दुनिया आतंक को पालने वाले देशों पर एक्शन ले:UN में जयशंकर बोले- ग्लोबल टेररिस्ट्स को बचाने वाले बयानबाजी करके हकीकत नहीं छिपा सकते

न्यूयॉर्क2 महीने पहले

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UNGA के 77वें सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बिना ही दोनों देशों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके लिए भारत जल्द जी-20 और आतंकवाद से निपटने वाली कमेटी की अध्यक्षता करने जा रहा है।

उन्होंने कहा- कोई भी बयानबाजी करके अपनी करतूत नहीं छिपा सकता है। उनका ये बयान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के 'आर्टिकल 370' पर दिए गए बयान के बाद सामने आया। दरअसल, पाकिस्तान के PM शाहबाज ने कहा था- जम्मू कश्मीर को हिंदू टेरेटरी बनाने की साजिश हो रही है। भारत ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को बदलने के लिए 5 अगस्त 2019 को एकतरफा कदम उठाया। भारत के फैसले से समाधान और मुश्किल हो गया है।

आतंकियों को बचाने की कोई वजह जायज नहीं
उन्होंने कहा- संयुक्त राष्ट्र अपराधियों पर प्रतिबंध लगाकर आतंकवाद का जवाब देता है। UN सुरक्षा परिषद 1267 समिति (सैंक्शन रिजीम) के तहत आतंकियों पर प्रतिबंध लगाता है। जो देश UNSC की 1267 समिति का राजनीतिकरण और संयुक्त राष्ट्र में घोषित आतंकवादियों का बचाव करते हैं वो अपने जोखिम पर ऐसा करते हैं। ऐसा करके वो अपनी रेपुटेशन नहीं सुधार सकते हैं। यहां उनका इशारा चीन और पाकिस्तान की ओर था। चीन ने कई बार पाकिस्तान के आतंकवादियों को सुरक्षा परिषद की ग्लोबल टेरेरिस्ट लिस्ट में शामिल करने पर अड़ंगा लगाया है।

चीन का पाकिस्तान प्रेम

  • पिछले महीने चीन ने भारत और अमेरिका की ओर से पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) आतंकवादी ग्रुप के कमांडर अब्दुल रउफ को वैश्विक आतंकी घोषित कर उस पर प्रतिबंध लगाने वाले प्रस्ताव को रोक दिया।
  • तीन महीने पहले पाकिस्तान के आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को सुरक्षा परिषद की ग्लोबल टेरेरिस्ट लिस्ट में शामिल करने पर चीन ने अड़ंगा लगाया।
  • चीन ने पाकिस्तान और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधित आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर को नामित करने के प्रस्तावों पर भी रोक लगा दी थी।

आतंकवाद बर्दाश्त नहीं- जयशंकर
एस जयशंकर ने कहा- हमें आतंकवाद बर्दाश्त नहीं है। आतंकवाद फैलाने और आतंकियों को पनाह देने वाले देशों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अपने 16 मिनट तक दिए भाषण की शुरुआत करते हुए कहा- मैं दुनिया के सबसे बड़े डेमोक्रेटिक देश से 1.3 बिलियन लोगों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। यह नया भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में अपने विकास को लेकर प्रतिबद्ध है।

भारत शांति का पक्षधर
जयशंकर ने रूस-यूक्रेन जंग का जिक्र करते हुए कहा- यूक्रेन संघर्ष को लेकर हमसे पूछा जाता है कि हम किस के पक्ष में हैं और हमारा जवाब हर बार सीधा और ईमानदार होता है। भारत शांति के पक्ष में है। हम उस पक्ष में हैं जो बातचीत और कूटनीति को ही एकमात्र रास्ता बताता है।

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