अध्ययन में खुलासा:सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा तेज नहीं होता रॉकेट साइंटिस्ट और ब्रेन सर्जन का दिमाग

न्यूयॉर्कएक महीने पहले
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329 एयरोस्पेस इंजीनियर, 72 न्यूरोसर्जन से आम लोगों की तुलना। - Dainik Bhaskar
329 एयरोस्पेस इंजीनियर, 72 न्यूरोसर्जन से आम लोगों की तुलना।

‘यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है।’ इस अक्सर लोग वाक्य का इस्तेमाल किसी काम को बहुत आसान बताने के लिए करते हैं। कई बार लोग यह भी कहते हैं कि ‘ये बात ब्रेन सर्जरी जितनी कठिन भी नहीं है।’ इन दोनों वाक्यों के इस्तेमाल के पीछे धारणा यह रही है कि रॉकेट साइंस और ब्रेन सर्जरी को समझना बहुत कठिन काम हैं। इस फील्ड में काम करने वाले रॉकेट साइंटिस्ट और ब्रेन सर्जन (न्यूरोसर्जन) का दिमाग बहुत तेज होता है। हालांकि एक शोध में इस धारणा से बिल्कुल उलट दावा किया गया है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि जरूरी नहीं कि रॉकेट साइंटिस्ट और ब्रेन सर्जन का दिमाग सामान्य लोगों की तुलना में तेज हो। शोधकर्ताओं ने 329 एयरोस्पेस इंजीनियरों और 72 न्यूरोसर्जनों के अंतरराष्ट्रीय समूह के डेटा की जांच की। इन सभी ने ग्रेट ब्रिटिश इंटेलिजेंस टेस्ट (जीबीआई) के जरिए 12 कार्यों को ऑनलाइन पूरा किया था। साथ ही उन्होंने अपनी उम्र, लिंग और अनुभव के स्तर के आधार पर कुछ सवालों के जवाब दिए।

शोधकर्ताओं ने बताया कि इसमें उनकी प्लानिंग, तर्क क्षमता, चीजों को याद रखने की क्षमता, उनका चीजों पर ध्यान देने की क्षमता, उनकी भावनाओं को प्रॉसेस करने की क्षमता आदि शामिल थे। इसके बाद शोधकर्ताओं ने इन रिजल्ट की तुलना सामान्य लोगों से की, जिन्होंने ठीक उन्हीं 12 कार्यों को उसी तरह से ऑनलाइन पूरा किया हुआ था। शोधकर्ताओं ने बताया कि सामान्य लोगों में ब्रिटेन के करीब 18,000 लोगों का डेटा शामिल है।

सिर्फ न्यूरोसर्जन समस्याएं सुलझाने में थोड़े तेज पाए गए
शोधकर्ताओं ने पाया कि सिर्फ न्यूरोसर्जन में थोड़ा अंतर देखने को मिला, जिनकी समस्याओं को सुलझाने की गति सामान्य आबादी की तुलना में तेज थी। हालांकि उनका चीजों को याद करने की क्षमता सामान्य आबादी के मुकाबले धीमी थी। स्टडी के निष्कर्षों को बीएमजे के फेस्टिव एडिशन में प्रकाशित किया गया है। अध्ययन में आगे कहा गया कि एयरोस्पेस इंजीनियर ने किसी भी क्षेत्र में सामान्य आबादी से बेहतर प्रदर्शन नहीं किया। हालांकि एयरोस्पेस इंजीनियर की मेंटल मैनिप्युलेशन क्षमता और चीजों पर ध्यान देने की क्षमता न्यूरोसर्जन के मुकाबले बेहतर थी।

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