पाकिस्तान में तख्तापलट:इमरान खान को PM के पद से हटाने की तैयारी तेज, विपक्ष जल्द लाएगा अविश्वास प्रस्ताव

इस्लामाबाद7 महीने पहले
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को पद से हटाने के लिए विपक्ष ने तैयारी कर ली है। विपक्षी नेताओं ने सेना से भी कहा है कि जब इमरान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा तो इसमें दखल न दें। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के सह-अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने दावा किया है कि विपक्ष के पास 200 सांसदों का समर्थन है, जो इमरान खान और उनकी सरकार को हटाने के लिए पर्याप्त है।

पाकिस्तानी संविधान के अनुसार, विपक्षी दलों को अविश्वास मत जीतने के लिए 342 सीटों में से केवल 172 वोटों की आवश्यकता है। उनका कहना है कि पाकिस्तान में जिस तरह के हालात हैं, इन्हें देखकर ही हमने यह फैसला लिया है। हमने सेना से भी बात की है कि इस बार वह संवैधानिक दायरे में रहे और राजनेताओं को अपना काम करने दें। हमें उम्मीद है कि सेना न्यूट्रल रहेगी। अगर ऐसा होता है तो इमरान की सरकार को गिरने से कोई नहीं रोक सकता है। बिलावल ने बताया कि मार्च का पहला या दूसरा हफ्ता पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

बिलावल भुट्टो ने कहा कि सेना न्यूट्रल रही तो इमरान की कुर्सी जाना तय।
बिलावल भुट्टो ने कहा कि सेना न्यूट्रल रही तो इमरान की कुर्सी जाना तय।

उधर, PPP के सह-अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा, 'मैं बस इतना ही कह सकता हूं कि सब समय का खेल है। अविश्वास प्रस्ताव जितना दिखता है उससे कहीं अधिक जटिल है। जरदारी को इमरान सरकार के खिलाफ अविश्वास मत जीतने के लिए आवश्यक नंबर प्राप्त करने का काम सौंपा गया है।'

विपक्षी दलों का दावा- इमरान के कुछ मंत्री भी संपर्क में
विपक्षी दल न केवल अपने सहयोगियों से समर्थन की उम्मीद कर रहे हैं, बल्कि उनका दावा है कि सत्तारूढ़ पाकिस्तान-ए-इंसाफ (PTI) के कुछ सांसद भी उनके संपर्क में हैं और अपना फैसला लेने से पहले सेना से संकेत का इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, PTI में बड़ी संख्या में ऐसे नेता हैं, जिनका किसी राजनीतिक दल की विचारधारा से कोई मतलब नहीं है। उन्हें राजनीतिक पेशेवरों के रूप में जाना जाता है, जो हमेशा जीतने वाले पक्ष को चुनते हैं। यह लोग हर पार्टी के संपर्क में रहते हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि हारने वाली पार्टी कौन सी है।

इमरान खान को बाहर करना ही पहली प्राथमिकता
एक विशेषज्ञ का कहना है कि इन राजनेताओं के लिए अगले चुनाव के लिए निर्णय लेने का समय आ गया है। उन्हें पता है कि हवा का रूख PTI के खिलाफ है, लेकिन वे टिकट पाने का आश्वासन चाहते हैं। उधर, विपक्ष का दावा है कि उनकी पहली प्राथमिकता अविश्वास प्रस्ताव को जीतकर इमरान खान को सत्ता से बाहर करना है। फिर अन्य जरूरी मुद्दों जैसे प्रधानमंत्री कौन होगा, नई सरकार की संरचना क्या होगी, यह सरकार कितने समय तक चलेगी जैसी चीजों से निपटना होगा।

पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ विपक्षी दलों की मदद कर रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ विपक्षी दलों की मदद कर रहे हैं।

पूर्व PM नवाज शरीफ होंगे अगले प्रधानमंत्री
सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दल लंदन में मौजूद पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से सलाह मशविरा कर अपनी योजनाएं बना रहे हैं। नवाज संयुक्त विपक्ष का सबसे बड़ा हिस्सा हैं, इसलिए माना जा रहा है कि सरकार पलटने के बाद उनके भाई शाहबाज शरीफ प्रधानमंत्री बनेंगे, जबकि PPP को स्पीकर की सीट मिलेगी।

सदन को भंग कर सकते हैं इमरान
दूसरी ओर इमरान सेना के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश कर रहे हैं। वह अपने दोस्त से दुश्मन बने चीनी कारोबारी जहांगीर खान तक भी पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। खान की सत्ताधारी पार्टी के 30 से अधिक सांसदों पर नियंत्रण का दावा है। इसके अलावा इमरान सदन को भंग करने का फैसला भी ले सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विपक्ष के लिए हड़ताल करने का यह सही समय है।

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