46 देशों में सर्वे में खुलासा:मुख्य धारा की मीडिया पर लोगों का भरोसा बढ़ा, कोरोना पर तथ्यपूर्ण रिपोर्ट का असर

4 महीने पहले
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रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका में जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद कई रूढ़िवादियों ने समाचार देखना, सुनना और पढ़ना बंद कर दिया है। - Dainik Bhaskar
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका में जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद कई रूढ़िवादियों ने समाचार देखना, सुनना और पढ़ना बंद कर दिया है।
  • मीडिया ने राजनीतिक विचारों को तवज्जो नहीं दी

दुनिया के ज्यादातर देशों में मुख्य धारा के मीडिया पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। ‘रायटर्स इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म’ की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट 46 देशों में किए गए सर्वे के आधार पर तैयार की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर लोग मानते हैं कि कोरोना को लेकर मुख्य धारा की मीडिया सजग रही है। वह तथ्यपूर्ण रिपोर्ट सामने लाई है।

इस दौरान मीडिया ने पक्षपातपूर्ण राजनीतिक विचारों को महत्व नहीं दिया। यही कारण है कि 2020 की शुरुआत से मीडिया पर लोगों का विश्वास बढ़ता गया। सर्वे में लोगों से पूछा गया था कि क्या आप मीडिया पर जारी ज्यादातर समाचारों पर भरोसा करते हैं। फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, जापान और फिनलैड जैसे देशों के लोगों ने ‘हां’ में जवाब दिया।

बाइडेन ने राष्ट्रपति बनने के बाद खबरें देखना बंद किया

अमेरिका अपवाद रहा। यहां सिर्फ 29% लोगों ने कहा कि वे मीडिया पर जारी ज्यादातर समाचारों पर भरोसा करते हैं। सर्वे को तीन वर्गों में बांटा गया था। वामपंथी, मध्यम, दक्षिणपंथी। 51% वामपंथियों ने कहा कि मीडिया राजनीतिक विचारों को निष्पक्ष रूप से कवर करता है। सिर्फ 16% दक्षिण पंथियों ने मीडिया पर विश्वास जताया।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका में जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद कई रूढ़िवादियों ने समाचार देखना, सुनना और पढ़ना बंद कर दिया है।

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