हॉन्गकॉन्ग / ‘बाल्टिक वे’ की तर्ज पर लोगों ने शहरभर में मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया



हॉन्गकॉन्ग में मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन करते लोग। हॉन्गकॉन्ग में मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन करते लोग।
हॉन्गकॉन्ग में मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन करते लोग। हॉन्गकॉन्ग में मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन करते लोग।
Hong Kong: protesters form massive human chain across the city
Hong Kong: protesters form massive human chain across the city
Hong Kong: protesters form massive human chain across the city
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हॉन्गकॉन्ग में मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन करते लोग।हॉन्गकॉन्ग में मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन करते लोग।
हॉन्गकॉन्ग में मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन करते लोग।हॉन्गकॉन्ग में मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन करते लोग।
Hong Kong: protesters form massive human chain across the city
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  • 1989 में करीब 20 लाख लोगों ने सोवियत शासन के विरोध में मानव श्रृंखला बनाया था, जिसे बाल्टिक वे कहा जाता है
  • प्रत्यर्पण बिल के खिलाफ लोगों को 3 महीने से चीन सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी

Dainik Bhaskar

Aug 24, 2019, 08:58 AM IST

हॉन्गकॉन्ग. प्रत्यर्पण बिल के खिलाफ हॉन्गकॉन्ग में 12 हफ्ते से विरोध प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने 30 साल पहले हुए ‘बाल्टिक वे’ प्रदर्शन से प्रेरित होकर शहरभर में मानव श्रृखंला बनाकर विरोध जताया। शहर के गगनचुंबी इमारतों के साथ ही व्यस्त शॉपिंग स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने मानल श्रृखंला बनाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इनमें कई लोग अपनी पहचान छुपाने के लिए मास्क पहने थे। लोग रोशनी से जगमगाते हुए हॉन्गकॉन्ग के झंडे या मोबाइल फोन पकड़े थे।

 

1989 में करीब 20 लाख लोगों ने सोवियत शासन के विरोध में मानव श्रृंखला बनाया था। यह एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया तक 600 किमी से ज्यादा लंबी थी। इसे ही बाल्टिक वे या बाल्टिक चेन के रूप में जाना जाता है।

 

प्रदर्शनकारियों की अपील- हॉन्गकॉन्ग के साथ खड़े हों

मानव श्रृंखला ‘हॉन्गकॉन्ग वे’ के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शनकारियों को बुलाया गया था। प्रदर्शनकारी पिछले कई दिनों से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए अहिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान युवा और बुजुर्ग प्रदर्शनकारियों ने ‘फ्री हॉन्ग कॉन्ग’ के नारे लगाए। रैली के आयोजकों ने कहा कि बाल्टिक वे ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। लोगों से निवेदन किया कि संकट के समय में हॉन्गकॉन्ग के साथ खड़े हों।

 

राजनीतिक संकट से गुजर रहा हॉन्गकॉन्ग

हॉन्गकॉन्ग में तीन महीने से प्रदर्शन जारी है। फिलहाल हॉन्गकॉन्ग राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। प्रदर्शनकारी पिटर चेयुंग (27) ने कहा, ‘‘मैंने ‘हॉन्गकॉन्ग वे’ में इसलिए भाग लिया, क्योंकि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन था। यह बाल्टिक वे की 30वीं वर्षगांठ है। मुझे उम्मीद है कि यह पूरी दुनिया का ध्यान इस ओर खिंचेगा।” 60 साल के लॉजिस्टिक्स वर्कर कैट लॉ ने कहा कि ऐसा करके हम दुनियाभर के लोगों को अपनी मांगों को दिखाना चाहते हैं। लोगों ने जो 30 साल पहले किया, वह हम भी कर सकते हैं।

 

हॉन्गकॉन्ग में लगातार तीन माह से चल रहा आंदोलन शहर की आत्मा के खिलाफ चीन द्वारा छेड़े गए युद्ध के उग्र प्रतिरोध का नतीजा है। राष्ट्रपति शी जिन पिंग की सरकार ने सामाजिक नियंत्रण के माध्यमों का चुपचाप उपयोग किया है। अदालतों, स्कूलों, कॉलेजों, मीडिया और अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण की शुरुआत कर दी गई। लोगों को लगा कि शहर का अनूठा चरित्र और सभी तरह की स्वतंत्रता धीरे-धीरे खत्म हो रही है।

 

कोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित किया

ब्रिटेन ने 1997 में हॉन्गकॉन्ग को चीन के हवाले कर दिया था। कार्यकर्ता इस हफ्ते हॉन्गकॉन्ग एयरपोर्ट को अवरूद्ध करने की योजना बना रहे हैं। हॉन्गकॉन्ग एयरपोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्त हवाईअड्‌डों में से एक है। पिछले हफ्ते प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प होने के कारण सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को शहर के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित करने का आदेश दिया है।

 

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