पाकिस्तानी ISI एजेंट नेपाल में मारा गया:लाल मोहम्मद भारत में जाली नोट सप्लाई करता था, दाऊद की D-गैंग से भी जुड़ा था

काठमांडू4 दिन पहले
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नेपाल के काठमांडू में 19 सितंबर को एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में इंटेल एजेंसी ने बड़ा खुलासा किया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटेलिजेंस एजेंसी ने बताया कि मारा गया व्यक्ति पाकिस्तानी ISI एजेंट था। वह भारत भारत में जाली नोट भी सप्लाई करता था। इतना ही नहीं उसके कनेक्शन्स दाऊद की D कंपनी से भी थे।

फिलहाल हत्या किसने और क्यों की, यह पता नहीं चल सका है। हालांकि, पुलिस आशंका जता रही है कि हत्या पुरानी दुश्मनी के चलते की गई है।

नेपाल में बिजनेस करता था मृत ISI एजेंट
19 सितंबर को हत्या के बाद इस व्यक्ति की पहचान एक बिजनेसमैन के तौर पर हुई थी। आज यानी 22 सितंबर को इंटेलिजेंस एजेंसी ने खुलासा करते हुए कहा- 55 साल का लाल मुहम्मद ISI एजेंट था। वो पाकिस्तान और बांग्लादेश से नेपाल और भारत में फर्जी भारतीय नोट सप्लाई करता था। वह नेपाल आने वाले दूसरे ISI एजेंट्स को पनाह भी देता था। इसके अलावा वह दाऊद की डी गैंग के संपर्क में भी था।

नेपाल के काठमांडू में ISI एजेंट लाल मोहम्मद की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
नेपाल के काठमांडू में ISI एजेंट लाल मोहम्मद की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

अज्ञात हमलावरों ने की थी फायरिंग
नेपाल में रहने वाले ISI एजेंट लाल मोहम्मद पर 2 अज्ञात बाइक सवारों ने फायरिंग कर दी थी। गोलियां उसके सिर, छाती और पेट में लगी थीं। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों हमलावर फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

पुलिस से मांगी थी सिक्योरिटी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाल मोहम्मद पर किया गया ये दूसरा हमला था। 19 सितंबर से पहले भी एक बार उसे जान से मारने की कोशिश की गई थी। उसने काठमांडू पुलिस से प्रोटेक्शन मांगा था। लाल मोहम्मद ने पुलिस को एक एप्लिकेशन दी थी, जिसमें लिखा था- मेरी जान को खतरा है।

2007 में गिरफ्तार हुआ था मोहम्मद
नेपाल पुलिस के मुताबिक, लाल मोहम्मद एक कॉन्ट्रैक्ट किलर था। पुलिस ने बताया कि जुलाई 2007 में लाल मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। उसने काठमांडू के अनामनगर में जाली नोट बनाने वाले एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में D गैंग के शार्प शूटर मुन्ना खान को भी अरेस्ट किया गया था। कोर्ट ने इन्हें 10 साल की सजा सुनाई थी। लाल मोहम्मद के परिवार ने बताया कि जुलाई 2017 में जेल से रिहा होने के बाद उसने काठमांडू के गोठाटार में गारमेंट्स का बिजनेस शुरू कर दिया था।