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शोधों से पता चला लंबी और सेहतमंद जिंदगी का राज:80 पार भी सेहतमंद रहना चाहते हैं तो व्यक्तित्व को मजबूत बनाइए, खानपान व वर्कआउट के साथ ये भी उम्र बढ़ाने में मददगार

2 महीने पहलेलेखक: मैट फुच्स
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एक्सपर्ट्स मानते हैं कि व्यक्तित्व और लंबी उम्र के बीच कड़ी उतनी ही मजबूत है जितनी कि बुद्धिमत्ता और मौजूद संपत्ति की होती है। - Dainik Bhaskar
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि व्यक्तित्व और लंबी उम्र के बीच कड़ी उतनी ही मजबूत है जितनी कि बुद्धिमत्ता और मौजूद संपत्ति की होती है।

जब भी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के उपायों पर चर्चा होती है तो वर्कआउट और खानपान पर ही फोकस रहता है, पर इसमें व्यक्तित्व की भूमिका भी अहम हो सकती है यह कम लोग जानते हैं। हाल में हुए शोधों से पता चला है कि व्यक्तित्व के कई गुण यह तय करते हैं कि 80 पार भी बेहतर सेहत का फायदा कौन उठाएगा।

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि व्यक्तित्व और लंबी उम्र के बीच कड़ी उतनी ही मजबूत है जितनी कि बुद्धिमत्ता और मौजूद संपत्ति की। दोनों का ही संबंध लंबी उम्र से है। पढ़िए व्यक्तित्व की उन खासियतों के बारे में जिन पर ध्यान देकर हम लंबी और सेहतमंद जिंदगी पा सकते हैं...

व्यक्तित्व की इन चार खासियतों पर ध्यान देने से सेहत बेहतर रहती है, उम्र में बढ़ोतरी होती है: विशेषज्ञ

1. कर्तव्यनिष्ठता मजबूत बने रहने में मदद देती है
कर्तव्यनिष्ठ लोग लंबा जीते हैं, वेस्ट वर्जीनिया यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञान के प्रोफेसर निकोलस टुरियानो कहते हैं, कर्तव्यनिष्ठता ऐसा गुण है जो सेहत के जोखिम दूर करने में मदद कर सकता है। कर्तव्यनिष्ठ लोग वर्कआउट व पोषण को लेकर मेहनती होते हैं। तनावपूर्ण स्थितियों का सामना बेहतर तरीके से कर पाते हैं, इसलिए सेहत अच्छी रहती है। मनोबल मजबूत होने से विपरीत परिस्थितियों में भी कमजोर नहीं पड़ते।

2. ‘उद्देश्य’ प्रेरित करता है कि खुद पर ध्यान दे सकें
उद्देश्यपूर्ण होना यानी स्पष्ट लक्ष्यों के साथ जीवन में एक दिशा होने से ऊर्जा मिलती है। जो लोग कहते हैं उनके जीवन में ‘उद्देश्य’ है, वे सेहत खराब होेने पर तेजी से रिकवर करते हैं। उनके दिमाग में आत्म-जागरुकता और फैसले लेने वाला हिस्सा ज्यादा सक्रिय होता है। वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञानी पैट्रिक हिल बताते हैं,‘उद्देश्यपूर्ण कामों में जुड़कर मनोभ्रम और अवसाद को भी घटाने में मदद मिलती है।’

3. सकारात्मक लोग ज्यादा आश्वस्त रह पाते हैं
लंबी जिंदगी के लिए सकारात्मकता अहम है। सकारात्मकता बढ़ती उम्र में लोगों को लक्ष्य पूरा करने में मदद करती है। इससे वे ज्यादा आश्वस्त रह पाते हैं। येल स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की मनोवैज्ञानिक बेक्का लेवी बताती हैं,‘जो लोग बढ़ती उम्र को सकारात्मकता के साथ स्वीकारते हैं, वे अन्य लोगों की तुलना में 7.6 वर्ष ज्यादा जीते हैं।’

4.बहिर्मुखी होना मुश्किलों से लड़ना आसान बनाता है
बहिर्मुखी होने का गुण भी उम्र में बढ़ोतरी करता है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञान के प्रोफेसर सुसान चार्ल्स कहती हैं, ‘सामाजिक संबंधों और लंबी उम्र में मजबूत कड़ी है। सामाजिक रूप से सक्रिय रहने वाले अपनी परेशानियां साझा कर पाते हैं, इससे सेहत अच्छी रहती है। ऐसे लोग स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में भी खुद को सहज पाते हैं।