G-20 समिट में बाइडेन की चेतावनी:अमेरिकी राष्ट्रपति का इशारों में चीन पर निशाना, कहा- किसी एक देश पर निर्भरता कम करे दुनिया

3 महीने पहले

बाइडेन ने इशारों ही इशारों में चीन को लेकर बड़ा बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी सप्लाई चेन को किसी एक देश पर निर्भर नहीं रखना है। इससे व्यवस्था के अचानक बिगड़ने का खतरा होता है। हमारी सप्लाई चेन को सीधी चुनौतियों के अलावा साइबर क्राइम से जैसे खतरों से भी निपटना होगा। बाइडेन ने कहा कि सभी देशों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अपने भंडार बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। यह कोई ऐसी समस्या नहीं है, जिसे कोई एक राष्ट्र हल कर सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज G20 समिट के दूसरे सेशन में शामिल हुए। यह सेशन जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण के विषय पर आधारित था। समिट के साथ ही पीएम मोदी का 2 दिन का इटली दौरा खत्म हो गया।

रविवार को पीएम मोदी G-20 देशों के नेताओं के साथ प्रसिद्ध ट्रेवी फाउंटेन देखने पहुंचे। यहां उन्होंने दूसरे वर्ल्ड लीडर्स के साथ सिक्का उछाला। यह फाउंटेन इटली के सबसे ज्यादा दार्शनिक स्मारकों में शामिल है। इसे कई फिल्मों में भी दिखाया गया है। यह सिक्का उछालने की परंपरा के लिए दुनिया में प्रसिद्ध है। इसके सबसे बड़े फव्वारे की ऊंचाई 26.3 और चौड़ाई 49.15 मीटर है। इटली से मोदी ब्रिटेन के ग्लासगो पहुंचेंगे। यहां जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन की 26वीं कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज शुरू होने वाली है।

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को G20 समिट के पहले सेशन में भाग लिया था। मीटिंग में ईरान न्यूक्लियर डील पर भी चर्चा हुई। G-20 देशों के नेताओं ने बैठक में तय किया कि ग्लोबल टेम्परेचर को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक कम करने की कोशिश की जाएगी। मीटिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, UK के पीएम बोरिस जॉनसन के अलावा कई ग्लोबल लीडर मौजूद थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित G-20 देशों के नेताओं ने रोम के ट्रेवी फाउंटेन का लुत्फ उठाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित G-20 देशों के नेताओं ने रोम के ट्रेवी फाउंटेन का लुत्फ उठाया।

भारत में कोविड-19 वैक्सीन डोज बढ़ाने का वादा किया
PM मोदी ने जी20 देशों के लीडर्स से वादा किया कि भारत अगले साल के अंत तक कोविड-19 वैक्सीन की 5 अरब डोज बनाएगा। वैक्सीन की ये डोज केवल भारतीयों के लिए नहीं होंगी बल्कि इन्हें पूरी दुनिया को दिया जाएगा। इस दौरान वर्ल्ड लीडर्स ने गरीब देशों के लिए वैक्सीन प्रोडक्शन बढ़ाए जाने पर रजामंदी जताई।

हालांकि PM मोदी ने जी20 देशों से भारतीय कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सिन के WHO से इमरजेंसी यूज के लिए अप्रूवल दिलाने में मदद मांगी। इस वैक्सीन का निर्माण भारतीय कंपनी भारत बायोटेक ने किया है। मोदी ने कहा कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) से अप्रूवल मिलने पर नई दिल्ली को 5 अरब वैक्सीन बनाने का टारगेट हासिल करने में आसानी होगी।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात कर जरूरी मुद्दों पर चर्चा करते मोदी।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात कर जरूरी मुद्दों पर चर्चा करते मोदी।

150 देशों को मेडिकल सप्लाई देने की उपलब्धि बताई
PM मोदी के साथ मौजूद विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने बताया कि प्रधानमंत्री ने जी20 देशों के लीडर्स को भारत की मेडिकल सप्लाई के बारे में बताया। PM ने बताया कि कोविड-10 महामारी की शुरुआत के बाद से भारत 150 देशों को मेडिकल सप्लाई दे चुका है। शृंगला ने बताया कि प्रधानमंत्री ने भारत में एक अरब लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज दिए जाने की अपनी सरकार की सफलता की भी जानकारी दी।

पोप से मिले मोदी

दोनों की मुलाकात कई मायनों में अहम रही। मोदी और पोप के बीच गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ने पर चर्चा हुई।
दोनों की मुलाकात कई मायनों में अहम रही। मोदी और पोप के बीच गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ने पर चर्चा हुई।

समिट से पहले मोदी ने वेटिकन सिटी पहुंचकर कैथोलिक क्रिश्चियन्स के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप फ्रांसिस और सेक्रेट्री ऑफ स्टेट कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन से मुलाकात की। पोप फ्रांसिस से मोदी की यह पहली मुलाकात थी। हालांकि, यह मुलाकात प्रधानमंत्री के ऑफिशियल शेड्यूल का हिस्सा नहीं थी, क्योंकि विदेश मंत्रालय ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। पीएम मोदी ने पोप फ्रांसिस को भारत आने का न्योता भी दिया। विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने बताया कि पोप फ्रांसिस ने पीएम मोदी का न्योता स्वीकार कर लिया है और वे जल्द ही भारत दौरे पर आएंगे।