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यूरोप में महंगाई:फूड आइटम खरीदने में लोग कमाई का 35% खर्च कर रहे; सरप्लस फूड ऐप महंगाई का तोड़ साबित हो रहा

लंदन19 दिन पहले
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यूरोप का मिडिल क्लास महंगाई की मार झेल रहा है। लोगों को फूड आइटम खरीदने में अपनी कमाई का 35% तक खर्च करना पड़ रहा है। इसके बीच, यूरोप के ब्रिटेन, इटली, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन जैसे 14 देशों में सरप्लस फूड ऐप लोगों के लिए महंगाई का तोड़ साबित हो रहा है। लगभग 2.5 करोड़ लोगों ने सरप्लस फूड ऐप्स को डाउनलोड किया है। इससे लगभग 40 लाख लोग रोज एक तिहाई दामों पर सरप्लस फूड खरीद पा रहे हैं।

सरप्लस फूड वो होता है जिसकी बेस्ट बिफोर डेट निकल जाती है, लेकिन ये फूड अगले दिन खाने के लिए पूरी तरह से सुरक्षित होता है। यूरोपीय यूनियन के मुताबिक, इन सरप्लस फूड ऐप के जरिए रोज लगभग दो लाख टन से ज्यादा खाने की बर्बादी रोकी जा रही है।

यूजर और विक्रेता दोनों को फायदा
सरप्लस फूड विक्रेता के लिए पूरी तरह से घाटा होता है। बेस्ट बिफोर की डेट निकलने के बाद कोई भी यूजर पूरे दाम चुका कर इसे कतई नहीं खरीदता है। मोबाइल ऐप के जरिए यूजर सरप्लस फूड को एक तिहाई दामों पर खरीद लेता है। विक्रेता इसके सेफ होने की गारंटी देता है। यूजर इसका उपभोग अगले दिन कर लेता है।

डोर टु डोर जाकर भी जमा कर रहे फूड

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा सरप्लस फूड ऐप ‘टू गुड टु गो’ और ‘करमा’ की तारीफ कर चुके हैं।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा सरप्लस फूड ऐप ‘टू गुड टु गो’ और ‘करमा’ की तारीफ कर चुके हैं।

नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रिया, फिनलैंड जैसे कुछ देशों में कुछ NGO ने डोर टु डोर जाकर सरप्लस फूड और अन्य घरेलू जरूरत की चीजों को जमा करने का अभियान भी छेड़ा है। इसे हेल्पिंग हार्ट कैम्पेन का नाम दिया गया है। इसमें जिन लोगों के पास अतिरिक्त फूड या फिर सामान होता है, वो NGO को सूचित करते हैं।