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मारमरा सागर में समुद्री गाद की सफाई:तुर्की में 100 फीट की गहराई तक जमी समुद्री गाद, साफ करने में लग जाएंगे 3 साल

अंकाराएक महीने पहले
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सी-स्नॉट (समुद्री गाद) मारमरा सागर की ऊपरी सतह से 100 फीट की गहराई तक जम चुका है। - Dainik Bhaskar
सी-स्नॉट (समुद्री गाद) मारमरा सागर की ऊपरी सतह से 100 फीट की गहराई तक जम चुका है।

तुर्की के मारमरा सागर में फैले सी-स्नॉट (समुद्री गाद) की सफाई का काम शुरू हो गया है। दावा है कि इसको साफ करने में 3 साल लग सकते हैं। दरअसल, सी-स्नॉट मारमरा सागर की ऊपरी सतह से 100 फीट की गहराई तक जम चुका है। इस चिपचिपे पदार्थ की वजह से लोग समुद्री तटों पर नहीं जा रहे हैं।

पर्यटकों को भी रोक दिया गया है। मछुआरे मछली पकड़ने नहीं जा पा रहे हैं, क्योंकि सी-स्नॉट नाव के निचले हिस्से और उनकी मोटरों को खराब कर रहा है। इससे तुर्की का व्यवसाय भी ठप हो गया है। इस समस्या तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की चिंता भी बढ़ा दी है। उन्होंने कहा है कि जल्द ही इस समस्या को खत्म कर दिया जाएगा। सी-स्नॉट सबसे पहले 2007 में देखा गया था।
क्या होता है सी-स्नॉट?
सी-स्नॉट समुद्र में बनने वाला एक लसलसा पदार्थ है। यह तब बनता है, जब शैवाल बहुत ज्यादा पोषण पाकर तेजी से बढ़ने लगते हैं। इससे समुद्र की सतह पर भूरी-मटमैली, चिपचिपी परत जम जाती है, जिससे नावें या इंसान भी नहीं तैर सकते।
कितना अहम है मारमरा का समुद्र?

मारमरा समुद्र, काला सागर को एजियन सागर से जोड़ता है। यह वहां की लाइफलाइन कहलाता है। इसकी सीमा पर तुर्की के 5 राज्य हैं। इस्तांबुल भी यहीं है। ऐसे में जाहिर है कि मारमरा समुद्र से काफी व्यापारिक गतिविधियां होती रहती हैं।

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