• Hindi News
  • International
  • Rising Inflation After The Pandemic People Around The World Cutting Down On Food Items To Save; UN Report Inflation Increased In Many Countries Including India And America

महामारी के बाद बढ़ती महंगाई:बचत के लिए खाने-पीने की वस्तुओं में कटौती कर रहे दुनियाभर के लोग; यूएन की रिपोर्ट - भारत और अमेरिका समेत कई देशों में महंगाई बढ़ी

3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
दुनिया में कोरोना महामारी आने के बाद आम लोगों की आय तेजी से घटी। - Dainik Bhaskar
दुनिया में कोरोना महामारी आने के बाद आम लोगों की आय तेजी से घटी।

दुनियाभर में बढ़ती महंगाई ने लोगों की थाली का स्वाद बिगाड़ दिया है। लोग बचत के लिए रसोई व खाने-पीने के सामानों में कटौती करने लगे हैं। लोगों का मानना है आगामी दिनों में बढ़ती महंगाई में परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा। संयुक्त राष्ट्र के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, दुनिया में कोरोना महामारी आने के बाद आम लोगों की आय तेजी से घटी। कई लोग बेरोजगार भी हो गए। इतना ही नहीं दिनों-दिन महंगाई भी बढ़ी।

इसका असर भारत, अमेरिका, ब्राजील और नाइजीरिया समेत कई देशों में दिखने लगा है। जो लोग पहले हर दिन दूध के दो पैकेट मंगाते थे, वे अब सिर्फ एक पैकेट ही मंगा रहे हैं। इतना ही नहीं, लोगों ने अपने पालतू जानवरों के खाने में भी कटौती कर दी है। ओडिशा के तालचेर में रहने वाले 53 वर्षीय बिजय कुमार नायक किराने की दुकान चलाते हैं। वह बताते हैं कि वे अपने बच्चों को सोने से पहले करीब आधा लीटर दूध पिलाते थे।

सुबह नाश्ते में अंडे या अन्य डेयरी प्रोडक्ट देते थे। इसके अलावा सड़क पर घूमने वाले आवारा कुत्तों को करीब 30 से 40 रुपए के बिस्किट खिलाते थे। लेकिन जुलाई के बाद से उन्होंने यह सब बंद कर दिया है। अमेरिका के कोलंबिया में रहने वाली लिस बर्नेल बताती हैं कि अभी तक वह हर हफ्ते मांसाहार और डेयरी प्रोडक्ट्स में करीब 200 डॉलर खर्च करती थीं। लेकिन महंगाई बढ़ने के बाद उन्होंने यह खर्च लगभग आधा कर दिया है। इतना ही नहीं घर का ज्यादातर सामान थोक बाजार से लाती हैं।

भारत: ईंधन के दाम बढ़े, खाने की चीजें 33% महंगी
कोरोना महामारी के दौरान देश में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ीं। इसके चलते परिवहन खर्च में बेतहाशा वृद्धि हुई। इसका असर सीधे तौर पर खाने-पीने चीजों पर पड़ा। पालतू और दुधारू मवेशियों के खाने की चीजें भी महंगी हुईं। इस कारण दूध समेत डेयरी उत्पाद भी महंगे हो गए। कुल मिलाकर खाने-पीने का सामान 33% तक महंगा हो गया। जिसका असर आम लोगों की रसोई पर पड़ा। इसके बाद लोगों ने खासतौर पर डेयरी प्रोडक्ट में कटौती शुरू कर दी।

खबरें और भी हैं...