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झूठा कौन:इमरान बोले- तालिबान पाकिस्तान से काबुल में बातचीत जारी; होम मिनिस्टर रशीद बोले- मुझे तो इसकी खबर नहीं

इस्लामाबाद17 दिन पहले
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले दिनों कहा था कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से काबुल में बातचीत चल रही है। दूसरी तरफ, उनकी ही सरकार के होम मिनिस्टर शेख रशीद ने यह कहकर चौंका दिया है कि TTP से बातचीत की उनके पास कोई जानकारी नहीं है।

इमरान ने तुर्की टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा था- हम पाकिस्तान तालिबान से बातचीत कर रहे हैं ताकि वो हमारे मुल्क में हमले करना बंद कर दे और आम लोगों की तरह रहे। हम उन्हें माफी देने को भी तैयार हैं।

पाकिस्तान में विरोध
TTP ने पेशावर के आर्मी स्कूल सहित सैकड़ों हमले पाकिस्तान में किए हैं। इनमें हजारों लोग मारे जा चुके हैं। जब इमरान ने TTP से काबुल में बातचीत का खुलासा किया तो इससे बवाल हो गया। लोगों ने कहा कि 140 बच्चों की जान लेने वाले आतंकी संगठन से बातचीत कैसे की जा सकती है।

रशीद का बयान क्यों अहम
रशीद के मुताबिक, उन्हें इस बात का कोई इल्म नहीं है कि TTP और पाकिस्तान सरकार के बीच कोई बातचीत चल रही है। ऐसे में सवाल पैदा होता है कि या तो इमरान झूठ बोल रहे हैं, या फिर रशीद सच नहीं बता रहे हैं। हालांकि, कुछ दिन पहले ही राष्ट्रपति आरिफ अल्वी और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी दोनों ने कहा था कि अगर TTP सरेंडर करके आम लोगों की तरह जिंदगी गुजारना चाहते हैं तो सरकार उन्हें माफ कर सकती है।

रशीद के मुताबिक- मुझे या मेरी मिनिस्ट्री के पास इस बात की जानकारी नहीं है कि अफगान तालिबान की मदद से काबुल में हमारी सरकार और TTP के बीच कोई बातचीत चल रही है। हमारा इसमें कोई रोल नहीं है। मेरा ये मानना है कि जिन आतंकियों ने देश को नुकसान पहुंचाया, उसने बातचीत नहीं की जानी चाहिए।

इमरान ने क्या कहा था
तुर्की टीवी को दिए इंटरव्यू में इमरान ने कहा था- पाकिस्तान सरकार और TTP के बीच अफगानिस्तान में शांति समझौते के लिए बातचीत चल रही है। अमन बहाली की कोशिश हो रही है, हम उन्हें माफी दे सकते हैं। बातचीत ही अफगानिस्तान में चल रही है। लिहाजा, आप कह सकते हैं कि वो हमारी मदद कर रहे हैं। मैं साफ कर देना चाहता हूं कि इस मसले का हल मिलिट्री एक्शन से नहीं निकल सकता। बातचीत तो होनी ही चाहिए।

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