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पाकिस्तान में सड़कों पर सेना तैनात, लेकिन कोरोनावायरस का इलाज कर रहे डॉक्टर नाराज, सरकार को अमेरिकी मदद का इंतजार

4 महीने पहले
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तस्वीर रावलपिंडी की है। यहां मंगलवार को लॉकडाउन लागू कराने के लिए आर्मी ने सड़क पर मार्च निकाला।
  • अधिकारियों ने माना कि वे कोरोना से लड़ने में सक्षम नहीं, क्योंकि पाकिस्तान का हेल्थ सिस्टम बेहद खराब है
  • कोरोना का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि सरकार को उनकी सेफ्टी की फिक्र नहीं, उन्हें भी संक्रमण का खतरा
  • पाकिस्तान में अब तक 900 से ज्यादा मामले आए, 6 मौतें हुईं, 22 हजार से ज्यादा संदिग्ध टेस्ट रिपोर्ट के इंतजार में
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इस्लामाबाद से हनीन अब्बास. कोरोनावायरस की वजह से पाकिस्तान में भी हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद लोग लॉकडाउन तोड़ रहे थे। इसलिए अब पूरे देश में सेना तैनात कर दी गई है। आर्मी जनरल कमर जावेद बाजवा ने आदेश दिया कि सेना पूरे पाकिस्तान में लॉकडाउन कराने और लोगों का इलाज करने में स्थानीय प्रशासन की मदद करेगी। हालांकि पाकिस्तान के अस्पतालों में कोरोनावायरस के इलाज के लिए अभी तक पर्याप्त इंतजाम नहीं हो सके हैं। न ही डॉक्टरों के लिए सुरक्षा के सामान मौजूद हैं। इसे लेकर डॉक्टर नाराज हैं। वहीं, इमरान सरकार अमेरिका से आर्थिक मदद मिलने के इंतजार में है।

तस्वीर रावलपिंडी की है। यहां मगलवार को सेना का काफिला सड़कों पर निकला।

पाकिस्तान में अब तक कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 900 के पार पहुंच गई है। 6 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले रविवार को देश को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा था कि चीन और इटली जैसे देशों की तरह वे पूरे देश को लॉकडाउन नहीं कर सकते, लेकिन लोगों को खुद ही घर पर रहना होगा। क्योंकि लॉकडाउन से दिहाड़ी मजदूरों की दिक्कतें बढ़ेंगी। देश को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, बाद में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते आर्मी बुलाने का फैसला करना पड़ा। इंटर सर्विस पब्लिक रीलेशंस के मेजर जनरल बाबर इफ्तिकार ने इस बारे में कहा कि सेना कि यह तैनाती ऐसे वक्त में की जा रही है, जब देश की पश्चिमी सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल पर बड़ी संख्या में आर्मी के जवान पहले से ही तैनात हैं। इस काम के लिए देश में मौजूद सेना और मेडिकल संसाधन जरूरत के मुताबिक ही इस्तेमाल होंगे।

जवान लॉकडाउन तोड़ने वालों को हिदायत दे रहे हैं।

पाकिस्तान में 14 लैब में ही कोरोनावायरस का टेस्ट हो रहा था, अब कई लैब में बंद 
एक तरफ पाकिस्तान में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, दूसरी तरफ हजारों संदिग्ध अपनी रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं। पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि अभी भी 22 हजार से ज्यादा संदिग्ध कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। पाकिस्तान में 14 लैब में ही कोरोना का टेस्ट हो रहा था, लेकिन अब कई लैब में टेस्ट होना भी बंद हो गए हैं। कराची के आगा खान हॉस्पिटल के प्रवक्ता ने टेलीफोन पर भास्कर से इस बात की पुष्टि की है कि उनकी लैब में अब कोरोना टेस्ट होना बंद हो गए हैं, क्योंकि उनके पास अब क्षमता नहीं है।

तस्वीर रावलपिंडी शहर की है। यहां लॉकडाउन के बाद सड़क पर इक्का-दुक्का वाहन ही चल रहे हैं।

अमेरिका ने कोरोना से लड़ने के लिए पाकिस्तान को 1 मिलियन डॉलर की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है 
अधिकारियों ने भास्कर को बताया कि कैश की समस्या और आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान को कोरोना के खिलाफ लड़ने में अमेरिकी मदद का इंतजार है। पिछले हफ्ते अमेरिका ने घोषणा की थी कि उनकी सरकार कोरोना से लड़ने के लिए पाकिस्तान को 1 मिलियन डॉलर की आर्थिक मदद देने की तैयारी कर रही है। दक्षिण एशियाई मामलों की अमेरिकी प्रिंसिपल डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी एलिस वेल्स ने शुक्रवार को यूएसएड (USAID) प्रोग्राम के तहत पाकिस्तान को 1 मिलियन डॉलर देने की घोषणा की थी। पाकिस्तान की कॉमर्स मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने भास्कर को बताया ''हम उत्सुकता से अमेरिकी मदद का इंतजार कर रहे हैं। ईमानदारी से कहूं तो हम इस कोरोना से निपटने में सक्षम नहीं हैं।''

रावलपिंडी में जरूरी सुविधाओं के लिए कतार लग रही है।

कोरोना से पाकिस्तान की हालत और खराब हो सकती है, क्योंकि यहां हेल्थ सिस्टम बहुत खराब
21 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले देश को अपने न्यूक्लियर स्टेट होने पर गर्व है। लेकिन यहां पर कोरोनावायरस से निपटने के लिए पुख्ता संसाधन ही नहीं हैं। पाकिस्तान में सिर्फ 25 हजार टेस्टिंग किट ही हैं। पाकिस्तान सरकार के एक बड़े अधिकारी ने ऑफ द रिकॉर्ड बताया है कि संसाधनों की कमी होने के कारण पाकिस्तान कोरोना के खिलाफ लड़ाई हार सकता है। कोरोनावायरस के मामले बढ़ने के बाद सरकार ने 1 लाख कोरोना टेस्टिंग किट कनाडा से मंगाई हैं, लेकिन अभी तक ये पहुंची नहीं हैं।

गाजा कस्बे में सैनेटाइजर का छिड़काव करते हेल्थ वर्कर।

एक तरफ सरकार का कहना है कि वे कोरोना महामारी से निपटने में सक्षम है, लेकिन दूसरी तरफ एक्सपर्ट का मानना है कि हेल्थ सिस्टम में खामी और संसाधनों की कमी के कारण पाकिस्तान कोरोना से बुरी तरह प्रभावित होने वाला अगला देश बनने जा रहा है। इस्लामाबाद के एक डॉक्टर जीशान कहते हैं, ''देश में लगातार कोरोना के बढ़ते मामले दिखाते हैं कि हम कोरोना से लड़ाई हार रहे हैं।'' पाकिस्तान का हेल्थ सिस्टम पूरी तरह फेल है। डब्ल्यूएचओ के आकंड़े बताते हैं कि हर 5 हजार पाकिस्तानी पर सिर्फ 3 बेड हैं। इस पर जीशान कहते हैं कि हमारे देश के हेल्थ सिस्टम से किसी चमत्कार की उम्मीद नहीं कर सकते हैं।

सुरक्षा संसाधनाें के बिना इलाज कर रहे डॉक्टरों ने हड़ताल की धमकी दी 
कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों का आरोप है कि इस बीमारी से संक्रमित होने का खतरा उन पर भी है, क्योंकि सरकार ने उन्हें 'पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट' मुहैया नहीं कराए हैं। सरकार की तरफ से जरूरी इक्विपमेंट और किट नहीं मिलने के कारण राजधानी इस्लामाबाद स्थित 4 सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों ने 24 मार्च से हड़ताल पर जाने की धमकी दी है। यंग डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान के प्रवक्ता ने बताया कि हमने 24 मार्च से हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है और ये तब तक जारी रहेगी, जब तक सरकार की तरफ से हमें पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट नहीं मिल जाते।'
सरकार ने उन अस्पतालों में भी आइसोलेशन वॉर्ड बना दिए हैं, जहां एक ही एंट्री गेट है। डॉक्टरों ने इसकी भी आलोचना की है। एसोसिएशन के प्रवक्ता ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, 'देखिए! अस्पतालों में आइसोलेशन वॉर्ड इस तरह से बनाए हैं, जहां कोरोना संक्रमित मरीज, सामान्य रोगी, डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारी एक ही गेट से आना-जाना कर रहे हैं। इससे सामान्य रोगियों, डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों के भी संक्रमित होने का खतरा है।'

कोरोना का इलाज कर रहे डॉक्टर मिल रही सुविधाओं से नाराज हैं, उन्होंने हड़ताल की धमकी दी है।

भास्कर को अलग-अलग सूत्रों ने कन्फर्म किया है कि बड़ी संख्या में डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स और अस्पतालों के बाकी कर्मचारियों को इस वायरस से बचने के लिए प्रोटेक्टिव किट नहीं दी गई है। यंग कंसल्टेंट डॉक्टर के चेयरमैन ने भास्कर को बताया, 'हमने सरकार से कई दफा पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट देने की मांग की है। लेकिन, किसी ने भी हमारी चिंताओं को सुनने की जहमत नहीं उठाई। हमारे पास हड़ताल पर जाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।'

पाक में रविवार से लॉकडाउन, अगले हफ्ते तक खाने का सामान सस्ता हो सकता है
रविवार सुबह से पाकिस्तान में लॉकडाउन लागू है। इसके बाद से सड़कें खाली हो गई। मॉल खाली हो गए। फूड स्ट्रीट और पार्क बंद हो गए। लेकिन पाकिस्तान में लॉकडाउन के पहले दिन अस्पतालों में भीड़ देखी गई। कई शहरों में भी लोग एक दिन बाद ही सड़क पर आ गए। इसके चलते सेना को बुलाना पड़ा है। वहीं, लॉकडाउन के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ने खाने का सामान और जरूरी चीजों की कीमतें कम करने के लिए अधिकारियों को एक खाका तैयार करने का निर्देश दिया है। पाकिस्तान के फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू से मिले आंकड़ों के मुताबिक, टमाटर के इंपोर्ट पर 5.5% इनकम टैक्स की वसूली कर रहा है। जबकि, सब्जियों पर कोई कस्टम ड्यूटी नहीं है। इसके अलावा सरकार प्याज के इंपोर्ट पर 20% सेल्स टैक्स और 5.5% इनकम टैक्स लगाती है।
इसके साथ ही सरकार आलू के इंपोर्ट पर भी 25% कस्टम ड्यूटी, 17% सेल्स टैक्स और 5.5% इनकम टैक्स वसूली की जा रही है। सरकार ने गेहूं पर 60%, गेहूं के आटे पर 25%, चीनी पर 40% और बोनलैस मीट (फ्रोजन) पर 5% टैक्स लगाया है। इन सबके अलावा दालों पर भी 2% इनकम टैक्स लगता है। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि सरकार अगले हफ्ते तक 20 सामानों पर ड्यूटी और टैक्स घटाने की तैयारी कर रही है।

कोरोना से मौत के बाद पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों की मौजूदगी में उनके शव दफनाए जा रहे हैं।

पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों की मौजूदगी में कोरोना से संक्रमित मरीज के शव दफनाए जा रहे 
कोरोना से संक्रमित मरीज की मौत के बाद पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों की मौजूदगी में उसके शव को दफनाया जा रहा है। पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने भास्कर को बताया, 'कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद सावधानी बरती जा रही है, ताकि उसके अंतिम संस्कार में आए लोग वायरस की चपेट में न आ सकें।' रविवार तक पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में भर्ती कोरोना संक्रमित 6 मरीज रिकवर होकर डिस्चार्ज हुए हैं। इंस्टीट्यूट में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने वाली टीम में शामिल डॉ. जीशान अवान ने बताया कि अल्लाह की दुआ से यहां 10 मरीज आए थे, उनमें से 6 ठीक होकर चले भी गए हैं।' 

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