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पाकिस्तान / भारत की सत्ताधारी पार्टी मुस्लिम विरोधी, उसने शांति की हर कोशिश नाकाम की: इमरान



Pak PM Imran Khan to Washington Post: Indian BJP government is anti muslim
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Pak PM Imran Khan to Washington Post: Indian BJP government is anti muslim

  • इमरान ने कहा- अमेरिका के लिए पाक किराए की बंदूक जैसा नहीं, संबंध बराबरी के आधार पर होंगे
  • \'आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में अमेरिका के साथ था पाक, हमारे 80 हजार लोग मारे गए लेकिन उन्होंने भरोसा नहीं किया\'

Dainik Bhaskar

Dec 07, 2018, 11:40 AM IST

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि भारत की सत्ताधारी पार्टी (भाजपा) मुसलमान और पाक विरोधी है। उसने मेरी तरफ से की गई शांति की हर कोशिश को नाकाम कर दिया। इमरान ने यह बात वॉशिंगटन पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कही। जुलाई में चुनाव जीतने के बाद अपने पहले संबोधन में इमरान ने कहा था कि भारत एक कदम आगे बढ़ेगा तो हम दो कदम चलेंगे। हाल ही में पाक ने भारत को सार्क समिट में शामिल होने का न्योता दिया था। इस पर सुषमा स्वराज ने कहा कि बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं हो सकते।

'मुंबई हमले के बारे में जानकारी ले रहा हूं'

  1. भारत मुंबई हमले के अपराधियों को सजा होते देखना चाहता है, इस सवाल पर इमरान ने कहा- मैंने सरकार से केस की हालिया स्थिति पता करने को कहा है। यह आतंकवाद से जुड़ा मसला था, हम इसे सुलझाना चाहते हैं। मुझे उम्मीद है कि जब भारत में चुनाव हो जाएंगे तो दोनों देशों में बातचीत शुरू हो सकेगी।

  2. इमरान ने कहा- पाक किसी आतंकी या आतंकी गुट को देश में पनाह नहीं दे रहा। जबसे मैं सत्ता में आया हूं, सुरक्षाबलों से मुझे बाकायदा जानकारी मिल रही है। मैं अमेरिका से पूछना चाहता हूं कि हमारे यहां आतंकी गुट कहां सक्रिय हैं? अगर अफगान सीमा पारकर 2-3 हजार तालिबान हमारे यहां आ गए हैं तो उन्हें अफगान शिविरों में भेज दिया जाएगा।

  3. इमरान के मुताबिक- पाक का 9/11 से कोई लेना-देना नहीं है। ओसामा अफगानिस्तान में था, इसमें किसी पाकिस्तानी की भूमिका नहीं थी। 1980 के दशक में पाक ने अफगानिस्तान में सोवियत सेनाओं के खिलाफ अमेरिका की मदद की, लेकिन उसे इसका नुकसान ही उठाना पड़ा। आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में हमारे 80 हजार लोग मारे गए। 150 अरब डॉलर (करीब 10.58 लाख करोड़ रुपए) का नुकसान हुआ। हमारे यहां न तो निवेशक आते हैं और न ही खेलने के लिए कोई टीम।

  4. 'आत्मसम्मान के साथ रिश्ता रखेंगे'

    इमरान ने कहा- अगर अमेरिका यह समझता है कि वह पाक को अपने मंसूबे पूरे करने के लिए किराए की बंदूक की तरह इस्तेमाल करेगा तो ऐसे में रिश्ता नहीं चल सकता। हम आत्मसम्मान के साथ अमेरिका से संबंध रखना चाहते हैं। अमेरिका से रिश्ते का मतलब यह कतई नहीं होगा कि हमारे यहां से किसी की जान जाए।

  5. पाक प्रधानमंत्री के मुताबिक- अगर चीन के साथ हमारे कारोबारी संबंध हैं तो ऐसा ही रिश्ता अमेरिका के साथ भी है। माना यह जाता है कि अगर आप अमेरिकी राजनीति के साथ सहमत नहीं है तो आप अमेरिका विरोधी हैं। इसे तो साम्राज्यवादी नजरिया माना जाना चाहिए।

  6. 'पाक पर भरोसा नहीं किया'

    इमरान ने कहा- आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी युद्ध में हम भी शामिल थे, हमारे नागरिक-सैनिक मारे गए लेकिन लादेन के खात्मे में हमारे सहयोगियों को हम पर ही भरोसा नहीं था। 

  7. 'कश्मीर अभी भी प्रमुख मुद्दा'

    पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा है कि भले ही सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर खोलने का फैसला किया हो, लेकिन कश्मीर अभी भी प्रमुख मुद्दा है। पाक सरकार जम्मू-कश्मीर विवाद पर बैकफुट पर नहीं आएगी। करतारपुर कॉरिडोर को खोलने का फैसला सिखों की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।

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