सऊदी अरब / वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार जमाल खशोगी के बेटे ने कहा- हमने अपने पिता के हत्यारों को माफ किया, मंगेतर बोलीं- माफी का अधिकार किसी को नहीं

अमेरिका की सीआईए और यूएन के विशेष दूत ने जमाल खशोगी की हत्या के पीछे सीधे तौर पर प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का हाथ बताया था। - फाइल अमेरिका की सीआईए और यूएन के विशेष दूत ने जमाल खशोगी की हत्या के पीछे सीधे तौर पर प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का हाथ बताया था। - फाइल
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अमेरिका की सीआईए और यूएन के विशेष दूत ने जमाल खशोगी की हत्या के पीछे सीधे तौर पर प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का हाथ बताया था। - फाइलअमेरिका की सीआईए और यूएन के विशेष दूत ने जमाल खशोगी की हत्या के पीछे सीधे तौर पर प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का हाथ बताया था। - फाइल

  • अक्टूबर 2018 में इस्तांबुल के सऊदी दूतावास में जमाल खशोगी की हत्या हुई थी
  • हत्या में दोषी पाए गए 11 में से पांच लोगों को मौत की सजा सुनाई गई

दैनिक भास्कर

May 22, 2020, 03:21 PM IST

रियाद. सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी के बेटे ने शुक्रवार को कहा कि वे अपने पिता के हत्यारों को माफ करते हैं। उनके बेटे सालाह खशोगी ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘मैं शहीद जमाल खशोगी का बेटा हूं। मैं घोषणा करता हूं कि हम अपने पिता की हत्या करने वालों को माफ करते हैं।’’ इसपर खशोगी की मंगेतर ने कहा कि माफी का अधिकार किसी को नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं और दूसरे लोग तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिलेगा।

खशोगी के बेटे सालाह सऊदी अरब में रहते हैं। उनकी घोषणा का केस पर कितना प्रभाव पड़ेगा, फिलहाल यह साफ नहीं है।

रॉयल फैमिली के आलोचक थे खशोगी
जमाल खशोगी वॉशिंगटन पोस्ट के लिए लिखते थे। खशोगी रॉयल फैमिली के आलोचक हो गए थे। 2 अक्टूबर 2018 को इस्तांबुल में सऊदी के दूतावास में उनकी हत्या कर दी गई थी। खशोगी की डेड बॉडी नहीं मिली। इस हत्याकांड के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सऊदी के खिलाफ आक्रोश पनपा था।

हत्याकांड में 11 लोगों को दोषी पाया गया था
तुर्की ने बताया था कि इस हत्याकांड में रियाद से भेजे गए 15 एजेंट शामिल थे। सरकारी वकील के मुताबिक, इस मामले में दोषी पाए गए 11में से पांच को मौत की सजा, तीन को 24 साल जेल और अन्य को बरी कर दिया गया। सालाह ने पहले कहा था कि उन्हें न्यायिक प्रणाली में पूरा विश्वास है और कुछ विरोधी इस मामले का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। 

खशोगी के बेटों से समझौते की बात भी सामने आई
वॉशिंगटन पोस्ट ने अप्रैल में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी इसमें बताया था कि खशोगी के बच्चों को, जिनमें सालाह भी शामिल हैं, को करोड़ों डॉलर के घर दिए गए। अधिकारी उन्हें खर्च के लिए हर महीने हजारों डॉलर अलग से देते हैं, लेकिन सालाह ने सऊदी सरकार के साथ समझौते चर्चा करने से इनकार कर दिया था। साथ ही उन्होंने रिपोर्ट को भी अस्वीकार कर दिया था। अमेरिका की सीआईए और यूएन के विशेष दूत दोनों ने इस हत्याकांड के पीछे सीधे तौर पर प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का हाथ बताया था। हालांकि, सऊदी हमेशा से इससे इनकार करता रहा है। 

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