क्वीन एलिजाबेथ का अंतिम संस्कार आज:कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष होंगे शमिल; राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने श्रद्धांजलि अर्पित की

लंदन15 दिन पहले

ब्रिटेन की क्वीन एलिजाबेथ II का अंतिम संस्कार आज होगा। इसके पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार दोपहर लंदन के वेस्टमिंस्टर हॉल पहुंचीं। उन्होंने क्वीन को भारत के लोगों की तरफ से श्रद्धांजलि अर्पित की।

ब्रिटेन में 10 दिन का राजकीय शोक है। क्वीन का निधन 8 सितंबर को हुआ था। कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष अंतिम संस्कार में हिस्सा लेंगे। हालांकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के आने पर तस्वीर अब भी साफ नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के आने की पुष्टि हो चुकी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लंदन के गैटविक हवाई अड्डे पर पहुंचीं। यहां भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने उन्हें रिसीव किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लंदन के गैटविक हवाई अड्डे पर पहुंचीं। यहां भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने उन्हें रिसीव किया।

अंतिम संस्कार में 2 हजार VVIP होंगे शामिल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 2 हजार वीवीआईपी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। भारतीय समय के अनुसार अंतिम संस्कार दोपहर 3.30 बजे होगा। इसका दुनिया के कई देशों में लाइव टेलिकास्ट भी किया जाएगा।

रूस को नहीं बुलाया
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, उनकी पत्नी सहित बेल्जियम, स्वीडन, नीदरलैंड्स और स्पेन के राजा-रानी शामिल होंगे। फ्रांस, ब्राजील, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, तुर्कीये आदि देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी पहुंचेंगे। रूस, बेलारूस, म्यांमार, ईरान को निमंत्रण नहीं दिया गया है।

माना जा रहा है कि यूक्रेन पर रूस के हमले की वजह से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को नहीं बुलाया गया है। हैरानी की बात यह है कि चीन को बुलाने पर भी अब तक सस्पेंस है। हाल के दिनों में ब्रिटेन ने बीजिंग के खिलाफ काफी सख्त रुख अपनाया है। ट्रेड और जासूसी के अलावा दोनों देशों का कई मुद्दों पर टकराव है।

वेस्टमिंस्टर हॉल में महारानी के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में आम नागरिक पहुंच रहे हैं।
वेस्टमिंस्टर हॉल में महारानी के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में आम नागरिक पहुंच रहे हैं।

अंतिम संस्कार स्थल पर बस से जाना होगा
सिर्फ राष्ट्र प्रमुखों और उनके पति/पत्नी को निमंत्रण भेजा गया है। रविवार शाम बकिंघम पैलेस में नए किंग चार्ल्स राष्ट्राध्यक्षों को डिनर देंगे। राष्ट्राध्यक्षों से कॉमर्शियल फ्लाइट से आने को कहा गया है। अंतिम संस्कार वाली जगह निजी कार के बजाय बस से जाना होगा।

ब्रिटेन में पिछले 57 वर्षों में पहला राजकीय अंतिम संस्कार है। इससे पहले 1965 में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल का अंतिम संस्कार किया गया था। क्वीन अपने शासनकाल के दौरान 15 देशों की राजप्रमुख रहीं। क्वीन एलिजाबेथ का निधन 8 सितंबर 2022 को हुआ। इसके बाद उनके बेटे चार्ल्स किंग बने हैं।

18वीं शताब्दी के बाद से वेस्टमिंस्टर ऐबे में किसी सम्राट का अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। हालांकि महारानी की मां का अंतिम संस्कार 2002 में यहीं हुआ था
18वीं शताब्दी के बाद से वेस्टमिंस्टर ऐबे में किसी सम्राट का अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। हालांकि महारानी की मां का अंतिम संस्कार 2002 में यहीं हुआ था

दिवंगत महारानी से जुड़ी ये खबरें भी जरूर पढ़ें...

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ का निधन, स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कासल में 96 साल की क्वीन ने अंतिम सांस ली

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का गुरुवार को निधन हो गया है। वह पिछले कुछ वक्त से बीमार थीं। 96 साल की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय फिलहाल स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कासल में थीं। यहीं उन्होंने अंतिम सांस ली। वे सबसे लंबे समय तक (70 साल) ब्रिटेन की क्वीन रहीं। पढ़ें पूरी खबर...

क्वीन के अंतिम दर्शन को 30 घंटे इंतजार करना पड़ा, वेस्टमिंस्टर हॉल के बाहर 5 किमी लंबी कतार लगी

क्वीन एलिजाबेथ-II के अंतिम दर्शन के लिए लोगों को 30 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान देश-दुनिया से 10 लाख से ज्यादा लोग जुटे। पढ़ें पूरी खबर...

25 की उम्र में संभाला था शासन, 17 PHOTOS में देखें प्रिंसेस से क्वीन तक का सफर

महारानी एलिजाबेथ II ने 6 फरवरी 1952 को पिता किंग जॉर्ज की मौत के बाद ब्रिटेन का शासन संभाला। तब उनकी उम्र सिर्फ 25 साल थी। तब से 70 साल तक उन्होंने शासन किया। उन्होंने 2 दिन पहले ‌‌ब्रिटेन की 15वीं PM लिज ट्रस को शपथ दिलाई थी। वे ब्रिटेन के इतिहास में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली पहली महिला सम्राट हैं। पढ़ें पूरी खबर...

नोटों और सिक्कों से हटाई जा सकती है एलिजाबेथ की फोटो; राष्ट्रगान में भी बदलाव की संभावना

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद अब कई शाही प्रतीक बदले जा सकते हैं। फ्लैग, नोट, सिक्के में अभी तक महारानी की अलग-अलग तस्वीर होती थी। अब इसे हटाकर नए किंग बने प्रिंस चार्ल्स की फोटो लगाए जाने की उम्मीद है। पढ़ें पूरी खबर...

15 देशों की सिंबॉलिक महारानी थीं एलिजाबेथ-II, रोज मिलता था सरकारी काम का ब्योरा

एलिजाबेथ सिर्फ ब्रिटेन ही नहीं, 14 अन्य आजाद देशों की भी महारानी थीं। ये सभी देश कभी न कभी ब्रिटिश हुकूमत के अधीन रहे थे। पढ़ें पूरी खबर...

3 बार भारत आईं एलिजाबेथ-II, रिपब्लिक डे पर शाही मेहमान बनीं

एलिजाबेथ-II तीन बार भारत आईं। 1961, 1983 और 1997 में वो भारत की शाही मेहमान बनी थीं। 1961 में भारत के गणतंत्र दिवस की परेड में भी शामिल हुई थीं। उनके साथ प्रिंस फिलिप भी थे। पढ़ें पूरी खबर...

बेटे चार्ल्स के अफेयर, बहू डायना के डिप्रेशन से परेशान थीं एलिजाबेथ; विलियम की पत्नी केट की टॉपलेस फोटो ने शर्मिंदगी दी

70 साल के राज में महारानी एलिजाबेथ की छवि पर कोई दाग नहीं आया, लेकिन इस दौरान शाही परिवार में फूट और मनमुटाव चलता रहा। परिवार में भरोसा टूटता, सवाल उठते तो एलिजाबेथ संभालने की कोशिश करने लगतीं। हर बार कामयाब भी हुईं। इसके सबसे बड़े किरदार क्वीन के बड़े बेटे प्रिंस चार्ल्स रहे। 40 साल पहले कैमिला पार्कर के साथ उनके अफेयर से परिवार का ताना-बाना बिगड़ना शुरू हुआ। इसके बाद इसमें उनकी पत्नी प्रिंसेस डायना, बेटे हैरी, बहू केट और मेगन के नाम शामिल होते गए। पढ़ें पूरी खबर...