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रिश्तों में दरार:पाकिस्तान ने अफगानिस्तान जाने वाली फ्लाइट्स रद्द कीं, तालिबान पर दखलंदाजी का आरोप

काबुल/इस्लामाबाद3 महीने पहले
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान की तालिबान हुकूमत के रिश्तों में तनाव आ गया है। पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइंस कंपनी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) ने अफगानिस्तान जाने वाली सभी उड़ानें बंद करने का फैसला कर लिया है। गुरुवार से इसकी शुरुआत भी हो गई।

पाकिस्तान की इमरान खान सरकार और PIA दोनों को लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं कि तालिबान के आला हुक्मरान PIA के फ्लाइट ऑपरेशन में तमाम तरह के अड़ंगे लगा रहे हैं और शायद वे चाहते ही नहीं कि पाकिस्तान की कोई प्राईवेट फ्लाइट काबुल या अफगानिसतान की सरजमीं पर लैंड करे।

स्टाफ को धमकाया गया
‘जियो न्यूज’ के मुताबिक, अफगानिस्तान और खासकर काबुल एयरपोर्ट पर पाकिस्तान एयरलाइंस के कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। तालिबान के वहां मौजूद अधिकारी फ्लाइट ऑपरेशन में दखलंदाजी कर रहे हैं। यही वजह है कि फ्लाइट ऑपरेशन बंद करने का फैसला लिया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने पाकिस्तान से कहा था कि वो फ्लाइट्स की टिकट के दाम कम करना होंगे। तालिबान का आरोप है कि मुश्किल वक्त का पीआईए फायदा उठा रही है, अगस्त के बाद टिकट काफी महंगे कर दिए गए हैं। पाकिस्तान इसके लिए तैयार नहीं था।

महंगे टिकट से मुनाफा कमाने का आरोप
कुछ दिन पहले तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने PIA और अफगान एयरलाइंस से कहा था कि वो लोगों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। अगस्त के बाद टिकट के दाम तीन गुना तक बढ़ा दिए हैं। आम अफगानी यह टिकट नहीं खरीद सकता। तालिबान ने कहा था- अगर टिकट सस्ते नहीं किए गए तो फ्लाइट्स ही बंद कर दी जाएंगी। काबुल में फिलहाल, पाकिस्तान की PIA फ्लाइट्स ही रेग्युलर बेसेस पर आ रहीं थीं।

तालिबान का आरोप सही
पाकिस्तान के ‘आज टीवी’ के मुताबिक, PIA ने काबुल से इस्लामाबाद के टिकट की प्राइस करीब 4 लाख पाकिस्तानी रुपए कर दिया है। खास बात अगस्त में यही टिकट महज 20 हजार 500 रुपए में मिल रहा था। साफ तौर पर नजर आ रही है कि सिर्फ 2 महीने में टिकट का रेट कई गुना बढ़ा दिया गया और इसका सीधा फायदा पाकिस्तान की इमरान सरकार उठा रही थी। तालिबान इसी हरकत से नाराज था।

तालिबान हुकूमत का रुख इतना सख्त था कि उसने पैसेंजर्स को एक टोल फ्री नंबर देकर कहा था कि अगर टिकट की ज्यादा कीमत वसूली जाए तो हुकूमत से संपर्क करें। 15 अगस्त को काबुल पर तालिबानी कब्जे के बाद करीब एक लाख लोग महंगे टिकट खरीदकर मुल्क से बाहर गए।

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