• Hindi News
  • International
  • Pakistan Journalist Attacked Case Update; YouTuber Asad Ali Toor Betean By Army In Islamabad

पाकिस्तान में पत्रकार भी सुरक्षित नहीं:घर में घुसकर सेना के आलोचक जर्नलिस्ट के साथ मारपीट; मानवाधिकार संगठनों का आरोप- पत्रकारों की आवाज दबा रही इमरान सरकार

इस्लामाबाद6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पाकिस्तानी जर्नलिस्ट असद अली तूर पाक सेना के आलोचक रहे हैं। इसलिए वे हमेशा से सेना के निशाने पर रहते हैं। - Dainik Bhaskar
पाकिस्तानी जर्नलिस्ट असद अली तूर पाक सेना के आलोचक रहे हैं। इसलिए वे हमेशा से सेना के निशाने पर रहते हैं।

पाकिस्तान में आम लोगों के साथ-साथ अब पत्रकारों की सुरक्षा पर भी सवालिया निशान लगने लगे हैं। बुधवार को एक रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तानी जर्नलिस्ट असद अली तूर पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने इस्लामाबाद में असद के घर में घुसकर उनसे मारपीट की। उनके एक दोस्त ने बताया कि असद को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। वे पाक सेना के आलोचक रहे हैं। इसलिए वे हमेशा से सेना के निशाने पर रहते हैं।

इस बीच वहां के मानवाधिकार संगठनों ने इमरान सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकार साइबर क्रइम नियमों का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रही है। उनका मकसद सिर्फ पत्रकारों की आवाज को दबाना है।

पाकिस्तान की बदनाम करने के आरोप लग चुके
असद अपने यूट्यूब चैनल पर पाकिस्तान के आर्मी इस्टैब्लिशमेंट के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। पिछले साल यानी 2020 में उन पर साइबर क्राइम के तहत मामला भी दर्ज किया गया था। उन पर पाकिस्तान को बदनाम करने की साजिश रचने के आरोप भी लगे थे।

पिछले महीने भी एक पत्रकार पर हुआ था हमला
इससे पहले इस्लामाबाद में पिछले महीने 20 अप्रैल को अज्ञात बंदूकधारियों ने एक वरिष्ठ पत्रकार को उनके घर के बाहर गोली मार दी थी। उनका नाम अबसार आलम बताया गया था। उन पर हमला उस वक्त हुआ था, जब वह अपने घर के बाहर टहल रहे थे। आलम पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अथॉरिटी (PEMRA) के चेयरमैन भी थे। उनके पसलियों में गोली लगी थी।

विपक्ष ने भी की निंदा
पत्रकारों पर हमलों को लेकर विपक्षी दल PML-N की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने भी इमरान सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि असंतोष की आवाज को दबाना एक तरह से कैंसर जैसा हमारे देश में फैल गया है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी इस घटना की आलोचना करते हुए आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की थी।

खबरें और भी हैं...