मोदी और जेलेंस्की की फोन पर बातचीत:PM ने कहा- रूस और यूक्रेन जंग का सैन्य समाधान नहीं, एटमी ठिकाने महफूज रहने चाहिए

नई दिल्ली4 महीने पहले
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार शाम यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की से फोन पर बातचीत की। यह बातचीत इसलिए बेहद अहम हो जाती है, क्योंकि पिछले महीने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने दो बार इशारों-इशारों में ही सही, लेकिन एटमी हथियारों के इस्तेमाल की तरफ इशारा किया था। मोदी ने जेलेंस्की से बातचीत में फिर साफ किया कि रूस और यूक्रेन के बीच विवाद का हल जंग से नहीं हो सकता। उन्होंने इस बात पर भी फोकस किया कि इस मसले का सैन्य समाधान नहीं है।

एटमी ठिकाने सुरक्षित रखें
मोदी ने जेलेंस्की से बातचीत में न्यूक्लियर फेसेलिटीज का जिक्र किया। यह इस लिहाज से बेहद अहम हो जाता है कि यूक्रेन के जापोरजिया में मौजूद एटमी ठिकाने की सुरक्षा पर लगातार सवालिया निशान लग रहे हैं। मोदी ने कहा कि अगर एटमी ठिकानों को निशाना बनाया जाता है या इस तरह की कोई दूसरी संबंधित घटना होती है तो उसके परिणाम पूरी मानवता के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।

डिप्लोमैटिक सॉल्यूशन जरूरी
बातचीत के दौरान मोदी ने साफ कहा कि अगर इस मुद्दे को हल करना है तो फिर डिप्लोमैसी को सबसे पहले अमल में लाना होगा। दोनों पक्षों को जिद छोड़नी होगी और बातचीत की तरफ जाना होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बातचीत के बाद इसकी जानकारी दी।

दोनों की पहले भी हो चुकी है बातचीत
मोदी और जेलेंस्की इसके पहले भी बातचीत कर चुके हैं। मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से भी फोन पर पहले कई बार बातचीत की है। पिछले दिनों SEO की मीटिंग के दौरान मोदी ने पुतिन से कहा था- यह दौर जंग का नहीं, बल्कि साथ चलने और बातचीत का है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने UNGA मीटिंग के दौरान मोदी की बात का जिक्र और समर्थन किया था।

UN चार्टर का इस्तेमाल किया जाए
मोदी ने जेलेंस्की से बातचीत में जोर देकर कहा कि रूस और यूक्रेन दोनों को UN चार्टर, इंटरनेशनल लॉ के हिसाब से फैसले करने चाहिए। भारत चाहता है कि एटमी ठिकानों पर नजर रखी जाए और उनकी सुरक्षा में कोई कोताही न हो।