सऊदी में रेत के टीलों पर जमी बर्फ:ओले गिरने के बाद रेगिस्तान ने ओढ़ी सफेद चादर, इंजॉय करने के लिए घरों से बाहर निकले लोग

रियाद4 महीने पहले

सऊदी अरब के बद्र शहर में रेगिस्तान पर बर्फ बिछी हुई है। यहां ओले गिरने के बाद ऐसा नजारा हुआ कि सुनहरे दिखने वाले रेगिस्तान का रंग सफेद हो गया। इस अनोखे नजारे को देखने के लिए लोग घरों से बाहर निकल आए और बर्फ के बीच खूब मस्ती की।

इस महीने की शुरुआत में सऊदी के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में खराब मौसम ने दस्तक दी थी, जिसके बाद से ही इलाके में लगातार बर्फ गिर रही है और इलाके का तापमान भी तेजी से नीचे आ गया है। ड्रोन से ली गई फुटेज में बद्र शहर के रेगिस्तानी टीले बर्फ से ढंके दिख रहे हैं।

2016 में सऊदी में आया था बर्फ का तूफान

नवंबर 2016 में सऊदी में हुई बर्फबारी के बाद का नजारा। तब भी लोगों ने इसका लुत्फ उठाया था।
नवंबर 2016 में सऊदी में हुई बर्फबारी के बाद का नजारा। तब भी लोगों ने इसका लुत्फ उठाया था।

नवंबर 2016 में सऊदी अरब में बर्फीला तूफान आया था, जिसमें देश के कई हिस्सों में तापमान जीरो से नीचे चला गया था। कई इलाकों में भारी बर्फ गिरी थी और बाढ़ भी आई थी। 23 नवंबर को बर्फ गिरने के बाद उत्तरी बॉर्डर पर स्थित तुरैफ में 25 नवंबर को तापमान -4 डिग्री सेल्सियस हो गया। मध्य और उत्तरपूर्वी इलाकों में भी बर्फबारी हुई। सऊदी में सामान्य तौर पर तापमान कभी 20 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं होता। बर्फबारी और बाढ़ के चलते तब यहां कम से कम 7 लोगों की जान गई थी।

नवंबर 2016 में सऊदी अरब के कुनफुदाह में आई बाढ़ के बीच राहत कार्य को अंजाम देते लोग।
नवंबर 2016 में सऊदी अरब के कुनफुदाह में आई बाढ़ के बीच राहत कार्य को अंजाम देते लोग।

रेगिस्तान में क्यों होती है बर्फबारी
यह सब जानते हैं कि रेगिस्तान में बहुत गर्मी पड़ती है। रेगिस्तान बहुत शुष्क होतते हैं। रात को शुष्क हवा तेजी से अपनी गर्मी खो देती है। नॉर्थ हेमिस्फेयर यानी उत्तरी ध्रुव में हाई प्रेशर यानी अधिक दाब वाले इलाकों में हवा घड़ी की सुई की दिशा में घूमती है। इससे आर्कटिक की ठंडी हवा इस तरफ मूव करती है। हालांकि ऐसा सेटअप कम ही बन पाता है, लेकिन जब बनता है, तो रेगिस्तान में बर्फबारी होती है।