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अमेरिका / वैज्ञानिकों ने तैयार की 3डी डिवाइस, अब बर्फबारी के दौरान बनाई जा सकेगी बिजली

Dainik Bhaskar

Apr 16, 2019, 02:43 PM IST


Scientists have designed a first-of-its-kind 3D-printed device that can produce electricity from falling snow.
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Scientists have designed a first-of-its-kind 3D-printed device that can produce electricity from falling snow.
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  • लास एंजिलिस स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ केलिफोर्निया के शोधार्थियों ने बनाई डिवाइस
  • सिलिकॉन की शीट से बनी है डिवाइस, इलेक्ट्रान के आदान प्रदान से बनेगी बिजली 
     

लास एंजिलिस. बर्फबारी का मौसम अक्सर परेशानियां लेकर आता है, लेकिन लास एंजिलिस स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ केलिफोर्निया के शोधार्थियों ने ऐसी 3डी डिवाइस बनाई है, जिससे बर्फबारी के दौरान बिजली का उत्पादन हो सकेगा। डिवाइस सिलिकॉन की शीट से बनी है। जो तरीका इजाद किया गया है, उसमें इलेक्ट्रान के आदान प्रदान से बिजली बनाई जा सकेगी। 
 

वरदान बन सकती है डिवाइस

  1. सर्दी के मौसम में पृथ्वी का लगभग 30 फीसदी हिस्सा बर्फ से ढका रहता है। इस दौरान रोजमर्रा के काम भी मुश्किल हो जाते हैं। ऐसे में यह अनूठा आविष्कार लोगों के लिए एक सौगात की तरह से है। सूत्रों का कहना है कि डिवाइस न केवल सस्ती बल्कि छोटी और पतली भी है। इसका आकार प्लास्टिक की शीट जैसा है।

  2. यूनिवर्सिटी के शोधार्थी रिचर्ड कनेर ने जर्नल नेनो एनर्जी में लिखा है कि डिवाइस रिमोट एरिया में भी काम करने में सक्षम है। इसे चलाने के लिए बैट्री की जरूरत नहीं होती। सिलिकॉन की वजह से इसमें खुद की शक्ति होती है। 

  3. ट्राइबोइलेक्ट्रिक नेनोजेनरेटर का नाम दिया

    कनेर के मुताबिक- यह एक स्मार्ट डिवाइस है। मौसम केंद्र की तरह से यह बता सकती है कि बर्फ कितनी गिर रही है और उसकी दिशा क्या है। हवा की रफ्तार का आकलन करने में भी यह सक्षम है। इसे ट्राइबोइलेक्ट्रिक नेनोजेनरेटर का नाम दिया गया है। 

  4. वैज्ञानिक का कहना है कि इसमें इलेक्ट्रान के आदान-प्रदान से स्थिर बिजली बनाई जा सकेगी। स्थिर बिजली तब बनती है जब दो ऐसी चीजें एक दूसरे के संपर्क में आती हैं, जिसमें से एक में इलेक्ट्रान ग्रहण करने की क्षमता हो जबकि दूसरे में देने की। 

  5. वैज्ञानिक का कहना है कि इसमें इलेक्ट्रान के आदान-प्रदान से स्थिर बिजली बनाई जा सकेगी। स्थिर बिजली तब बनती है जब दो ऐसी चीजें एक दूसरे के संपर्क में आती हैं, जिसमें से एक में इलेक्ट्रान ग्रहण करने की क्षमता हो जबकि दूसरे में देने की। 

  6. बर्फ में पॉजिटिव एनर्जी होती है। इसमें इलेक्ट्रान देने की क्षमता होती है। जबकि सिलिकॉन में नेगेटिव एनर्जी होती है। जब आसमान से गिरती बर्फ सिलिकॉन की सतह के संपर्क में आती है तब इलेक्ट्रान के आदान-प्रदान से ऊर्जा पैदा होती है। डिवाइस इस ऊर्जा को बिजली में तब्दील कर देती है।  

  7. सिलिकॉन में ऊर्जा उत्पादन की क्षमता कहीं ज्यादा

    सूत्रों का कहना है कि डिवाइस बनाने के लिए पहले एल्युमिनियम, टेफलान की शीटों का सहारा लिया गया। लेकिन वैज्ञानिकों ने महसूस किया कि इनकी अपेक्षा सिलिकॉन में ऊर्जा उत्पादन की क्षमता कहीं ज्यादा है। 

  8. सोलर पैनल में भी हो सकता है इस्तेमाल

    वैज्ञानिकों का कहना है कि बर्फ के जमाव से सूरज की रोशनी कम हो जाती है। ऐसे में सोलर पैनल भी बेकार हो जाते हैं। 3डी डिवाइस का इस्तेमाल सोलर पैनल में भी किया जा सकता है। इसके जरिए निर्बाध बिजली मिल सकती है। 

  9. डिवाइस से विंटर स्पोर्ट्स की निगरानी के साथ एथलीट के परफार्मेंस में सुधार किया जा सकता है। इसके जरिए सिगनल भी भेजे जा सकते हैं। इससे पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति विशेष किस अवस्था में है। 

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