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पाकिस्तान में बाढ़, एक महीने में 300 मौतें:सबसे ज्यादा बलूचिस्तान में 111 लोगों की जान गई, 10 जिलों में हाई अलर्ट जारी

इस्लामाबाद4 महीने पहले
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पाकिस्तान अब बाढ़ और बारिश से बेहाल है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि अब तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ रिपोर्ट्स में 304 और 314 लोगों की मौत होने का दावा किया जा रहा है। सबसे ज्यादा दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में 111 लोगों की मौत हुई है। कराची, पंजाब, सिंध प्रांत में हालात गंभीर बने हुए हैं।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 31 जुलाई तक भारी बारिश होगी। बलूचिस्तान के 10 जिलों में हाई अलर्ट है।

पाकिस्तान आर्मी और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
पाकिस्तान आर्मी और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।

10,000 घरों को हुआ नुकसान
देश के चीफ सेक्रेटरी अब्दुल अजई अकीलीक ने बताया कि भारी बारिश के चलते सबसे खराब हालात बलूचिस्तान में बने हैं। यहां बाढ़ से करीब 10 हजार घरों को नुकसान पहुंचा है। इतना ही नहीं 16 डैम की दीवारों को भी नुकसान हुआ है। 2,400 सोलर पैनल भी खराब हो गए हैं।

अजई ने बताया कि मानसून के दौरान पिछली बारिश की तुलना में 500 प्रतिशत से ज्यादा बारिश देखी गई है।
अजई ने बताया कि मानसून के दौरान पिछली बारिश की तुलना में 500 प्रतिशत से ज्यादा बारिश देखी गई है।

भारी बारिश से सड़कें टूटीं
अकीलीक ने कहा- भारी बारिश के चलते आई बाढ़ से करीब 650 किलोमीटर सड़क टूट गई है। कराची से क्वेटा जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को घर में रहने की सलाह दी जा रही है।

पाकिस्तान की सड़कें पानी में लबालब भरी हुई हैं। हालात इस बिगड़ चुके हैं कि लोगों को जरूरत का सामान लेने के लिए भी कमर तक पानी से गुजरना पड़ रहा है।
पाकिस्तान की सड़कें पानी में लबालब भरी हुई हैं। हालात इस बिगड़ चुके हैं कि लोगों को जरूरत का सामान लेने के लिए भी कमर तक पानी से गुजरना पड़ रहा है।
बारिश के पानी की निकासी न होने की वजह से वॉटर लॉगिंग की समस्या पैदा हो गई है।
बारिश के पानी की निकासी न होने की वजह से वॉटर लॉगिंग की समस्या पैदा हो गई है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी के एक अधिकारी ने बताया कि बाढ़ से 1962 में बना हब ब्रिज टूट गया।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी के एक अधिकारी ने बताया कि बाढ़ से 1962 में बना हब ब्रिज टूट गया।
पाकिस्तान में सबसे खतरनाक बाढ़ 2010 में आई थी जब 2000 लोगों की जान गई थी, जबकि 2 करोड़ से ज्यादा लोग विस्थापित हुए थे।
पाकिस्तान में सबसे खतरनाक बाढ़ 2010 में आई थी जब 2000 लोगों की जान गई थी, जबकि 2 करोड़ से ज्यादा लोग विस्थापित हुए थे।

पर्यावरणीय तौर पर पाकिस्तान 8वां सबसे कमजोर देश
पाकिस्तान में आम तौर पर मानसून जून से सितंबर तक रहता है। यह सीजन फसलों की सिंचाई के लिए खास होता है, लेकिन हर साल इसी समय सबसे ज्यादा बाढ़ भी आती है। हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि नष्ट हो जाती है। ग्लोबल क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान पर्यावरणीय तौर पर आठवां सबसे कमजोर देश है।