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कुत्ते जैसे रोबोट पर बवाल:हथियारबंद पुलिस के साथ रोबोट डॉग देखकर सहमे अमेरिकी; बोले- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस रोबोट को हथियार बनाएगी पुलिस

2 महीने पहले
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न्यूयॉर्क के मैनहट्‌टन की एक रेजिडेंशियल बिल्डिंग से 12 अप्रैल को पुलिस अधिकारियों का झुंड एक शख्स को बाहर लाता दिखा। उस शख्स के पास एक बंदूक थी और वह एक महिला और उसके बच्चे के साथ अपार्टमेंट में छिपा था। यहां तक तो अमेरिकियों के लिए आम बात थी, लेकिन इसके बाद बिल्डिंग से जो निकला, उससे पूरे अमेरिका में हल्ला मच गया। दरअसल, पुलिस के इस दस्ते के साथ एक डॉग रोबोट अपने चार पैरों पर बाहर निकला। वह किसी ट्रेंड पुलिस डॉग की तरह लोगों और गाड़ियों से बचते हुए आगे बढ़ रहा था। ये नजारा किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा था।

करीब 33 किलो वजन वाले इस रोबोट डॉग को देखकर लोग सन्न रह गए। वह कैमरों, कम्यूनिकेशन सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस था। लोगों का कहना है कि यह रोबोट दिन-ब-दिन बढ़ती पुलिस की ताकत का प्रतीक है। पुलिस जल्द ही इसका इस्तेमाल एक हथियार के रूप में करेगी। खासतौर पर अश्वेतों और पीपल विद कलर (यानी वे लोग जो श्वेत नहीं) के खिलाफ।

तो आइये सबसे पहले तस्वीरों में देखते हैं कि रोबोट डॉग है कैसा...

मैनहट्‌टन में पुलिस दस्ते के साथ बाहर आता रोबोट डॉग स्पॉट। उसके साथ दूर से उससे कम्यूनिकेट करने वाले पुलिसकर्मी भी हैं।
मैनहट्‌टन में पुलिस दस्ते के साथ बाहर आता रोबोट डॉग स्पॉट। उसके साथ दूर से उससे कम्यूनिकेट करने वाले पुलिसकर्मी भी हैं।

फ्लॉयड की हत्या के बाद से डिफंड पुलिस मुहिम
मई 2020 में पुलिस बर्बरता के चलते अश्वेत जार्ज फ्लॉयड की मौत के बाद से अमेरिका में "डिफंड पुलिस" यानी पुलिस पर खर्च कम करने की मुहिम चल रही है। इस अभियान का मकसद पुलिस पर होने वाला खर्च कम कर उस पैसे को सामाजिक योजनाओं पर खर्च करना है।

यह रोबोट डॉग ऊबड़-खाबड़ कच्चे-पक्के सभी तरह के रास्तों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए चलता है। यह दूर से बात करने के उपकरण, कैमरे और स्कैनर से लैस है।
यह रोबोट डॉग ऊबड़-खाबड़ कच्चे-पक्के सभी तरह के रास्तों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए चलता है। यह दूर से बात करने के उपकरण, कैमरे और स्कैनर से लैस है।
रोबोट डॉग अपने चार पैरों और कई तरह के स्कैनर्स के जरिए काम करता है। इस पर 14 किलो के उपकरण अलग से लगाए जा सकते हैं।
रोबोट डॉग अपने चार पैरों और कई तरह के स्कैनर्स के जरिए काम करता है। इस पर 14 किलो के उपकरण अलग से लगाए जा सकते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बूते यह रोबोट डॉग बड़ी आसानी से सीढ़ियां चढ़ लेता है। यह तेजी से गणना करके अपने लिए सबसे बेहतरीन रास्ता चुन लेता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बूते यह रोबोट डॉग बड़ी आसानी से सीढ़ियां चढ़ लेता है। यह तेजी से गणना करके अपने लिए सबसे बेहतरीन रास्ता चुन लेता है।
ऑपरेटर दूर से ही रोबोट डॉग के कैमरे और सेंसर आदि का डेटा तेजी से डाउनलोड कर सकते हैं। इसे एक टैबलेट के जरिए ऑपरेट किया जाता है।
ऑपरेटर दूर से ही रोबोट डॉग के कैमरे और सेंसर आदि का डेटा तेजी से डाउनलोड कर सकते हैं। इसे एक टैबलेट के जरिए ऑपरेट किया जाता है।
रोबोट डॉग बनाने वाली कंपनी ने इसके दो मॉडल बनाए हैं। कंपनी का दावा है कि दुनिया में ऐसे करीब 500 रोबोट डॉग काम कर रहे हैं।
रोबोट डॉग बनाने वाली कंपनी ने इसके दो मॉडल बनाए हैं। कंपनी का दावा है कि दुनिया में ऐसे करीब 500 रोबोट डॉग काम कर रहे हैं।
यह इस डॉग रोबोट की चार्जिंग यूनिट है। इसका एक मॉडल रिचार्जेबल बैटरी के साथ आता है तो दूसरा मॉडल खुद ही चार्जिंग यूनिट पर जाकर चार्ज हो जाता है।
यह इस डॉग रोबोट की चार्जिंग यूनिट है। इसका एक मॉडल रिचार्जेबल बैटरी के साथ आता है तो दूसरा मॉडल खुद ही चार्जिंग यूनिट पर जाकर चार्ज हो जाता है।

कीमत 55 लाख, वजन 30 किलो

  • इस रोबोट डॉग की कीमत 74 हजार डॉलर यानी करीब 55 लाख रुपए है।
  • इसका वजन करीब 66 पाउंड यानी करीब 30 किलोग्राम है।
  • यह 14 किलो तक के उपकरण अपने साथ ले जा सकता है।
  • यह साढे़ तीन मील प्रति घंटे यानी करीब 5.6 किमी/घंटे की रफ्तार से चल सकता है।

आपस में भी कम्यूनिकेशन

  • इंट्यूटिव टैबलेट एप्लीकेशन और इन बिल्ट स्टीरियो कैमरों से इसे दूर से ही कंट्रोल किया जा सकता है।
  • रोबोट डॉग स्पॉट वाई-फाई के जरिए असीमित डेटा स्टोर कर सकता है।
  • एक से ज्यादा होने पर ये रोबोट डॉग आपस में कम्यूनिकेट भी कर सकते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चुनता है रास्ता

  • ऊबड़-खाबड़ कच्चे रास्ते हो या सीढ़ियां। या कोई मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग, यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए सभी रास्तों को स्कैन कर फैसला लेता है।
  • यह रोबोट डॉग इंस्पेक्शन के लिए अपना रास्ता खुद चुनकर मंजिल तक पहुंच सकते हैं।
  • सीढ़ियां चढ़-उतर सकते हैं।
  • दरवाजा खोल सकते हैं।
  • डांस भी कर सकते हैं।

कैमरे, थर्मल इमेजर, गैस-रेडिएशन या लेजर सेंसर से लैस

  • इस रोबोट डॉग को 360 डिग्री कैमरे, थर्मल कैमरे, गैस सेंसर, रेडिएशन सेंसर या लेजर स्कैनर से लैस किया जा सकता है।
  • इनके जरिए पानी, गैस, असामान्य आवाज, ठंडी-गर्म वस्तुओं या वातावरण, रेडिएशन का भी पता लगाया जा सकता है।
  • इस रोबोट डॉग के जरिए दूर से ही किसी का इंटरव्यू यानी बातचीत की जा सकती है। जैसे- अपहरणकर्ता से।

कंपनी ने बनाए दो मॉडल-एक्सप्लोरर और एंटरप्राइस

  • इसे बनाने वाली कंपनी बोस्टन डाइनैमिक्स ने दो मॉडल बाजार में उतारे हैं- एक्सप्लोरर और एंटरप्राइस।
  • एक्सप्लोरर 1000 मीटर की दूरी से मिशन को अंजाम दे सकता है, तो एंटरप्राइस के लिए ऐसी कोई सीमा नहीं है।
  • एंटरप्राइस मिशन के दौरान ही डॉक इथरनेट के जरिए डेटा को ऑफ लोड कर सकता है। यानी पुलिस दूर से इसके डेटा को पढ़ सकती है।

डॉग जब मेरी तरफ बढ़ा तो मैं सहम गई
जिस अपार्टमेंट बिल्डिंग में पुलिस का यह रोबोट डॉग देखा गया, उसमें रहने वाले किरायेदारों की एसोसिएशन की अध्यक्ष मेलानी औसेलो ने कहा- जब पुलिस हथियारबंद शख्स को बाहर निकालने के लिए रोबोट डॉग को लेकर पहुंची सभी एकदम चुप हो गए। वह डॉग मेरी तरफ आने लगा तो मेरा पूरा शरीर डर के मारे कांपने लगा।

अंततः हथियार के रूप में होगा इस्तेमाल
अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन का कहना है कि उचित रेगुलेशन के बिना रिमोट कंट्रोल्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर निर्भर ऐसे उपकरण अंततः खुद फैसले लेंगे, जो पुलिस के भेदभाव को मजबूत करेंगे। यूनियन का कहना है कि इससे नागरिकों की निजता भी खतरे में पड़ सकती। ऐसे उपकरण अंततः हथियार के रूप में ही इस्तेमाल किए जाएंगे।

अश्वेत-लैटिन नागरिकों के लिए खतरा
न्यूयॉर्क में मेयर पद के लिए डेमोक्रेट उम्मीदवार माया विली ने रोबोट के इस्तेमाल पर पुलिस की आलोचना करते हुए कहा है कि रोबोट पैसे की बरबादी और न्यूयाॅर्क वासियों के लिए खतरा है। उनका कहना है कि 70 मिलियन डॉलर का इस्तेमाल इसके बजाय लोगों को लेड यानी सीसे से होने वाली पॉयजनिंग से बचाने में किया जाना चाहिए था। न्यूयॉर्क अब अश्वेत और लैटिन नागरिकों के लिए एक और खतरा है।

न्यूयॉर्क पुलिस के खिलाफ विधेयक पारित
न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल ने पिछली गर्मियों में विधेयक पारित कर न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट (NYPD) को उसके पास मौजूद सर्विलांस के उपकरणों के बारे में बताने को बाध्य किया था। NYPD अमेरिका में सबसे आधुनिक है और उसके पास अत्याधुनिक लाइसेंस प्लेट रीडर्स, सेल-फोन ट्रैकर और ड्रोन मौजूद हैं।

दुनिया में 500 रोबोट डॉग, चार पुलिस के पास
रोबोट डॉग बनाने वाली कंपनी बोस्टन डाइनैमिक्स के ईओ माइकल पेरी का कहना है कि दुनिया भर में लगभग 500 रोबोट डॉग हैं। इनमें से ज्यादातर का इस्तेमाल कंस्ट्रक्शन या ऐसी कॉर्मशियल साइट्स पर किया जा रहा है, जहां इंसानों को खतरा हो सकता है।

कंपनी बोली- रोबोट का गलत इस्तेमाल नहीं होने देंगे
माइकल पेरी का कहना है कि दुनिया में चार पुलिस डिपार्टमेंट के पास ही रोबोट डॉग हैं। न्यूयॉर्क के अलावा मैसाचुसेट्स राज्य पुलिस, होनोलुलु पुलिस विभाग और नीदरलैंड पुलिस ने ये रोबोट डॉग खरीदे हैं। उन्होंने कहा कि हम इस बात के लिए पूरी तरह दृढ़ हैं कि हमारे रोबोट का ऐसा कोई इस्तेमाल न हो, जो लोगों को नुकसान पहुंचाए।