पेशावर की सुनहरी मस्जिद के दरवाजे 24 साल बाद महिलाओं के लिए खोले गए, 1996 में आतंकवाद बढ़ने के बाद रोक लगी थी

3 वर्ष पहले
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सुनहरी मस्जिद के बाहर खड़ी महिला। फोटो- द डॉन - Dainik Bhaskar
सुनहरी मस्जिद के बाहर खड़ी महिला। फोटो- द डॉन
  • मस्जिद प्रशासन का कहना है कि ईद की नमाज के लिए भी महिलाओं को अनुमति दी जाएगी
  • मस्जिद के इमाम ने कहा- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मद्देनजर महिलाओं को राहत देने के मकसद से फैसला लिया

पेशावर. यहां की ऐतिहासिक सुनहरी मस्जिद के दरवाजे 24 साल बाद महिलाओं के लिए खोले गए। शनिवार को यह जानकारी पाकिस्तान के अखबार द डॉन ने दी। इसकी रिपोर्ट के मुताबिक, 1996 के बाद पहली बार शुक्रवार को 15-20 महिलाओं ने नमाज पढ़ी। यह मस्जिद सदर रोड स्थित केंटोनमेंट एरिया में मौजूद है। मस्जिद प्रशासन का कहना है कि ईद की नमाज के लिए भी महिलाओं को अनुमति दी जाएगी।

मस्जिद के इमाम ने बताया कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मद्देनजर सदर और अन्य क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को राहत देने के मकसद से लिया गया है। दरअसल, 1996 से पहले तक महिलाओं को शुक्रवार की नमाज के दौरान मस्जिद के ऊपरी हिस्से में मौजूद रहने की इजाजत थी। मगर बाद में आतंकवाद के बढ़ने के चलते महिलाओं का मस्जिद में नमाज पढ़ना बंद करवा दिया गया।

महिला ने कहा- यह सुविधा हर दिन होना चाहिए
इमाम ने बताया कि अब हमारे पास एक खुला हिस्सा है, जहां महिलाएं नमाज पढ़ सकती हैं। उसके पास ही एक अलग हिस्सा पुरुषों के लिए भी मौजूद है। इसी बीच, नमाज पढ़ने के बाद निकली महिला ने कहा- मैं बहुत खुश हूं। यह एक अच्छा फैसला है। ऐसी ही सुविधा हर दिन के लिए दी जानी चाहिए।