अमेरिका / सिखों ने खालिस्तान समर्थकों का विरोध किया, कहा- ये लोग हमारे समुदाय को गुमराह कर रहे



सितंबर में अमेरिका दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिख प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। सितंबर में अमेरिका दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिख प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी।
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सितंबर में अमेरिका दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिख प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी।सितंबर में अमेरिका दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिख प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी।

  • अमेरिका में सिख समुदाय के अध्यक्ष जेसी सिंह ने कहा- कुछ लोग निहित स्वार्थ के लिए खालिस्तान आंदोलन चला रहे
  • कुछ दिनों पहले अमेरिका में भारतीय राजदूत हर्ष शृंगला ने कहा था- भारत में खालिस्तान समर्थित गुट का कोई समर्थक नहीं

Dainik Bhaskar

Oct 18, 2019, 12:21 PM IST

वॉशिंगटन. अमेरिका के सिख समुदाय ने खालिस्तान समर्थक गुटों को आड़े हाथों लिया है। सिख समुदाय का कहना है कि ये लोग भारत के खिलाफ नफरत फैलाते हैं और ‘खालिस्तान रेफरेंडम 2020’ को लेकर अपने दावों से गुमराह करते हैं। खालिस्तान समर्थक कई साल से अपने समुदाय के लिए एक अलग देश की मांग कर रहे हैं।

 

न्यूज वेबसाइट इंडिया अमेरिका टुडे (आईएटी) के अनुसार, अमेरिका में सिखों के अध्यक्ष जेसी सिंह ने गुरुवार को कहा कि कुछ स्वयंसेवी सिख संगठन निहित स्वार्थों के लिए ऐसा आंदोलन कर रहे हैं। ये केवल झूठे वादे और प्रचार कर पूरे समुदाय को गुमराह कर रहे हैं।

 

आईएटी ने जेसी सिंह के हवाले से कहा कि इस आंदोलन से जुड़े अमरजीत सिंह कम्युनिटी फंड का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। एक असफल वकील गुरपतवंत सिंह पन्नू झूठे प्रचार के जरिए लोगों गुमराह कर जुटाए गए फंड का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर रहे हैं।

 

‘पाकिस्तान खालिस्तान आंदोलन का समर्थक नहीं’

जेसी सिंह ने कहा, ‘‘मैं कई बार पाकिस्तान गया हूं और व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री इमरान खान से भी मिला हूं। उन्होंने हमेशा तथाकथित खालिस्तान आंदोलन का समर्थन करने से इनकार किया है।’’ सिंह ने यह भी कहा कि आप देख सकते हैं कि करतारपुर गलियारे के लिए इमरान सरकार कितना प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हम अमेरिकी सिख हैं। इस तरह के बांटने वाले मुद्दों से डर जाते हैं।

 

‘भारत में उच्च पदों पर सिखों का काबिज’

हाल ही में अमेरिका में भारत के राजदूत हर्ष शृंगला ने सिख एसोसिएशन ऑफ बाल्टीमोर गुरुद्वारा में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि यह ध्यान रखना जरूरी है कि भारत में इस तथाकथित ‘खालिस्तान आंदोलन’ का कोई समर्थक नहीं है। हमारे देश में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख जैसे अहम पदों पर सिख काबिज रहे।

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