ताशकंद में SCO देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग:बिलावल से मिल सकते हैं जयशंकर, मोदी-शाहबाज की मीटिंग अगले महीने मुमकिन

ताशकंद2 महीने पहले
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उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) के विदेश मंत्रियों की मीटिंग शुरू हो गई है। SCO में भारत, चीन और पाकिस्तान समेत 8 परमानेंट मेंबर हैं। भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस जयशंकर मीटिंग में शामिल हुए हैं। पाकिस्तान की ओर से बिलावल भुट्टो जरदारी शिरकत कर रहे हैं।

इस मीटिंग में दो अहम मुलाकातों की संभावना है। जयशंकर चीन के फॉरेन मिनिस्टर वांग यी से मुलाकात कर सकते हैं। इसमें लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर जारी तनाव पर चर्चा हो सकती है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो भी जयशंकर से मिल सकते हैं। सितंबर में SCO के राष्ट्राध्यक्षों का सम्मेलन होना है।

शुक्रवार को ताशकंद में मीटिंग शुरू होने से पहले कजाकिस्तान के फॉरेन मिनिस्टर मुख्तार तिलुवर्दी के साथ एस जयशंकर।
शुक्रवार को ताशकंद में मीटिंग शुरू होने से पहले कजाकिस्तान के फॉरेन मिनिस्टर मुख्तार तिलुवर्दी के साथ एस जयशंकर।

जयशंकर की तीन अहम मीटिंग्स पर नजर

  • SCO में शामिल देश हैं- भारत, चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान और पाकिस्तान। इन सभी देशों के फॉरेन मिनिस्टर्स ताशकंद में मौजूद हैं। भारत के नजरिए से देखें तो चीन और रूस के काउंटर पार्ट्स से जयशंकर की मुलाकात खास हो सकती है।
  • वांग यी और जयशंकर LAC पर जारी तनाव को लेकर बातचीत कर सकते हैं। इस मुद्दे पर दोनों देशों के आर्मी अफसर कई दौर की बातचीत कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस नतीजा हासिल नहीं हुआ। वांग यी और जयशंकर किसी हल की तरफ बढ़ सकते हैं।
  • रूस के फॉरेन मिनिस्टर सर्गेई लावरोव और जयशंकर की बातचीत में दुनिया की सप्लाई चेन और फूड क्राइसिस पर चर्चा हो सकती है। रूस-यूक्रेन जंग पर भी जयशंकर बात कर सकते हैं। मुमकिन है इसमें सीजफायर का मुद्दा भी उठे।
  • बिलावल-जयशंकर भी मिल सकते हैं। पाकिस्तान की इकोनॉमी श्रीलंका के रास्ते पर है। शाहबाज शरीफ सरकार पर दबाव है कि वो भारत से ट्रेड बहाल करे, ताकि सस्ता सामान मिल सके। पाकिस्तान के कुछ जर्नलिस्ट्स कह रहे हैं कि सितंबर में मोदी-शाहबाज की मुलाकात के लिए रास्ता भी तैयार हो सकता है।
कजाकिस्तान के डेलिगेशन से मुलाकात के दौरान डॉक्टर एस जयशंकर। इस मीटिंग में दो साल में हुई प्रगति के बारे में चर्चा की गई।
कजाकिस्तान के डेलिगेशन से मुलाकात के दौरान डॉक्टर एस जयशंकर। इस मीटिंग में दो साल में हुई प्रगति के बारे में चर्चा की गई।

क्या मुत्तकी से भी मिलेंगे जयशंकर
इस मीटिंग में पहली बार एक ऐसी मुलाकात भी मुमकिन है जो डिप्लोमैसी में बड़ा बदलाव ला सकती है। दरअसल, SCO में चार ऑब्जर्वर स्टेट यानी सुपरवाइजर देश भी हैं। ये हैं- अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया।

अफगानिस्तान की तालिबान हुकूमत को अब तक किसी देश ने मान्यता नहीं दी है। पिछले महीने भारत ने अपनी काबुल एम्बेसी में ‘टेक्निकल टीम’ अपॉइंट की है। मोदी सरकार हर स्तर पर अफगानिस्तान की मदद कर रही है। माना जा रहा कि जयशंकर अफगानिस्तान के केयर टेकर फॉरेन मिनिस्टर आमिर खान मुत्तकी से भी मिल सकते हैं। यह टॉप लेवल पर भारत सरकार और तालिबान के बीच पहली मुलाकात होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जयशंकर ताशकंद में अफगानिस्तान के केयर टेकर फॉरेन मिनिस्टर आमिर खान मुत्तकी से पहली बार मिल सकते हैं। (फाइल)
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जयशंकर ताशकंद में अफगानिस्तान के केयर टेकर फॉरेन मिनिस्टर आमिर खान मुत्तकी से पहली बार मिल सकते हैं। (फाइल)

अगला महीना अहम
SCO के लिए अगला महीना यानी सितंबर बेहद अहम होने जा रहा है। सभी 8 देशों के राष्ट्रप्रमुख उज्बेकिस्तान के समरकंद में जुटेंगे। 15 और 16 सितंबर तक यह सम्मेलन चलेगा। इस मीटिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भी हिस्सा ले सकते हैं।

पाकिस्तान के कई जर्नलिस्ट्स दावा कर रहे हैं कि बैकडोर डिप्लोमैसी और अमेरिकी दखल के चलते इस मीटिंग में प्रधानमंत्री मोदी और शाहबाज शरीफ की मुलाकात हो सकती है। हालांकि, तस्वीर का दूसरा पहलू ये है कि पाकिस्तान में भारी सियासी उथलपुथल के बीच शरीफ की कुर्सी किसी भी वक्त जा सकती है।