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रूस-यूक्रेन तनाव:यूक्रेन ने नेशनल इमरजेंसी घोषित की, 30 लाख यूक्रेनी नागरिकों को तुरंत रूस छोड़ने का निर्देश

मॉस्को/कीव/वॉशिंगटनएक वर्ष पहले

रूसी हमले के मद्देनजर यूक्रेन की संसद ने नेशनल इमरजेंसी की घोषणा कर दी है। इमरजेंसी के ऐलान के साथ ही यूक्रेन ने अपने 30 लाख लोगों को तुरंत रूस छोड़ने के लिए कहा है। रूस ने बुधवार को यूक्रेनी बैंकों और रक्षा, विदेश, आंतरिक सुरक्षा जैसी अहम वेबसाइट पर साइबर अटैक किया। डिप्टी पीएम फेदोरोव ने कहा रूस को मुंहतोड़ जवाब देंगे।

बुधवार रात यूएन जनरल असेंबली की मीटिंग के दौरान अमेरिका ने वॉर्निंग दी कि अगर रूस ने यूक्रेन में घुसपैठ की तो इसके भयानक परिणाम होंगे। यूएन में अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस ने कहा- अगर रूस ने अपना रास्ता नहीं बदला और यूक्रेन में घुसपैठ की तो वहां से 50 लाख लोगों को बेघर होना पड़ेगा। दुनिया के सामने एक और रिफ्यूजी संकट खड़ा हो जाएगा। और ये इतना बड़ा होगा कि इसके पहले कभी इतिहास में हमने इसका सामना नहीं किया होगा।

उधर, यूक्रेन के दो राज्यों को अलग देश घोषित करने के बाद रूस ने कीव में मौजूद अपनी एम्बेसी को खाली करना शुरू कर दिया है। रूस के खिलाफ रणनीति तय करने के लिए यूरोपीय यूनियन की गुरुवार को बेहद अहम मीटिंग होने जा रही है। वैसे खास बात यह है कि यही मीटिंग बेलारूस में होगी, जो पहले ही रूस के साथ है और रूसी फौज बेलारूस की धरती पर मौजूद है।

तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैयब एर्दोआन ने बुधवार को फोन पर पुतिन से बातचीत की। एर्दोआन के ऑफिस से जारी बयान के मुताबिक- तुर्की ने पुतिन से कहा है कि जंग से कोई मसला हल नहीं होगा और हम यूक्रेन के खिलाफ उठाए किसी कदम का समर्थन नहीं करेंगे।

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, अमेरिका और यूरोपीय यूनियन उन लोगों पर शिकंजा कसने जा रही है, जो पुतिन के बेहद करीबी हैं। इनमें रूस के डिफेंस मिनिस्टर सर्गेई शोइग्यू और पुतिन के चीफ ऑफ स्टाफ एंटन वायनो शामिल हैं।

एम्बेसी खाली कर रहा रूस

यूक्रेन के दो राज्यों को अलग देश घोषित करने के बाद रूस ने कीव में मौजूद अपनी एम्बेसी को खाली करना शुरू कर दिया है। मंगलवार रात ही रूसी संसद ने प्रेसिडेंट व्लादिमिर पुतिन को दूसरे देशों में मिलिट्री एक्शन लेने के लिए हरी झंडी दी थी। रूस का झंडा भी यहां से उतारा जा रहा है। फिलहाल, इसे झुका दिया गया है। इस बात से समझा जा सकता है कि रूस अपनी एम्बेसी खाली करने के बाद यूक्रेन पर हमला कर सकता है।

लुहांस्क में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला मिलिट्री हेलिकॉप्टर को देखते हुए।
लुहांस्क में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला मिलिट्री हेलिकॉप्टर को देखते हुए।

पुतिन ने क्या कहा

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा- हमने कभी ये नहीं कहा कि रूस बातचीत नहीं करना चाहता, लेकिन ये भी तय है कि हम किसी भी कीमत पर अपने हितों से समझौता नहीं करेंगे। पुतिन ने देश के नाम एक वीडियो मैसेज जारी किया। कहा- अपने हितों से हम कतई और कोई समझौता नहीं करेंगे। अगर दिक्कतें हैं तो बातचीत करने में हर्ज नहीं है। दुनिया के हालात भी खतरनाक होते जा रहे हैं। एक तरफ आर्म्स कंट्रोल की बात हो रही है और दूसरी तरफ नाटो का विस्तार किया जा रहा है। हम चाहते हैं कि सिक्योरिटी बैलेंस बनाया जाए, ताकि हर देश अपनी हिफाजत कर सके।

पूर्वी यूक्रेन ​​​​​​में झड़पें तेज

रूस समर्थित अलगावादियों ने 24 घंटे में पूर्वी यूक्रेन के कई इलाकों में गोलाबारी की। इसमें एक यूक्रेनी सैनिक की मौत हो गई और 6 घायल हो गए। इससे पहले पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थित अलगाववादियों ने एक कार को निशाना बनाया था। एक गैस पाइप लाइन को भी विस्फोट कर उड़ा दिया था। इस बीच खुली जंग की आशंका के चलते यूक्रेन ने 18 से 60 साल के रिजर्व सैनिकों को तैयार रहने को कहा है। इन लोगों को फिर ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया है। ये सिलसिला बुधवार से शुरू भी हो गया।

रूस के पीएम पुतिन ने लुहांस्क और डोनेट्स्क में सेना की तैनाती का आदेश दिया था। इसके बाद रूसी सेना के टैंकों का काफिला यूक्रेन बॉर्डर की तरफ जाता हुआ दिखाई दिया।
रूस के पीएम पुतिन ने लुहांस्क और डोनेट्स्क में सेना की तैनाती का आदेश दिया था। इसके बाद रूसी सेना के टैंकों का काफिला यूक्रेन बॉर्डर की तरफ जाता हुआ दिखाई दिया।

भारत से साथ देने की अपील

इस बीच रूस ने भारत से साथ देने की अपील की है। दिल्ली स्थिति रूसी दूतावास ने कहा- हमें उम्मीद है कि रूस-भारत की साझेदारी उसी स्तर पर आगे भी जारी रहेगी जैसी आज है। रूस ने यूक्रेन संकट पर भारत के रुख का स्वागत किया है।

वहीं, भारत की विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा- भारत अपने नागरिकों के साथ खड़ा है, हमारे जो भी छात्र या नागरिक यूक्रेन में हैं वे हमारे दूतावास के संपर्क में रहें, हम उनकी पूरी मदद करेंगे। कोविड हो या कोई दूसरा संकट भारत अपने नागरिकों के साथ खड़ा रहा है।

अब तक 6 देशों ने लगाया रूस पर प्रतिबंध

टोक्यो में रहने वाले यूक्रेनियों ने रूस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
टोक्यो में रहने वाले यूक्रेनियों ने रूस के खिलाफ प्रदर्शन किया।

वहीं, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जापान, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी ने रूस पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। यूक्रेन के दो प्रांत लुहांस्क और डोनेट्स्क पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं। कनाडा ने बुधवार सुबह रूस के बैंकों पर प्रतिबंध लगाए। इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया ने पुतिन के शीर्ष सलाहकारों पर यात्रा और उनके वित्तीय लेनदेन पर बैन लगाया। जापान ने लुहांस्क और डोनेट्स्क के लोगों का वीजा सस्पेंड करने का फैसला लिया है। जापान में इन लोगों की संपत्ति फ्रीज की जाएगी। वे व्यापार भी नहीं कर पाएंगे। कनाडा ने रूस के बैंकों पर प्रतिबंध लगाया। कनाडा के लोग लुहांस्क और डोनेट्स्क में किसी तरह का वित्तीय लेनदेन नहीं कर पाएंगे। ब्रिटेन ने रूस के 5 बैंक और 3 अरबपतियों के खिलाफ पाबंदियों का ऐलान किया। जर्मनी ने नैचुरल गैस पाइप लाइन प्रोजेक्ट ‘नॉर्ड स्ट्रीम 2’ को बंद करने का ऐलान किया।

अपडेट्स

  • यूक्रेन के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने कहा- डोनेट्स्क और लुहान्स्क क्षेत्रों के अलावा यूक्रेन सभी क्षेत्रों में इमरजेंसी लगाएगा। आपातकाल 30 दिन रहेगा। इसे इतने ही दिन बढ़ाया जा सकता है। यूक्रेन की सुरक्षा परिषद ने इसकी मंजूरी दे दी है। हमने रूस में मौजूद अपने नागरिकों से फौरन देश लौटने को कहा है।
  • रूस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पहला रिएक्शन आया। रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा- अमेरिका ने हम पर जो नए प्रतिबंध लगाए हैं, उनका सख्त जवाब दिया जाएगा। अमेरिका के लिए भी यह बहुत गंभीर मुद्दा होगा।
  • भारत सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता यूक्रेन में रह रहे भारतीय छात्रों को वापस लाना है। इन छात्रों और भारतीय लोगों से कहा गया है कि वे लगातार एम्बेसी के संपर्क में रहें। विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी ने बुधवार शाम कहा- हम चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मामला सुलझाया जाए। हर कीमत पर अमन कायम होना चाहिए। हम चाहते हैं कि सभी संबंधित पक्ष बातचीत करें और विवाद खत्म करें।
  • रूस पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर चीन ने कहा- प्रतिबंध लगाने से समस्या हल नहीं होगी। रूस-यूक्रेन बातचीत से तनाव सुलझाने की कोशिश करें।
  • ​ व्हाइट हाउस ने कहा- राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनके रूसी समकक्ष के बीच बैठक फिलहाल संभव नहीं है। इसके पहले अमेरिका के विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने रूस के साथ बैठक रद्द कर दी। उन्होंने कहा- रूस मौजूदा तनाव के समाधान का कूटनीतिक रास्ता अपनाने के लिए गंभीर नहीं है।
  • विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फ्रांस में कहा- यूक्रेन और रूस के बीच जारी गतिरोध की जड़ें सोवियत के बाद की सियासत में हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के मौजूदा हालात की जड़ें नाटो (NATO) के विस्तार और यूरोपीय देशों के साथ रूस के बदलते संबंधों में भी हैं। ये पिछले 30 साल में बनीं कठिन परिस्थितियों का परिणाम है।
  • अमेरिका ने एक्शन लेते हुए एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ाने का ऐलान किया है। वहीं हंगरी ने भी घोषणा की है कि वो यूक्रेन से लगे बॉर्डर पर सैनिकों की तैनाती करेगा।
  • यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा- छोटे बड़े हमले जैसा कुछ नहीं होता है। हमला सिर्फ हमला है। हम प्लान A के तहत हर तरह के डिप्लोमैटिक टूल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बाद प्लान B में अपने हर शहर, हर गांव और एक एक इंच जमीन के लिए तब तक लड़ेंगे, जब तक जीत नहीं जाते।
  • शेयर मार्केट में उथल-पुथल जारी है। मंगलवार को नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स और S&P 500 (तीनों अमेरिकी स्टॉक मार्केट इंडेक्स हैं) में गिरावट है। नैस्डैक में 1.23%, S&P 500 में 1.02% और डॉव में 1.42% की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, क्रूड ऑयल की कीमतें 1.5% की बढ़ोतरी के बाद 96.84 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई हैं।

सैटेलाइट इमेज में दिखी जंग की तैयारी

रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमिर पुतिन यूक्रेन के दो इलाकों में सेना भेजने के बाद एक और बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं। सैन्य गतिविधियों की नई सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों में रूसी सेना के फील्ड हॉस्पिटल दिखाई दे रहे हैं। सेना को यूक्रेन के पास बेलारूस में घातक टैंक, तोपें, हथियारों और बड़ी संख्‍या में सैनिकों के साथ देखा गया है। पढ़ें पूरी खबर...

ट्रम्प ने पुतिन को जीनियस बताया

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुतिन के यूक्रेन में सेना भेजने के आदेश की तारीफ करते हुए उन्हें जीनियस बताया है। एक रेडियो प्रोग्राम में बोलते हुए ट्रम्प ने कहा, कल मैंने पूरा घटनाक्रम टीवी पर देखा, तभी मैंने कहा यह तो जीनियस है। मैंने कहा पुतिन कितने चालाक हैं, यह लोग यूक्रेन के अंदर जाएंगे और शांति स्थापित करने वाली सबसे मजबूत शांति सेना बन जाएंगे।

इंफोग्राफिक से जानिए दोनों देशों की सैन्य ताकत

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