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  • Singapore Is Enforcing The Racial Harmony Law; Instead Of Suing The Accused, We Will Find A Solution By Increasing Harmony.

अनूठी पहल:सिंगापुर नस्लीय सद्भाव कानून लागू कर रहा; आरोपियों पर केस करने के बजाय सद्भाव बढ़ाकर हल निकालेंगे

सिंगापुर12 दिन पहले
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59 लाख की आबादी वाले देश में पिछले कुछ दिनों से बढ़ी हैं घटनाएं। - Dainik Bhaskar
59 लाख की आबादी वाले देश में पिछले कुछ दिनों से बढ़ी हैं घटनाएं।

सिंगापुर जाने वालों या वहां रह रहे लोगों को नस्लीय भेदभाव के प्रति सचेत होना जरूरी हो गया है। वजह- नस्लीय भेदभाव के मामले तेजी से बढ़ना। वहीं अब सौहार्द्र बनाए रखने के लिए देश नरम लेकिन प्रभावशाली रुख अपना रहा है। कानून और गृह मामलों के मंत्री के. षणमुगम ने कहा कि नस्लीय सौहार्द्र पर नया कानून लाया जा रहा है। इस कानून के बारे में प्रधानमंत्री ली शेन लूंग ने 29 अगस्त को राष्ट्रीय दिवस की रैली में नस्लीय सद्भाव अनुरक्षण अधिनियम की घोषणा की थी।

सिंगापुर के कानून मंत्री के मुताबिक, ‘बाजार या फूड सेंटर या लिफ्ट में हर दिन एक-दूसरे से बातचीत करने के कारण आप सभी को अदालत तक नहीं ले जाना चाहते। उन्हें जेल में डालना या उन पर जुर्माना लगाना या उनके साथ अपराधियों की तरह बर्ताव करना नहीं चाहते। मुझे लगता है कि यह एक असंभव स्थिति है। ऐसा कर चीजें बेहतर करने के बजाय आप उन्हें बदतर बना देंगे।’

षणमुगम ने कहा- ‘इसके बजाय सरकार गैर दंडात्मक प्रतिबंधों पर विचार करने के लिए संस्कृति, सामुदायिक और युवा मंत्रालय और नस्लीय सद्भाव को बढ़ावा दे रही राष्ट्रीय संस्थान वन पीपुल डॉट एसजी जैसी एजेंसियों के साथ निकटता से काम करेगी। सिंगापुर की आबादी 59 लाख है, जिसमें सबसे अधिक संख्या चीनी नागरिकों की है और उसके बाद मलेशियाई, भारतीय और एशियाई एवं कॉकेशसी मूल के अन्य नागरिक आते हैं।

देश में रहने वाले चीनी समुदाय से संवेदनशील होने की अपील
करीब दो महीने पहले सिंगापुर के वरिष्ठ मंत्री लॉरेंस वांग ने बहुसंख्यक चीनी समुदाय से अल्पसंख्यक समुदायों के प्रति संवदेनशील होने की अपील की थी। इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिसी स्टडीज में नस्ल और नस्लवाद पर बोलते हुए वित्तमंत्री वांग ने सिंगापुर में चर्चित घटनाओं के बीच देश में नस्लवाद पर चिंता जताई थी।

उन्होंने कहा था- ‘पहले हमें यह स्वीकार करना होगा कि किसी भी बहुनस्लीय समाज में बहुसंख्यकों के मुकाबले अल्पसंख्यक होना अधिक मुश्किल होता है।’ इन सबके बीच, प्रधानमंत्री ली शेन लुंग ने एक हफ्ते पहले ही उन दावों को पूरी तरह निराधार बताया था कि बहुनस्लीय देश में चीनी नागरिकों को विशेषाधिकार मिलते हैं।

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