटी का कहना है कि देश के उत्तरी हिस्से में तापमान और ज्यादा बढ़ने पर ग्लेशियर तेजी से पिघलकर बाढ़ पैदा कर सकते हैं।

लू के कारण पाकिस्तान में फसल बर्बादी के कगार पर

  • 47 डिग्री सेल्सियस के अधिकतम तापमान के साथ डेरा गाजी खान शुक्रवार को पाकिस्तान का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा।
  • 50 डिग्री सेल्सियस तक अधिकतम पारा कुछ शहरों में पहुंचने की आशंका जताई है पाक मौसम विभाग ने।
  • 10 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है पाकिस्तान में। इसका बड़ा कारण परंपरागत ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता।

जलवायु परिवर्तन के कारण दक्षिण एशिया के अन्य देशों में प्रचंड गर्मी
नेपाल : चार शहरों में इस साल पारा औसत से ज्यादा

नेपाल में भी भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। नेपाल के तराई वाले क्षेत्रों में आम तौर पर मई और जून में गर्मी का दौर तेज रहता है। अभी नेपाल के नेपालगंज में 39.3 डिग्री, धनगढ़ी में 39.1, दिपयाल में 37.6 और बीरेंद्रनगर में पारा 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नेपाल के इन शहरों में ये औसत अधिकतम तापमान से अधिक है।

श्रीलंका : मार्च पिछले 22 साल में सबसे गर्म रहा
श्रीलंका के कई शहरों में मार्च के दौरान पारा पिछले 22 साल में सर्वाधिक रहा। गॉल और मतारा जिलों में पारा 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि औसम अधिकतम तापमान से लगभग 5 डिग्री ज्यादा है। श्रीलंका के मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिमी मानसून के आगमन के बाद ही गर्मी से निजात मिल पाएगी।

अफगानिस्तान: कश शहर में 40 डिग्री पारा
पाकिस्तान की सीमा से लगते अफगानिस्तान के कश शहर में पारा शुक्रवार को रिकॉर्ड 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये पिछले कई सालों का रिकॉर्ड है। अफगानिस्तान के दक्षिणी शहरों में पारा ऊंचाई पर है। जलालाबाद और मजार-ए-शरीफ में भी पारा औसत से लगभग 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया है।

बांग्लादेश: तीन शहरों में औसत से 7 डिग्री अधिक तापमान
बांग्लादेश के राजशाही, पबना और चौदंगा शहरों में अप्रैल के महीने में अधिकतम पारा सामान्य से लगभग 7 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। यहां का औसत तापतान 35 डिग्री सेल्सियस रहता है जो कि इस बार 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। ढाका और अन्य शहरों में आने वाले हफ्ते में बारिश के आसार हैं।