अमेरिका / अब रिपब्लिकन पार्टी की जांच में खुलासा- 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूस ने ट्रम्प की मदद की थी



डोनाल्ड ट्रम्प और व्लादिमीर पुतिन। -फाइल फोटो डोनाल्ड ट्रम्प और व्लादिमीर पुतिन। -फाइल फोटो
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डोनाल्ड ट्रम्प और व्लादिमीर पुतिन। -फाइल फोटोडोनाल्ड ट्रम्प और व्लादिमीर पुतिन। -फाइल फोटो

  • सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की रिपोर्ट- रूसी इंटरनेट रिसर्च एजेंसी ने ट्रम्प के लिए सोशल मीडिया कैम्पेन चलाया और हिलेरी को नुकसान पहुंचाया
  • मंगलवार को सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी की रिपोर्ट रखी गई, डोनाल्ड ट्रम्प भी रिपब्लिकन हैं
  • इसी साल आई स्पेशल काउंसल रॉबर्ट मुलर की रिपोर्ट में भी 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूसी दखलअंदाजी की बात कही गई थी
  • इससे पहले व्हाइट हाउस ने इस बात से इनकार किया था कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूस ने ट्रम्प को किसी तरह की मदद दी थी

Dainik Bhaskar

Oct 09, 2019, 10:20 AM IST

वॉशिंगटन. रिपब्लिकन पार्टी की एक जांच में कहा गया है कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूस ने डोनाल्ड ट्रम्प की मदद की। यह रिपोर्ट सीनेट में मंगलवार को पेश की गई। ट्रम्प खुद रिपब्लिकन पार्टी से हैं। इससे पहले व्हाइट हाउस ने दावा किया था कि चुनाव में ट्रम्प को रूस से किसी भी तरह की मदद नहीं मिली।

 

सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की 2016 इलेक्शन इन्वेस्टीगेशन रिपोर्ट में कहा गया है कि सेंट पीटर्सबर्ग (रूस) स्थित इंटरनेट रिसर्च एजेंसी (आईआरए) ने सोशल मीडिया पर कैम्पेन चलाया। यह कैम्पेन उस व्यक्ति के लिए चलाय गया, जो रूस का पसंदीदा उम्मीदवार था। इस अभियान के जरिए राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को नुकसान पहुंचाया गया, क्योंकि उनके जीतने की संभावना ज्यादा थी। क्रेमलिन (रूस के राष्ट्रपति का आवास और कार्यालय) के आदेश पर रूसी एजेंसी ने ट्रम्प के लिए समर्थन जुटाया। रिपोर्ट के मुताबिक- आईआरए ने  2016 चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार रहे ट्रम्प को अपनी सोशल मीडिया एक्टिविटी के जरिए भारी समर्थन दिलाया।

 

रिपब्लिकन सीनेटर की अगुआई में जांच
रिपब्लिकन सीनेटर रिचर्ड बर की अगुआई में मामले की जांच हुई। ट्रम्प लगातार इस बात की पैरवी करते रहे हैं कि राष्ट्रपति चुनाव में रूस ने किसी भी तरह की दखलअंदाजी की। इस तरह की खबरों को वे फेक न्यूज करार देते रहे हैं। ट्रम्प और उनके साथी रिपब्लिकंस एक अप्रमाणित थ्योरी लेकर आए। इसमें कहा गया कि डेमोक्रेट्स ने यूक्रेन के साथ मिलकर 2016 चुनाव में ट्रम्प को प्रभावित करने का प्लान बनाया था। 

 

ट्रम्प 2020 का चुनाव भी प्रभावित कर सकते हैं
सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि 2020 के चुनाव में भी रूस की दखलअंदाजी हो सकती है। लिहाजा एजेंसियों को सावधान रहने की जरूरत है।

 

ट्रम्प के खिलाफ पहले भी रिपोर्ट आई थी
इसी साल 448 पेज की रिपोर्ट में 74 वर्षीय स्पेशल काउंसल रॉबर्ट मुलर ने कहा था- ‘‘रूसी सेना के अधिकारियों ने डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की थी।’’ 18 अप्रैल को यह रिपोर्ट कानून मंत्रालय को सौंप दी गई थी। हालांकि, रिपोर्ट के आखिर में उन्होंने लिखा कि रूसी दखल के मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिल सके हैं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि ट्रम्प ने रूसी दखल की जांच को नियंत्रित करने की कोशिश की। उन्होंने मुलर को जांच से हटवाने की भी कोशिश की थी। मुलर न्याय विभाग में पदस्थ थे।

 

ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव (अमेरिकी संसद का निचला सदन) की स्पीकर नेंसी पेलोसी ने सितंबर में ट्रम्प पर महाभियोग जांच बैठाने की बात कही थी। ट्रम्प पर आरोप है कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडाइमर जेलेंस्की पर डेमोक्रेट नेता जो बिडेन और उनके बेटे हंटर के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले की जांच कराने के लिए दबाव बनाया था। एक व्हिसलब्लोअर ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, ट्रम्प कह चुके हैं कि वे जेलेंस्की के साथ फोन कॉल में हुई बातचीत का ब्योरा देने के लिए तैयार हैं।

 

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