कनाडा / जान का खतरा बता सऊदी से भागी लड़की का कनाडा पहुंची, बताया गया बहादुरी की मिसाल



कनाडा की विदेश मंत्री (दाएं) ने एयरपोर्ट पर किया राहफ (बीच में) का स्वागत। कनाडा की विदेश मंत्री (दाएं) ने एयरपोर्ट पर किया राहफ (बीच में) का स्वागत।
Rahaf al-Qunun Girl who escaped her family lands in Canada
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कनाडा की विदेश मंत्री (दाएं) ने एयरपोर्ट पर किया राहफ (बीच में) का स्वागत।कनाडा की विदेश मंत्री (दाएं) ने एयरपोर्ट पर किया राहफ (बीच में) का स्वागत।
Rahaf al-Qunun Girl who escaped her family lands in Canada

  • राहफ कुवैत से ऑस्ट्रेलिया भागने के दौरान बैंकॉक एयरपोर्ट पर पकड़ ली गई थी
  • ह्यूमन राइट्स वॉच की अपील के बाद कनाडा उसे शरण देने के लिए तैयार हुआ
  • राहफ शनिवार को कनाडा पहुंचीं, जहां विदेश मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड उसे लेने पहुंचीं

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 09:52 AM IST

ओटावा. कुवैत से भागी सऊदी अरब की 18 साल की राहफ मोहम्मद अल कुनुन को कनाडा ने शरण दी है। शनिवार को टोरंटो अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर राहफ को लेेने कनाडा की विदेश मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड पहुंची। उन्होंने राहफ को बहादुर कनाडाई बताकर उसका स्वागत किया। 

इस्लाम छोड़ने के बाद सऊदी नहीं लौटना चाहती थी राहफ

  1. राहफ इसी हफ्ते सोशल मीडिया के जरिए खबरों में आई थी। उसे कुवैत से ऑस्ट्रेलिया भागने के दौरान बैंकाॅक एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया था। एयरपोर्ट प्रशासन राहफ को वापस सऊदी भेजने की तैयारी में था। इसी बीच, राहफ ने अपील की थी कि उसने इस्लाम छोड़ दिया है, इसलिए सऊदी लौटने पर उसकी हत्या हो सकती है।

  2. ह्यूमन राइट्स वॉच ने की राहफ को बचाने की अपील

    इसके बाद ह्यूमन राइट्स वॉच की अपील पर थाईलैंड ने राहफ को वापस नहीं भेजने का फैसला किया। संगठन का कहना था कि सऊदी से भागी लड़कियों को लौटने के बाद अपने परिवार और रिश्तेदारों से हिंसा और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मर्जी के खिलाफ राहफ को वापस भेजेने पर उसे गंभीर नुकसान हो सकता है।

  3. थाईलैंड ने राहफ को संयुक्‍त राष्‍ट्र शरणार्थी उच्‍चायुक्‍त (यूएनएचसीआर) की शरण में भेजा था। यहां कनाडा उसे शरण देने के लिए तैयार हो गया। शुक्रवार को उसे कनाडा के लिए रवाना कर दिया गया।

  4. राहफ के मुताबिक, वह पहले ऑस्ट्रेलिया ही जाना चाहती थी, लेकिन दस्तावेजी कार्रवाई और दूसरे कामों में ज्यादा समय लगने की वजह से उसने कनाडा में शरण लेना ठीक समझा। 

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