पुतिन ने दी परमाणु हमले की धमकी:कहा- किसी ने यूक्रेन में दखल दिया तो बर्दाश्त नहीं करेंगे, रूस घातक तरीके से जवाब देगा

मॉस्को5 महीने पहले

यूक्रेन युद्ध के दो महीने गुजरने के बाद भी युद्ध की तपिश कम नहीं हो रही है, बल्कि दुनिया पर परमाणु हमले का संकट गहराता जा रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने इशारों में पश्चिमी देशों को परमाणु हमले की धमकी दी है। पुतिन का इशारा इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल सरमट की तरफ था।

बुधवार को सेंट पीटर्सबर्ग में रूसी सांसदों को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा- बाहर (यूक्रेन में) जो हो रहा है अगर कोई उसमें दखलअंदाजी करने का इरादा रखता है, तो उन्हें पता होना चाहिए ये रूस इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। जो कोई भी रूस को धमकी देगा उसे हम बिजली की तेजी से और घातक तरीके से जवाब देंगे।

हमारे पास ऐसे हथियार जिन पर कोई और घमंड नहीं कर सकता
रूसी राष्ट्रपति ने आगे कहा- हमारे पास इसके लिए सभी जरूरी हथियार हैं। हमारे पास ऐसे हथियार भी हैं जिन पर कोई और घमंड नहीं कर सकता। हम उनके बारे में शेखी नहीं बघारना चाहते, लेकिन हम उनका इस्तेमाल करेंगे। यूक्रेन के मामले में दखलअंदाजी करने वाले देश अगर हमें धमकी देते हैं तो रूस परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने से भी हिचकिचाएगा नहीं।

पुतिन ने सीधे तौर पर तो परमाणु हथियारों का जिक्र नहीं किया, लेकिन उसका इशारा नई सरमट 2 परमाणु मिसाइल की तरफ था। रूस ने कुछ दिन पहले ही इस इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। रूस का दावा है कि यह मिसाइल दुनिया में किसी भी टारगेट को हिट कर सकती है।

रूसी सेना अपने सभी मकसद को जरूर पूरा करेगी
व्लादिमिर पुतिन ने एक बार फिर यूक्रेन पर हमले को एक स्पेशल ऑपरेशन बताया। उन्होंने कहा- रूसी सेना अपने सभी मकसद को जरूर पूरा करेगी। हमारे सैनिक बड़े पैमाने पर संघर्ष को रोकने के लिए लड़ रहे हैं। पुतिन ने आरोप लगाया कि यूक्रेन बायोलॉजिकल वेपन डेवलप करने की कोशिश कर रहा था। यह हमारे देश के लिए असल खतरा है।

रूस यूक्रेन के साथ एक भाई तौर पर काम करता था
यूक्रेन के साथ अपने बीते रिश्तों को याद करते हुए उन्होंने कहा, रूस हमेशा यूक्रेन के साथ सहानुभूति रखता था और एक दोस्त, एक कॉमरेड और एक भाई के तौर पर काम करता था। हम एक आजाद यूक्रेनी राज्य के बारे में सोचते थे, हमने सोचा था कि ये हमेशा एक दोस्ताना राज्य रहेगा।

हमने सोचा था कि हम एक साथ विकसित होंगे और एक-दूसरे को मजबूत करेंगे। एक दूसरे की आगे बढ़ने में मदद करेंगे, लेकिन हमें बिल्कुल भी इस बात की उम्मीद नहीं थी कि वहां पर रूस के विरोधी पैदा होंगे। हम इसकी बिल्कुल भी इजाजत नहीं दे सकते।