मैक्रों-पुतिन की बातचीत का ऑडियो लीक:फ्रेंच प्रेसिडेंट के सवालों से तंग आकर पुतिन ने कहा- जिम में हूं, फिर आईस हॉकी खेलूंगा

पेरिस3 महीने पहले

रूस और यूक्रेन की जंग 24 फरवरी को शुरू हुई थी। इसके पहले दुनिया के कई नेता इसे रोकने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को मनाने की कोशिश कर रहे थे। 20 फरवरी को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पुतिन को फोन किया। दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई। कई मौकों पर पुतिन झल्लाए भी। पुतिन बातचीत जल्द खत्म करना चाहते थे। मैक्रों के रवैये से भी वो खफा थे। फोन काटने से पहले रूसी राष्ट्रपति ने कहा- मिस्टर प्रेसिडेंट, मैं अभी जिम में हूं। एक्सरसाइज के बाद आइस हॉकी खेलने जाउंगा। मैक्रों इशारा समझ गए और उन्होंने भी गुडबाय कहकर बातचीत खत्म की।

लीक से रूस सख्त नाराज
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पुतिन-मैक्रों की बातचीत का ऑडियो लीक होने पर सख्त नाराजगी जाहिर की। लावरोव ने कहा- यह डिप्लोमैटिक एटिकेट्स के खिलाफ है। दो बड़े नेताओं की बातचीत का टेप आखिर लीक हुआ तो कैसे? कौन इसकी जिम्मेदारी लेगा। इससे भी बड़ी बात यह है कि आपसी भरोसा कम होने का जिम्मेदार कौन होगा।

पुतिन और मैक्रों की बातचीत के लीक ऑडियो से साफ हो जाता है कि रूसी राष्ट्रपति यूक्रेन पर हमले का मन पहले ही बना चुके थे।
पुतिन और मैक्रों की बातचीत के लीक ऑडियो से साफ हो जाता है कि रूसी राष्ट्रपति यूक्रेन पर हमले का मन पहले ही बना चुके थे।

फ्रेंच मीडिया के पास ऑडियो रिकॉर्डिंग
फ्रांस के टीवी चैनल ‘फ्रांस 2’ ने यह ऑडियो टेप जारी किया है। बातचीत ट्रांसलेटर्स के जरिए हुई। इसमें एक जगह पुतिन मैक्रों से कहते हैं- आपको हमसे पहले उन लोगों से बातचीत करना चाहिए जो यूक्रेन में रहकर रूस का समर्थन कर रहे हैं। इस पर मैक्रों नाराजगी भरे अंदाज में कहते हैं- पता नहीं आपको कौन से वकील ये सलाह दे रहे हैं और उन्होंने कानून की पढ़ाई कहां से की है। इस पर पुतिन कहते हैं- यूक्रेन में चुनी हुई सरकार नहीं है। जेलेंस्की तख्तापलट करके सत्ता में आए हैं और आप उनका समर्थन कर रहे हैं।

इस पर मैक्रों कहते हैं- हम किसी विद्रोही गुट से बातचीत नहीं करेंगे। आप ये बताएं कि रूस के इरादे क्या हैं? क्या हम कोई सकारात्मक पहल की उम्मीद कर सकते हैं, जिससे जंग को रोका जा सके।

पुतिन के इरादे शुरू से गलत थे
बातचीत से साफ संकेत मिलते हैं कि पुतिन यूक्रेन पर हमला किसी सूरत में रोकना नहीं चाहते थे। वो बार-बार यही कहते रहे कि यूक्रेन को रूस का समर्थन करने वाले यूक्रेन विद्रोही गुट से बातचीत करनी चाहिए। मैक्रों ऐसा करने से साफ इनकार कर देते हैं। मैक्रों कहते हैं- NATO और यूक्रेन, दोनों किसी विद्रोही गुट से बातचीत करने को तैयार नहीं हैं।

पुतिन और मैक्रों की बातचीत के दौरान एक बार जो बाइडेन का जिक्र भी हुआ। पुतिन ने साफ कर दिया कि वो अमेरिकी राष्ट्रपति से बातचीत नहीं करना चाहते।
पुतिन और मैक्रों की बातचीत के दौरान एक बार जो बाइडेन का जिक्र भी हुआ। पुतिन ने साफ कर दिया कि वो अमेरिकी राष्ट्रपति से बातचीत नहीं करना चाहते।

बाइडेन से बातचीत के लिए भी तैयार नहीं
बातचीत के दौरान जब माहौल कुछ गर्म होता है तो मैक्रों कहते हैं- आप इस मसले पर जो बाइडेन से चर्चा कर लीजिए। हमको तो तनाव कर करके जंग टालनी की कोशिश करनी है। पुतिन इस ऑफर को भी ठुकरा देते हैं।

साफ पता लगता है कि रूसी राष्ट्रपति यूक्रेन पर हमले का मन बना चुके थे और यह टेलिफोनिक बातचीत भी जल्द खत्म करना चाहते थे। इसलिए पुतिन कहते हैं- साफतौर पर कहूं तो मैं आईस हॉकी खेलने जाना चाहता हूं। अभी जिम में हूं और यहीं से बात कर रहा हूं।

इस पर मैक्रों कहते हैं- क्या हम एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी कर सकते हैं। जवाब में पुतिन कहते हैं- मैं अपने एडवाइजर्स से सलाह लेकर आपको इस बारे में बताउंगा।