रूस की जिरकॉन मिसाइल का सफल परीक्षण:साउंड की स्पीड से भी 9 गुना तेज, 1 हजार किमी तक टारगेट को तबाह करने में सक्षम

मॉस्को6 महीने पहले
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रूस-यूक्रेन युद्ध को 95 से ज्यादा दिन गुजर चुके हैं, इतना वक्त बीत जाने पर भी कोई स्पष्ट विजेता सामने नहीं आया है। पश्चिमी देश रूस को आर्थिक मोर्चे पर घेरने के लिए प्रतिबंधों को शिकंजा कसते जा रहे हैं। हालांकि, रूस भी लगातार नई मिसाइलों की टेस्टिंग के जरिए अपनी मिलिट्री पावर को बढ़ा रहा है।

अब रूस ने अपनी नई हाइपरसोनिक जिरकॉन क्रूज मिसाइल का परीक्षण पूरा कर लिया है। इसे साल के अंत तक नॉर्थ फ्लीट के वॉरशिप पर तैनात किया जाएगा। न्यूज एजेंसी TASS के मुताबिक, रूसी युद्धपोत एडमिरल गोलोवकोस वो पहला वॉरशिप होगा जिस पर इसे तैनात किया जाएगा।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने जिरकॉन को नई पीढ़ी का बेजोड़ आर्म्ड सिस्टम बताया है। यह मिसाइल साउंड की स्पीड से भी 9 गुना तेज है। वहीं, रूसी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पिछले हफ्ते उसने बार्ट्स सी में एक शिप से जिरकॉन क्रूज मिसाइल का व्हाइट सी में करीब 1,000 किमी (625 मील) दूर टारगेट पर सफलतापूर्वक परीक्षण किया था।

पिछले महीने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल सरमट ​​​सफल परीक्षण किया
एक महीने पहले भी रूस ने सरमट नाम की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का सफल परीक्षण किया है। ये मिसाइल अपने साथ न्यूक्लियर वेपन्स भी ले जा सकती हैं। इस मिसाइल पर 10 या इससे अधिक वारहेड्स लगाए जा सकते हैं। ICBM मिसाइलों की मिनिमम रेंज 5,500 किमी होती है।

किन्झॉल हाइपरसॉनिक मिसाइल को पुतिन ने कहा था आइडियल वेपन
इसके अलावा मार्च महीने में 'किन्झॉल' हाइपरसॉनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया था। किन्झॉल रूसी भाषा का शब्द है, जिसका मतलब खंजर होता है। पुतिन इस मिसाइल को 'आइडियल वेपन' कहते हैं, क्योंकि 1,500 से 2000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली यह मिसाइल परमाणु बम भी गिरा सकती है।

इस मिलाइल की टेस्टिंग पहली बार 2018 में की गई थी। किन्झॉल मिसाइल साउंड से 10 गुना ज्‍यादा रफ्तार से चलती है और 3 किमी प्रति सेकंड की रफ्तार से हमला करने में सक्षम है।