संकट में श्रीलंका:सरकार ने 15 दिन बाद हटाई इमरजेंसी; LPG के लिए लोग कई दिनों से कतार में लगे

कोलंबो3 महीने पहले

श्रीलंका में बिगड़ते आर्थिक हालात के बीच दूसरी बार लगाई गई इमरजेंसी हटा दी गई है। देश में 6 मई को आपातकाल की घोषणा की गई थी। इसके पहले राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने 1 अप्रैल को भी इमरजेंसी लगा दी थी। हालांकि भारी विरोध प्रदर्शन के बीच पांच दिन बाद यानी 6 अप्रैल को इमरजेंसी हटा दी थी।

वहीं, नए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने देश में भोजन की कमी की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगली बुआई के सीजन तक हम फसलों की उपज बढ़ाने के लिए पर्याप्त उर्वरक की व्यवस्था करेंगे। जिससे देश की 22 मिलियन (2.2 करोड़) आबादी के लिए खाद्य मांग को पूरा किया जा सके।

पिछले साल अप्रैल में राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने सभी रासायनिक उर्वरकों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस फैसले से फसल की पैदावार में भारी कमी हुई। बाद में सरकार ने अपना फैसला वापस ले लिया था, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

रसोई गैस खरीदने की उम्मीद में लोग कई दिनों से लाइन में लगे हैं। सरकार रोज सिर्फ 200 सिलेंडर ही बांट रही है।
रसोई गैस खरीदने की उम्मीद में लोग कई दिनों से लाइन में लगे हैं। सरकार रोज सिर्फ 200 सिलेंडर ही बांट रही है।

राजपक्षे सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज
श्रीलंका में राजपक्षे सरकार के खिलाफ शुक्रवार को प्रदर्शन और तेज हो गया। प्रदर्शनकारी संसद और राष्ट्रपति निवास के बाहर डेरा जमाए हुए हैं। पुलिस ने लाठी चार्ज कर उन्हें खदेड़ा, कुछ जगहों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। श्रीलंका में लोग ऊर्जा संकट से परेशान हैं। कोलंबो में LPG सिलेंडर के लिए लोग 3-4 दिन से लाइन में लगे हैं। सरकार रोज 200 सिलेंडर ही बांट रही है।

रसोई गैस के इंतजार में कतार में खड़ीं शाजली कहती हैं कि बिना गैस, बिना मिट्टी के तेल के हम खाना कैसे बनाएं? कुछ दिनों में हम भूख से मरने लगेंगे।