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रूस-यूक्रेन जंग अपडेट्स:रूसी सैनिक यूक्रेन में युद्ध अपराध के लिए दोषी करार, 62 साल के यूक्रेनी बुजुर्ग को मारी थी गोली

कीव/मॉस्को3 महीने पहले

यूक्रेन में रूस के हमले के बाद पहली बार रूसी सैनिक को वॉर क्राइम का दोषी पाया गया है। 21 साल के रूसी सैनिक को 62 साल के यूक्रेनी बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगा है। आरोप है कि 28 फरवरी को कीव से करीब 300 किलोमीटर दूर चुपखिवका इलाके के एक गांव में इस रूसी सैनिक ने सड़क पर फोन पर बात करते हुए जा रहे एक बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

अजोव सागर में रिस रहा खतरनाक केमिकल
रूस-यूक्रेन युद्ध का असर अब इंसानों के दायरे से आगे बढ़कर प्रकृति को भी नुकसान पहुंचा रहा है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि युद्ध की वजह से अजोव सागर में मौजूद समुद्री जीवन पर संकट आ गया है। असल में मारियुपोल स्टील प्लांट पर रूसी बमबारी की वजह से खतरनाक केमिकल का रिसाव हो रहा है। मारियुपोल सिटी काउंसिल का कहना है कि यह केमिकल अजोव सागर में मिलकर पूरे समुद्री जीवन को मार सकता है।

मारियुपोल के अजोवस्टल स्टील प्लांट पर रूसी हमले की वजह से खतरनाक केमिकल रिस कर अजोव सागर में मिल रहा है। जिससे समुद्री जीवन पर खतरा मंडरा रहा है।
मारियुपोल के अजोवस्टल स्टील प्लांट पर रूसी हमले की वजह से खतरनाक केमिकल रिस कर अजोव सागर में मिल रहा है। जिससे समुद्री जीवन पर खतरा मंडरा रहा है।

यूक्रेनी छात्रों की मदद कर सकती है भारत सरकार
एक तरफ जंग छिड़ी है तो दूसरी तरफ रूस-यूक्रेन युद्ध और कोविड लॉकडाउन के बाद यूक्रेन-चीन से लौटे मेडिकल स्टूडेंट्स को भारत सरकार बड़ी राहत दे सकती है। इन छात्रों की आगे की पढ़ाई के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) अलग-अलग विकल्पों पर काम कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल, दिल्ली और तमिलनाडु जैसे कुछ राज्यों ने केंद्र से कहा है कि वे अपने स्टूडेंट्स को अपने राज्य के मेडिकल कॉलेज में पढ़ाने को तैयार हैं।

यूक्रेन और चीन से लौटे छात्रों के लिए इन विकल्पों पर विचार

  • यूक्रेन-चीन से लौटे मेडिकल स्टूडेंट्स ऑनलाइन पढ़ाई करें। वहां से डिग्री लें और भारत में इंटर्नशिप करें। फिर फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट (FMG) एग्जाम पास करके वे देश में प्रैक्टिस कर सकेंगे।
  • जिस राज्य के स्टूडेंट्स हैं, वहीं के मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिया जाए। फीस की जिम्मेदारी राज्य तय करें।
  • स्टूडेंट्स रूस और आसपास के कुछ देशों में पढ़ाई पूरी करें। ये देश तैयार भी हैं। भारतीय दूतावास के माध्यम से उनसे पत्राचार हुआ है।

फूड क्राइसिस से निपटने के लिए अमेरिका देगा 2.3 अरब डॉलर
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन दुनियाभर में इमरजेंसी फूड क्राइसिस से निपटने के लिए 2.3 अरब डॉलर देने की घोषणा की है। संयुक्त राष्ट्र में उन्होंने ऐलान किया कि इस रिलीफ पैकेज में से 21.5 करोड़ डॉलर तुरंत दिए जाएंगे।

ब्लिंकन ने विश्व बैंक के हवाले से बताया कि रूस के यूक्रेन पर हमले की वजह से इस साल अतिरिक्त 4 करोड़ लोगों पर गरीबी और फूड क्राइसिस का संकट आ सकता है। 2016 में जहां फूड क्राइसिस से जूझ रहे लोगों की तादाद 10.8 करोड़ थी, जो अब बढ़कर 16.1 करोड़ पहुंच गई है।

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने संयुक्त राष्ट्र संघ को बताया कि रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से इस साल अतिरिक्त 4 करोड़ लोगों पर फूड क्राइसिस आ सकता है।
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने संयुक्त राष्ट्र संघ को बताया कि रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से इस साल अतिरिक्त 4 करोड़ लोगों पर फूड क्राइसिस आ सकता है।

रूस-यूक्रेन जंग के प्रमुख अपडेट्स..

  • रूस ने फ्रांस, स्पेन और इटली के 85 डिप्लोमैट्स को निकाल दिया।
  • यूक्रेनी राष्ट्रपति ने देश में मार्शल लॉ को गर्मियों के अंत तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।
  • अमेरिकी सीनेट ने ब्रिजेट ब्रिंक को यूक्रेन में राजदूत के रूप में मंजूरी दी।

क्रोएशिया ने फिनलैंड-स्वीडन की नाटो मेंबरशिप में फंसाया पेंच
फिनलैंड और स्वीडन की नाटो मेंबरशिप में तुर्की तो रोड़ा बना ही हुआ है, अब क्रोएशिया ने भी इसे लेकर पेंच फंसा दिया है। क्रोएशिया के राष्ट्रपति जोरान मिलानोविक का कहना है कि वो नाटो में इन दोनों देशों की परमानेंट मेंबरशिप के खिलाफ वोट करेंगे। वहीं, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने कहा कि वो इन्हें नाटो में शामिल होने की इजाजत नहीं देंगे।

राजधानी कीव में अमेरिकी दूतावास फिर से शुरू
यूक्रेन की राजधानी कीव में युद्ध की तपिश मद्धम पड़ते ही, कई देशों ने अपने दूतावास फिर से खोल दिए हैं। अब अमेरिका की तरफ से अपनी ऐंबैसी ओपन कर दी गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इसे लेकर एक बयान जारी किया है। अमेरिका ने युद्ध शुरू होने से 10 दिन पहले ही अपने दूतावास बंद कर दिए थे।