जंग के 100 दिन:किसी ने गंवाए अपने, तो कोई हुआ अपाहिज; यूक्रेन हमले की सबसे दर्दनाक तस्वीरें

8 महीने पहले
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रूस-यूक्रेन युद्ध के 100 दिन पूरे हो गए हैं। इस युद्ध में यूक्रेन की सड़कों पर खून की नदियां बहने लगी हैं। इसे सदी का सबसे बड़ा ह्यूमन क्राइसिस माना जा रहा है। यूनाइटेड नेशन ह्यूमन राइट काउंसिल के मुताबिक इस युद्ध में करीब 68 लाख लोगों ने देश छोड़ दिया है। वहीं 80 लाख लोग देश के अंदर ही अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। यही नहीं, इस युद्ध में कई बच्चों ने अपने माता-पिता खो दिए हैं। कुछ लोग इस कदर घायल हुए कि दोबारा नॉर्मल जिंदगी नहीं जी पाएंगे।

इसके अलावा रूस ने यूक्रेन के हेल्थ सिस्टम को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने यूक्रेन के अब तक 103 हेल्थ इंस्टीट्यूट पर हमले की घटनाओं को पुष्टि की है। इन हमलों के बाद बीमार लोगों का इलाज करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 100 दिनों के बाद तस्वीरों से जानते है रूस के हमले ने यूक्रेन में कितनी तबाही मचाई है……………

3 मार्च 2022 को स्टानिस्लाव नाम के नागरिक ने अपने पत्नी ऐना और बेटे डेविड को बचाने के लिए खुद को दोनों से दूर कर दिया। दोनों को ट्रेन में बैठाने के बाद अपने बेटे डेविड को गुडबाय कहते हुए स्टानिस्लाव।
3 मार्च 2022 को स्टानिस्लाव नाम के नागरिक ने अपने पत्नी ऐना और बेटे डेविड को बचाने के लिए खुद को दोनों से दूर कर दिया। दोनों को ट्रेन में बैठाने के बाद अपने बेटे डेविड को गुडबाय कहते हुए स्टानिस्लाव।
5 मार्च को यूक्रेन सैकड़ों लोग कीव इरपिन नदी पार करके कीव छोड़कर जाना चाहते थे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी एक टूटे पुल के नीचे अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे थे।
5 मार्च को यूक्रेन सैकड़ों लोग कीव इरपिन नदी पार करके कीव छोड़कर जाना चाहते थे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी एक टूटे पुल के नीचे अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे थे।
26 मई को खार्किव में रूसी सैनिकों ने हमला किया। सबवे में छिपे होने के बावजूद ऐलेना नील्स के पति इस हमले में मारे गए। अपने पति की मौत के बाद वो घंटों उनके पास बैठी रहीं।
26 मई को खार्किव में रूसी सैनिकों ने हमला किया। सबवे में छिपे होने के बावजूद ऐलेना नील्स के पति इस हमले में मारे गए। अपने पति की मौत के बाद वो घंटों उनके पास बैठी रहीं।
9 मार्च को रूस ने मारियुपोल में रूस ने हमला किया। इस हमले में प्रेग्नेंट महिला घायल हो गई। जिसे बाद में यूक्रेनियन मिलिट्री ने अस्पताल तक पहुंचाया।
9 मार्च को रूस ने मारियुपोल में रूस ने हमला किया। इस हमले में प्रेग्नेंट महिला घायल हो गई। जिसे बाद में यूक्रेनियन मिलिट्री ने अस्पताल तक पहुंचाया।
3 अप्रैल को बुचा पर हमले के बाद शहर बर्बाद हो गया। यहां सड़कें कभी लोगों से आबाद हुआ करती थीं, वहीं अब इन सड़कों पर बर्बादी का मंजर पसरा हुआ है।
3 अप्रैल को बुचा पर हमले के बाद शहर बर्बाद हो गया। यहां सड़कें कभी लोगों से आबाद हुआ करती थीं, वहीं अब इन सड़कों पर बर्बादी का मंजर पसरा हुआ है।
एंटोन ग्लेडोन 22 साल के ऐसे सैनिक हैं जो फ्रंट लाइन में रूस से लोहा ले रहे थे। इस लड़ाई में उन्होंने अपने दोनों पैर खो दिए।
एंटोन ग्लेडोन 22 साल के ऐसे सैनिक हैं जो फ्रंट लाइन में रूस से लोहा ले रहे थे। इस लड़ाई में उन्होंने अपने दोनों पैर खो दिए।
3 अप्रैल को कीव के नजदीकी गांव के कई लोग मारे गए। इस गांव के मेयर और उनके परिवार की लाशें एक साथ ऐसे पड़ी हुई मिलीं।
3 अप्रैल को कीव के नजदीकी गांव के कई लोग मारे गए। इस गांव के मेयर और उनके परिवार की लाशें एक साथ ऐसे पड़ी हुई मिलीं।
मारियुपोल की बड़ी आबादी मर गई। जो लोग बच गए उन्होंने अपने हाथों से लाशों को सार्वजनिक कब्रिस्तानों में दफनाया
मारियुपोल की बड़ी आबादी मर गई। जो लोग बच गए उन्होंने अपने हाथों से लाशों को सार्वजनिक कब्रिस्तानों में दफनाया
बूचा में हमले के बाद कई लाशें इसी तरह सड़कों पर पड़ी रहीं। जो बच गए, वो मौत के इस तांडव को देखने के लिए मजबूर थे।
बूचा में हमले के बाद कई लाशें इसी तरह सड़कों पर पड़ी रहीं। जो बच गए, वो मौत के इस तांडव को देखने के लिए मजबूर थे।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन के नागरिकों के दुश्मन बन गए हैं। यहां लोग पुतिन की पेंटिग को टारगेट बना कर शूटिंग प्रैक्टिस कर रहे हैं।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन के नागरिकों के दुश्मन बन गए हैं। यहां लोग पुतिन की पेंटिग को टारगेट बना कर शूटिंग प्रैक्टिस कर रहे हैं।
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