पाकिस्तानी PM शहबाज के बेटे हमजा को झटका:​​​​​​​ सुप्रीम कोर्ट का आदेश- परवेज इलाही होंगे पंजाब के नए CM; मरियम बोलीं- न्यायिक तख्तापलट

इस्लामाबाद6 महीने पहले
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पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट ने परवेज इलाही को पंजाब का नया सीएम बनाने का आदेश दिया है। इससे पीएम शहबाज शरीफ के बेटे हमजा शहबाज की कुर्सी चली गई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पीएमएल-एन उपाध्यक्ष मरियम नवाज सहित पाकिस्तान की गठबंधन सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। मरियम ने एक ट्वीट में कहा, 'न्यायिक तख्तापलट।'

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री के चुनाव में डिप्टी स्पीकर मुहम्मद मजारी के फैसले को गैरकानूनी बताया। इसके बाद फैसला सुनाया कि पीटीआई के उम्मीदवार परवेज इलाही प्रांत के नए सीएम होंगे, क्योंकि मतदान में उनको 186 और हमजा को 179 वोट मिले थे। कोर्ट ने हमजा की ओर से की गई सभी नियुक्तियों को अवैध घोषित कर दिया।

अदालत ने पंजाब के राज्यपाल बाली उर रहमान को स्थानीय समयानुसार रात 11:30 बजे इलाही को शपथ दिलाने का भी आदेश दिया। साथ ही कहा कि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो राष्ट्रपति आरिफ अल्वी शपथ दिलाएंगे।

क्या है मामला
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के हमजा शहबाज ने पिछले हफ्ते पंजाब प्रांत में चुनाव जीता और मुख्यमंत्री बन गए। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बेटे हमजा को 179 वोट मिले। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल) के संयुक्त उम्मीदवार परवेज इलाही को 176 वोट मिले।

दरअसल, इलाही को 186 वोट मिले थे, जिसमें पीटीआई से 176 और पीएमएल से 10 वोट शामिल थे, लेकिन डिप्टी स्पीकर ने संविधान के अनुच्छेद 63-ए का हवाला देते हुए पीएमएल के 10 वोटों को खारिज कर दिया। इसके बाद पीटीआई ने SC में याचिका दायर कहा कि शहबाज सदन में बहुमत खो चुके हैं। कोर्ट ने डिप्टी स्पीक के फैसले को असंवैधानिक बताया है और 10 वोटों को जोड़ा। इसके बाद कहा कि इलाही को 186 वोट मिले थे, जो कि हमजा को मिले 179 वोटों से ज्यादा हैं।

इससे पहले, 16 अप्रैल को शहबाज 197 वोटों के साथ पंजाब के नए मुख्यमंत्री चुने गए थे, जिसमें पीटीआई के 25 सदस्यों के वोट भी शामिल थे। 20 मई को पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने पार्टी नेतृत्व के आदेश के खिलाफ चुनाव में शहबाज को वोट देने के लिए पीटीआई के 25 असंतुष्ट सदस्यों को हटा दिया।

बाद में ईसीपी ने पीटीआई को पांच आरक्षित सीटें आवंटित कीं और 17 जुलाई को शेष 20 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की। पीटीआई ने 15 सीटें जीतीं, जबकि पीएमएल-एन को चार सीटें मिलीं और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी चुनाव जीता।