PAK की सियासत:PM शाहबाज का इमरान पर तंज- अपने कपड़े बेच दूंगा, लेकिन लोगों को सस्ता आटा दिलाउंगा

इस्लामाबाद4 महीने पहले
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पाकिस्तान की शाहबाज शरीफ सरकार जून के आखिर तक आम चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकती है। इसके पहले 13 दलों की गठबंधन सरकार और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच तीखी जुबानी जंग चल रही है। इमरान का आरोप है कि नई सरकार आने के बाद महंगाई बेतहाशा बढ़ी और लोग आटा भी नहीं खरीद पा रहे हैं। शाहबाज ने इसका जवाब इमरान के गढ़ में दिया। कहा- अगर 24 घंटे में खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री ने 10 किलो आटे के बैग की कीमत 400 रुपए नहीं की तो मैं अपने कपड़े बेचकर भी लोगों को राहत दिलाउंगा।

महंगाई पर सियासत
इमरान खान के दौर में 10 किलोग्राम आटे के बैग की कीमत करीब 1600 रुपए हो चुकी थी। अब यह इससे भी ज्यादा है। इमरान का आरोप है कि शाहबाज शरीफ सरकार ने डीजल और पेट्रोल 30 रुपए प्रति लीटर महंगा कर दिया है और इसकी वजह से हर चीज बेतहाशा महंगी हो रही है। शाहबाज शरीफ ने शनिवार को देश के नाम संदेश में गरीबों को किफायती दरों पर आटा मुहैया कराने का वादा किया था। इसके बाद तीन राज्यों पंजाब, सिंध और बलोचिस्तान में आटा कुछ सस्ता हुआ। हालांकि, खैबर पख्तूनख्वा में दाम कम नहीं हुए। यहां इमरान की पार्टी की सरकार है।

इस भाषण के दौरान शरीफ ने मानशेरा में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की भी घोषणा की।
इस भाषण के दौरान शरीफ ने मानशेरा में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की भी घोषणा की।

खान ने बेड़ागर्क कर दिया
मानशेरा में एक रैली के दौरान शरीफ इमरान पर खूब बरसे। कहा- मेरी बात याद रखना। मैं अपने कपड़े भी बेच दूंगा, मगर आवाम को सस्ता आटा मुहैया कराउंगा। खैबर के मुख्यमंत्री को वॉर्निंग देता हूं कि 24 घंटे में 10 किलोग्राम आटे के बैग की कीमत 400 रुपए तक करें। खैबर पख्तूनख्वा में इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की सरकार है।

मुख्यमंत्री हैं महमूद खान। शरीफ ने कहा- इमरान ने मुल्क को महंगाई के दलदल में धकेल दिया। 50 लाख घर और 1 करोड़ नौकरियों का वादा किया था। क्या हुआ इनका? मैं मुल्क से वादा करता हूं कि भले ही मुझे जिंदगी दांव पर लगानी पड़े, लेकिन मैं मुल्क को विकास के रास्ते के लेकर जरूर जाउंगा। इकोनॉमी को बेहतर करूंगा।

इमरान ने इस्लामाबाद छोड़ा
पाकिस्तान के सियासी हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि इमरान खान इस्लामाबाद में मौजूद आलीशान हवेली छोड़कर पेशावर क्यों शिफ्ट हो गए। सीनियर जर्नलिस्ट सलीम साफी के मुताबिक- सरकार जाने और फौज से पंगा होने के बाद इमरान को हर पल गिरफ्तारी का डर सता रहा है। खैबर में उनकी सरकार है तो वहां तमाम सुविधाएं हैं और गिरफ्तारी भी आसान नहीं है। लिहाजा, वो पत्नी बुशरा बीबी समेत पेशावर शिफ्ट हो गए हैं, जो खैबर की राजधानी है।