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प्रोजेक्ट / सऊदी अरब में बन रही है दुनिया की पहली स्पोर्ट्स सिटी; यहां इस्लामिक कानून नहीं, पश्चिम जैसी आजादी

Saudi Arabia Rs 37 lakh crore The world's first sports city remained, not Islamic law, freedom like the West
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Saudi Arabia Rs 37 lakh crore The world's first sports city remained, not Islamic law, freedom like the West

  • स्पोर्ट्स सिटी सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन-2030 का हिस्सा है, लागत 37 लाख करोड़ रुपए आएगी
  • खेल प्रशंसकों, महिलाओं और काम करने वालों को न सिर्फ शराब पीने की छूट मिलेगी, बल्कि वह पश्चिम देशों की तर्ज पर आजादी से घूम-फिर सकेंगे

Dainik Bhaskar

Dec 05, 2019, 08:42 AM IST

रियाद/लंदन . सऊदी अरब 37 लाख करोड़ रुपए की लागत से दुनिया की पहली स्पोर्ट्स सिटी बनाने जा रहा है। यह पहल सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन-2030 का हिस्सा है। इसके तहत सऊदी अरब को स्पोर्ट्स इवेंट का वैश्विक केंद्र बनाया जाना है। लाल सागर की सीमा पर बनने वाली इस स्पोर्ट्स सिटी में इस्लामिक कानून भी लागू नहीं होंगे। यहां पश्चिमी देशों के हिसाब से बने नियम-कायदे लागू होंगे। यानी यहां आने वाले खेल प्रशंसकों, महिलाओं और काम करने वालों को न सिर्फ शराब पीने की छूट मिलेगी, बल्कि वह पश्चिम देशों की तर्ज पर आजादी से घूम-फिर सकेंगे।

उन पर इस्लामिक कानून के पालन का कोई दबाव नहीं रहेगा। इस सिटी का नाम ‘नेओम’ रखा गया है। इसका पहला चरण 2025 में पूरा हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2018 में ही हो गई थी। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक प्रिंस ने तेल पर निर्भर देश में विजन 2030 के तहत सामाजिक और आर्थिक बदलाव का दौर शुरू किया और बहुत सारे नए फैसले लिए। इसके चलते खेलों से जुड़े कई बड़े आयोजन करने का भी प्रस्ताव तैयार किया गया। इसी फैसले के तहत अगले शनिवार को रियाद में एंटोनी जोशुआ और एंडी रुज जूनियर के बीच विश्व हैवीवेट बॉक्सिंग का मुकाबला रखा गया है।

इसकी इनामी रकम 4,720 करोड़ रुपए है। हालांकि, यह मुकाबला देखने वाले प्रशंसकों को वैसी अाजादी नहीं मिलेगी, जैसी नेओम बनने के बाद वहां मिलेगी। यहां खेलों के जरिए पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अगले साल करोड़ों की इनामी राशि वाली बॉक्सिंग, फुटबाॅल, फॉर्मूला-वन, साइकिलिंग, घुड़दौड़ समेत कई खेलों की चैंपियानशिप का आयोजन किया जा रहा है। इधर, एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी कई मानवाधिकार संस्थाओं ने सऊदी अरब के खेल के मैदान में लौटने की नई भूमिका की आलोचना की है। सऊदी अरब का कहना है कि भले ही उनका वैश्विक मंच पर विराेध हो, लेकिन वह किसी भी कीमत पर खेलों से मिलने वाली रॉयल्टी की दरें नहीं गिराएगा। उसका लक्ष्य बिल्कुल साफ है- पर्यटन उद्योग के जरिए 10 फीसदी आमदनी होनी ही चाहिए।

भारत समेत 8 रणनीतिक भागीदारों से खेल समझौता करेगा

सऊदी अरब ने विजन-2030 के तहत रणनीतिक भागीदारी के लिए 8 देशों को चुना है। इनमें भारत भी है। सऊदी के खेल मामलों के मंत्री प्रिंस अब्दुल अजीज बिन तुर्की अल फैसल का कहना है कि हम रणनीतिक भागीदारों से द्विपक्षीय समझौता करेंगे। खेल गतिविधियां और आयोजन को बढ़ाने के अलावा हम नेओम में उपलब्ध विश्व स्तरीय सुविधाएं इन देशों के साथ साझा करेंगे।

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