• Hindi News
  • International
  • Sniffing Rat | Award winning Giant African Pouched Rat Magawa Retiring After Five Years Of Service In Cambodia

एक चूहे का रिटायरमेंट:कम्बोडिया में हजारों लोगों की जान बचाने वाला चूहा अब रिटायर; अब वो अपनी जिंदगी का लुत्फ उठाएगा

नोम पेन्हएक वर्ष पहले

स्निनफर डॉग शब्द तो आपने कई बार सुना होगा। देखा भी होगा। पुलिस, सेना या रेस्क्यू टीम के साथ ये इनके ऑपरेशन्स के दौरान नजर आते रहते हैं। इनकी सूंघने की शक्ति या कहें काबिलियत के चलते ये हर साल हजारों-लाखों लोगों की जान बचाते हैं। लेकिन, क्या आपने किसी ऐसे ‘रेट स्क्वॉड’ या चूहे के बारे में सुना है, जिसने स्निफर डॉग्स जैसे हैरतअंगेज काम को अंजाम दिया हो। और वो भी एक नहीं पांच साल। चलिए, आज इसी कहानी को जानते हैं।

पहले यह जानिए
कम्बोडिया में गृहयुद्ध के दौरान जंगलों में हजारों की संख्या में बारूदी सुरंगे बिछाई गईं थी। अकसर, यहां के गुजरने वाले लोगों के पैर इनपर पड़ जाते। दबाव जैसे ही पड़ता ये लैंड माइन्स फट जातीं यानी इनमें ब्लास्ट हो जाता। दुनियाभर में इसको लेकर फिक्रमंदी थी। खास बात ये है कि यह बारूदी सुरंगे उसी क्षेत्र में थीं, जहां विश्व प्रसिद्ध अंकोरवाट मंदिर हैं। दुनियाभर से यहां टूरिस्ट भी आते थे। कम्बोडिया कुदरती तौर पर भी बहुत खूबसूरत देश है। इसलिए भी यहां पर्यटक ज्यादा आते हैं।

प्यारा सा मागाबा
मागाबा कम्बोडिया में मौजूद एक ‘स्निफर रेट’ है। बारूदी सुरंगों से कम्बोडियाई सरकार परेशान थी। इसी दौरान, बेल्जियम के एक चैरिटी ऑर्गनाइजेशन (APOPO) को नायाब आईडिया आया। उसने तंजानिया से एक खास नस्ल के कुछ चूहे खरीदे। इनके सूंघने की ताकत जबरदस्त थी। APOPO के वॉलेंटियर्स ने इन्हें ट्रेंड करना शुरू किया। इनमें से एक चूहे मागाबा को कम्बोडिया भेजा गया। इसके साथ वॉलेंटियर भी गए।

फन का माहिर मागाबा
APOPO के प्रोग्राम मैनेजर माइकल हेमेन कहते हैं- 71 लैंडमाइन्स और 38 विस्फोटकों का पता लगाने वाला मागाबा अब थक गया है। उसकी उम्र सात साल है। पांच साल में उसने 2 लाख 25 हजार स्क्वॉयर मीटर में काम करके हजारों लोगों की जान बचाई। ये 42 फुटबॉल मैदानों के बराबर है। हमने इसको रिटायर करने का फैसला किया। अब वो अपने पसंदीदा काम जैसे केले और पीनट्स खाने के लिए आजाद है। हालांकि, वो अब भी काफी फिट है। लेकिन, उम्र का असर दिखने लगा है।

तंजानिया का भी अनुभव
मागाबा को 2016 में जब कम्बोडिया लाया गया तो वह महज 2 साल का था। यहां आने से पहले उसका इस्तेमाल तंजानिया की कैमिकल फैक्ट्री में भी किया गया था। पिछले साल सितंबर में उसे रोडेन्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा भी उसे कई सम्मान मिले।

काफी सतर्क रहता था यह चूहा
मागाबा के ट्रेनर बताते हैं कि वो तय एरिया में घूमता। उसके साथ वॉलेंटियर रहते। मागाबा को जहां लैंडमाइन का विस्फोटक का शक होता, वहां वो रुक जाता, फिर जमीन को खुरचने लगता। इसके बाद वहां से हट जाता और स्टाफ लैंडमाइन क्लियर कर देता। हेमेन कहते हैं- हमें उसकी बहुत याद आएगी। वो बेजोड़ चूहा है।