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हत्यारों की हौसलाअफजाई:श्रीलंकाई नागरिक के कत्ल पर इमरान के मंत्री बोले- बच्चे थे, मजहब का मामला था तो जोश में आ गए

इस्लामाबाद2 महीने पहले

पिछले हफ्ते पाकिस्तान के सियालकोट में भीड़ के हाथों मारे गए श्रीलंकाई नागरिक के हत्यारों का पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर परवेज खटक ने एक तरह से बचाव किया है। खटक ने वहशी भीड़ में शामिल हत्यारों को बच्चा बताया और कहा कि वो जोश और जज्बे में आकर होश खो बैठे थे। खटक ने ये भी कहा कि वो भी जवानी के दिनों में ऐसे ही थे। इस मामले में अब तक 132 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सोमवार को श्रीलंकाई नागरिक प्रियांथा दिव्यवदना के शव के हिस्सों को एक ताबूत में रखकर श्रीलंका भेजा गया। इस पर भी कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं।

हत्यारों का बचाव
सोमवार को परवेज खटक से मीडिया ने श्रीलंकाई नागरिक की हत्या के मामले में सवाल किए। इस पर खटक ने बेशर्मी से सफाई देने की कोशिश की। दरअसल, हत्या का आरोप तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) पर है। हत्यारों ने प्रियांथा को पहले बेरहमी से मारा। फिर उन्हें घसीटकर सड़क पर लाए और वहीं आग लगा दी।

खटक ने एक सवाल के जवाब में कहा- कत्ल इसलिए होते हैं कि क्योंकि लोग जज्बाती हो जाते हैं। इस बारे में आप किसी पर इल्जाम नहीं लगा सकते। TLP के मामले में हम सोच समझकर फैसले कर रहे हैं।

प्रियांथा के शव के अवशेष इसी ताबूत में सोमवार को श्रीलंका भेजे गए।
प्रियांथा के शव के अवशेष इसी ताबूत में सोमवार को श्रीलंका भेजे गए।

कत्ल की वजह सबको पता है
एक सवाल के जवाब में खटक ने कहा- आप सब इस घटना के पीछे की तमाम वजहों से वाकिफ हैं। जब बच्चे, बड़े होते हैं तो वो काफी इमोश्नल होते हैं। कई बार इन्हीं जज्बात में ऐसे काम हो जाते हैं। यह तो दीन का मामला था। मैं यह नहीं कह रहा कि यह एक एक्शन का रिएक्शन था। सियालकोट में भी यही हुआ। कुछ युवा जुटे। उन्होंने प्रियांथा पर इस्लाम की तौहीन का आरोप लगाया। इसके बाद अचानक यह लिंचिंग की घटना हुई। जब मैं जवान था तो मैं भी ऐसा ही था। इसका यह मतलब नहीं कि पाकिस्तान तबाही के रास्ते पर है।

कोलंबो एयरपोर्ट पर प्रियांथा को श्रद्धांजलि देते पाकिस्तानी एम्बेसी के अफसर।
कोलंबो एयरपोर्ट पर प्रियांथा को श्रद्धांजलि देते पाकिस्तानी एम्बेसी के अफसर।

मीडिया से बच रहे मंत्री
इस मामले में एक बात है और वो सोशल मीडिया पर नोटिस की जा रही है। प्रधानमंत्री इमरान खान और उनके मंत्री श्रीलंकाई नागरिक की मॉब लिंचिंग मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। इसकी वजह यह है कि अगले साल पाकिस्तान में आम चुनाव हैं।

इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) उसी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) से चुनावी गठबंधन करने की कोशिश कर रही है, जिस पर प्रियांथा के कत्ल का आरोप है। यह एक मजहबी पार्टी है और जिसने पिछले महीने हिंसक लॉन्ग मार्च के दौरान 12 पुलिसवालों की हत्या कर दी थी। इमरान के मंत्री TLP नेता साद रिजवी पर तो गुलाब की पंखुड़ियां बिखेर रहे थे, लेकिन वो मारे गए पुलिसवालों के घर नहीं गए।

ताबूत पर भी घिरी इमरान सरकार
सोमवार को प्रियांथा का शव उनके देश श्रीलंका भेजा गया। ताबूत पर सफेद कपड़ा लपेटा गया था और स्केच पेन से प्रियांथा के बारे में लिखा गया था। सोशल मीडिया यूजर्स का आरोप है कि इमरान खान सरकार ने शव को भी सम्मान नहीं दिया। दूसरी तरफ सरकार का कहना है कि श्रीलंकाई दूतावास ने साफ कहा था कि ताबूत पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं लपेटा जाए। इसलिए इसे सफेद कपड़े में लपेटा गया। ताबूत पर गेंदे के फूलों की माला डाली गई थीं।