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स्टडी में खुलासा:महिलाओं के साथ गरीबों में नशाखोरी बढ़ी; कोरोना में शराब और सिगरेट पीने की लत में 40% इजाफा

लंदन7 महीने पहले
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया में होने वाली बीमारियों के इलाज में होने वाले खर्च में 5.1% हिस्सा शराब के चलते होने वाली बीमारियों पर होता है। - Dainik Bhaskar
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया में होने वाली बीमारियों के इलाज में होने वाले खर्च में 5.1% हिस्सा शराब के चलते होने वाली बीमारियों पर होता है।

दुनिया इस वक्त कोरोना महामारी के लॉकडाउन से उबरी भी नहीं थी कि एक और नई लहर ने दस्तक दे दी है। हालांकि दुनिया की बड़ी आबादी का टीकाकरण हो गया है। इन सबके बावजूद दुनिया में शराब और सिगरेट पीने की लत भी बढ़ रही है। खासकर यूरोपीय देशों में तो नशाखोरी ने चिंता बढ़ा दी है। वजह है कि वहां युवाओं ने नशे का जाल फैलता जा रहा है। यह खुलासा ‘एडिक्शन’ जर्नल में प्रकाशत अध्ययन से हुआ है।

अध्ययन के मुताबिक ब्रिटेन में लगे पहले लॉकडाउन के दौरान, महामारी से पहले की तुलना में 45 लाख से ज्यादा वयस्कों ने शराब पीना शुरू कर दिया। यह करीब 40% की वृद्धि थी। शोध में शामिल वैज्ञानिकों ने कहा, ‘यह प्रवृति महिलाओं के साथ-साथ निम्न आय वाले लोगों में भी देखने को मिली, जो काफी चिंताजनक है। अध्ययन के मुताबिक, पहले लॉकडाउन के दौरान 6,52,000 युवाओं को धूम्रपान की लत लगी।

तंबाकू की खपत बढ़ गई
अक्टूबर 2021 में ही यूरोपियन जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि फ्रांस में पहली बार मार्च 2020 में लॉकडाउन लगने के बाद, धूम्रपान करने वाले मौजूदा लोगों में 27% ने बताया कि तंबाकू की खपत बढ़ गई। वहीं, 19% ने कहा कि उनकी तंबाकू की खपत कम हो गई है। जिन लोगों के बीच तंबाक की खपत बढ़ी उनमें ज्यादातर की उम्र 18 से 34 साल के बीच थी। वे उच्च शिक्षित भी थे। 11% बोले कि लॉकडाउन से शराब की खपत बढ़ी।

130 करोड़ करते हैं तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया में हर साल शराब के चलते 30 लाख लोगों की जान जाती है। दुनिया में होने वाली बीमारियों के इलाज में होने वाले खर्च में 5.1 फीसदी हिस्सा शराब के चलते होने वाली बीमारियों पर होता है। वहीं तंबाकू के चलते 80 लाख लोग हर साल मरते हैं।

इनमें 12 लाख वे लोग भी शामिल हैं, जो सिगरेट या अन्य तंबाकू वाले उत्पादों का सेवन नहीं करते हैं। ये लोग सिर्फ इसलिए जान गंवाते हैं कि वह तंबाकू का इस्तेमाल करने वालों के संपर्क में रहते हैं। अनुमान के मुताबिक दुनिया में 130 करोड़ लोग सिगरेट या तंबाकू वाले उत्पाद इस्तेमाल करते हैं।