वैक्सीन सप्लाई में भी भेदभाव:अमीर देशों ने पर्याप्त कोरोना वैक्सीन रिजर्व की, कुल डोज में से आधे 15% आबादी को जा रहे

8 महीने पहले
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टीकाकरण शुरू होने के तीन महीनों में ही करीब 23.6 करोड़ डोज लग चुके हैं। ये संख्या दुनिया के कुल संक्रमितों (करीब 11.42 करोड़) से दोगुनी है। (सिम्बोलिक फोटो) - Dainik Bhaskar
टीकाकरण शुरू होने के तीन महीनों में ही करीब 23.6 करोड़ डोज लग चुके हैं। ये संख्या दुनिया के कुल संक्रमितों (करीब 11.42 करोड़) से दोगुनी है। (सिम्बोलिक फोटो)

दुनिया में कोरोना से बचाव के लिए बने टीकों का प्रसार तेजी से हो रहा है। यही वजह है कि टीकाकरण शुरू होने के तीन महीनों में ही करीब 23.6 करोड़ डोज लग चुके हैं। ये संख्या दुनिया के कुल संक्रमितों (करीब 11.42 करोड़) से दोगुनी है। टीकों की देशों तक पहुंच के मामले में अमीरी-गरीबी की असमानता साफ झलक रही है।

378 वैक्सीन विकसित करने का काम जारी

  • 67 लाख के करीब डोज रोज लगाए जा रहे।
  • दुनिया में 580 करोड़ वयस्क हैं। इनमें से प्रत्येक का टीकाकरण होना है। इन्हें डोज देने में लंबा वक्त लग सकता है।
  • दुनिया वयस्क आबादी में से 18% आबादी 54 अमीर देशों की है। इन्होंने अपने लिए 40% डोज आरक्षित कर लिए हैं। यानी प्रत्येक नागरिक को ढाई डोज उपलब्ध रहेगा।
  • दुनिया में बन रहे कुल डोज में से आधे अमीर देशों के 15% लोगों के लिए हो रही है।

अमीरी का आलम
कनाडा ने प्रति व्यक्ति 11 डोज आरक्षित किए अन्य जगहों पर प्रति व्यक्ति के हिसाब से आपूर्ति महज 1.5 डोज ही है।

  • जर्मनी ने ईयू से अलग जाकर भी डोज पाने का समझौता किया है।
  • कनाडा ने 11 डोज प्रति व्यक्ति के हिसाब से टीके पाने के करार किए हैं, प्रति व्यक्ति के हिसाब से दुनिया में ये सबसे ज्यादा हैं।
  • भारत में 30 करोड़ लोगों को इस साल अगस्त तक टीके लगाने की पर्याप्त व्यवस्था है। रूस और चीन में पर्याप्त डोज की व्यवस्था है।

दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता सीरम ने अपने उत्पादन का आधा हिस्सा भारत को सुरक्षित कर रखा है।

125 देश वैक्सीन से दूर

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक दुनिया के करीब 125 देश ऐसे हैं जिनके पास अब तक एक भी डोज नहीं पहुंचा।