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  • Shirts Will Be Made Of Walking Cameras, Drone Will Get 360 Degree View, Watching From VR Will Feel Like A Stadium Sitting At Home, Robots Will Help Players

हाईटेक ओलिंपिक:शर्ट बनेंगे वॉकिंग कैमरे, ड्रोन से 360 डिग्री व्यू मिलेगा, वीआर से देखने पर घर बैठे स्टेडियम जैसा अहसास, रोबाेट करेंगे खिलाड़ियों की मदद

7 महीने पहलेलेखक: टोक्यो से भास्कर के लिए जूलियन रयाल
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पहचान के लिए फेशियल रिकॉग्निशन का इस्तेमाल होगा। - Dainik Bhaskar
पहचान के लिए फेशियल रिकॉग्निशन का इस्तेमाल होगा।
  • टोक्यो ओलिंपिक में सुरक्षा और सहूलियत के लिए जापानी कंपनियों ने पेश की अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी

2013 में जब ओलिंपिक समिति ने 2020 के खेलों के लिए टोक्यो को मेजबानी दी थी तब ही जापान ने तय कर लिया था कि यह इतिहास का सबसे इनोवेटिव और आधुनिक टेक्नोलॉजी वाला ओलिंपिक होगा। हालांकि कोरोना ने इसमें बाधा जरूर डाली, पर जापानी कंपनियों ने इनोवेशन में कमी नहीं रखी। प्रतियोगियों, प्रतिनिधिमंडलों और दर्शकों की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और खास उपकरण लगाए गए हैं। दुनियाभर के दर्शकों को अद्भुत कवरेज दिखाने की तैयारी है। जानिए यह सब कैसे संभव होगा...

व्यवहार के पैटर्न पर नजर

सुरक्षा एजेंसी सेकॉम ने अपने कर्मियों के स्मार्टफोन उनके शर्ट से जोड़ दिए हंै। इससे वे वॉकिंग कैमरा जैसे काम करेंगे। इनसे बने वीडियो तत्काल कंट्रोल सेंटर से साझा होंगे। वहां पर इनका एआई से विश्लेषण किया जाएगा। जो व्यक्ति के व्यवहार के पैटर्न का पता लगाने में मदद करेगा। इससे आगे की कार्रवाई तय हो सकेगी।

ड्रोन आधारित निगरानी

अलसोक ने ड्रोन आधारित निगरानी तकनीक लॉन्च की है। इससे गार्डों पर दबाव कम होगा। ड्रोन 50 से 70 मीटर ऊंचाई पर 8 घंटे तक हवा में रहेंगे और 3 किमी क्षेत्र की निगरानी कर सकेंगे। इसके अलावा किलर ड्रोन लाने पर भी काम चल रहा है, लेजर बीम से लैस ये ड्रोन खेलों के दौरान अनधिकृत ड्रोनों को खत्म कर देगा।

रीयल टाइम 8के वीडियो

ओलिंपिक खेलों में विदेशी दर्शक प्रतिबंधित हैं। यानी दुनियाभर में बड़ी संख्या में दर्शक घरों में बैठकर गेम्स का लुत्फ उठाएंगे। ऐसे में दर्शक जापान की अत्याधुनिक प्रसारण टेक्नोलॉजी पर निर्भर होंगे। यहां ड्रोन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। 360 डिग्री फुटेज कैप्चर करने की क्षमता वाले ड्रोन रीयल टाइम 8के वीडियो लेकर 5जी नेटवर्क के जरिए भेजेंगे तो लाइव स्पोर्टिंग का अंदाज ही बदल जाएगा।

दर्शकों को इससे बर्ड आई के साथ मल्टीपल व्यू मिलेंगे। इसके लिए एनटीटी डोकोमो ने दुनिया का पहला 8के वर्चुअल रियलिटी लाइव स्ट्रीमिंग और व्यूइंग सिस्टम बनाया है। अगर दर्शक वीआर हेडसेट के जरिए इन गेम्स को देखेंगे तो उन्हें महसूस होगा कि वे स्टेडियम में ही मौजूद हैं।

रोबोट, सेल्फ ड्राइविंग कारें भी

फुजित्सु अंतरराष्ट्रीय जिमनास्टिक फेडरेशन के साथ ऐसी लेजर टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है, जिसका इस्तेमाल जज परफॉर्मेंस सही रूप से देखने के लिए कर सकेंगे। इंटेल ने 5जी को व्यापक बनाने के लिए स्मार्ट सिटी बनाई है। ट्रैफिक मैनेजमेंट और ट्रैकिंग में टोयोटा मदद करेगी। एयरपोर्ट पर एथलीट की मदद के लिए रोबोट तैनात रहेंगे। सेल्फ ड्राइविंग कारें, और हाइड्रोजन फ्यूल गाड़ियां तो मदद करेंगी ही।

भाषा की समस्या से बचने के लिए इंस्टेंट लैंग्वेज ट्रांसलेटर का इस्तेमाल

यह एक बड़ा वैश्विक आयोजन है, इसलिए दुनियाभर से आने वाले प्रतिभागियों की भाषा भी अलग-अलग होगी। भाषा के चलते उन्हें किसी तरह की समस्या पेश न आए इसलिए स्टेट ऑफ द आर्ट ट्रांसलेशन टेक्नोलॉजी पेश की गई है। यह रीयल टाइम ट्रांसलेशन सुविधा स्मार्टफोन और कई डिवाइस पर इंस्टाल की जा सकती है। उदाहरण के लिए कोई खिलाड़ी या अधिकारी अंग्रेजी में बोलेगा तो टेक्नोलॉजी उसे जापानी में ट्रांसलेट कर देगी। स्थानीय लोग इसे आसानी से समझ लेंगे।

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