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  • Some Introverts And Some Extroverts In The Family; Plan Activities According To The Nature Of The Members, Satisfaction Will Increase And There Will Be No Tension

द न्यू यार्क टाइम्स से विशेष अनुबंध के तहत:परिवार में कोई अंतर्मुखी तो कोई बहिर्मुखी; सदस्यों के स्वभाव के अनुकूल गतिविधियां प्लान करें, संतुष्टि बढ़ेगी व तनाव नहीं होगा

6 दिन पहलेलेखक: जैसिका ग्रोसे
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एक्सपर्ट्स का सुझाव- परिवार के हर सदस्य से बातचीत करें, इससे वे खुलने लगेंगे। - Dainik Bhaskar
एक्सपर्ट्स का सुझाव- परिवार के हर सदस्य से बातचीत करें, इससे वे खुलने लगेंगे।

‘मेरे पति मेरी तुलना में ज्यादा सामाजिक हैं, उन्हें लोगों से मिलना-जुलना बातें करना पसंद है। महामारी से पहले हम दोनों में इसको लेकर अक्सर बहस होती थी, पर लॉकडाउन ने इस समस्या को खत्म कर दिया था। क्योंकि कोई भी कहीं जा नहीं सकता था। अब जैसे-जैसे स्थितियां सामान्य हो रही हैं, हमारे बीच फिर कहासुनी होने लगी है।’ लेखिका सुजैन कैन कहती हैं कि यह समस्या सिर्फ हमारी नहीं है, हर परिवार में अंतर्मुखी और बहिर्मुखी होते हैं। ग्रोस के परिवार में मामला बच्चों तक जा पहुंचा है। छोटी बेटी पति जैसी है तो बड़ी बेटी जेसिका की तरह है। परिवार में ऐसे सदस्य हैं, तो सबको साथ लेकर कैसे चलें ताकि तनाव भी न हो, समझिए एक्सपर्ट्स से...

सबको साथ लेकर चलना ही बेहतर, तब किसी को शिकायत नहीं होगी: विशेषज्ञ

परिजन की प्राथमिकता समझें, समस्याएं दूर होंगी
सबसे पहले परिवार के लोगों का स्वभाव पता लगाना जरूरी है। बच्चों को ही लें, देखें कि वे दूसरों से बात करते वक्त सहज या असहज कैसा महसूस करते हैं, इस पर नजर रखें। मैरीलैंड यूनिवर्सिटी में ह्यूमन डेवलपेंट के प्रो. केनेथ रुबिन कहते हैं कि परिवार के लोगों को आंकना अजीब लग सकता है, पर इससे समस्याएं दूर होती हैं। उनकी प्राथमिकताओं का पता चलता है। सामाजिक गतिविधियों से जोड़ पाएंगे। इससे वे धीरे-धीरे खुल सकेंगे।

अंतर्मुखी सदस्यों को चर्चा में शामिल करें
बहिर्मुखी लोग, अंतर्मुखी जीवनसाथी या बच्चों को चर्चा में शामिल जरूर करें, उन्हें जताएं कि उनकी राय भी अहम है। सुजैन कहती हैं कि अंतर्मुखी और बहिर्मुखी लोगों की संतुष्टि के लिए अलग-अलग गतिविधियां करें। जैसे मेरी छोटी बेटी को पति पार्क ले जाते हैं, जबकि मैं और बड़ी बेटी घर पर रहकर पढ़ते हैं। सब खुश, कोई परेशान नहीं। बच्चों के सोने के वक्त पति दोस्तों के साथ वक्त बिताने चले जाते हैं, जबकि मैं घर के काम पूरे कर लेती हूं।

कभी समझौता कर लें, पर जताएं कि बात पसंद नहीं
अक्सर कई बार दंपती बच्चों को घर छोड़कर जाते हैं। ताकि वे कुछ वक्त साथ बिता सकें। पर किसी एक साथी को लोगों से मिलना अच्छा लगता है। विस्कॉन्सिन-ओशकोश यूनिवर्सिटी में प्रो. क्रिस्टिन निकोलिनी कहती हैं कि ऐसी स्थिति में पहले तय योजना के अनुसार घूमना व डिनर कर लें। यदि दूसरा साथी नहीं जाना चाहता है, तो वह अकेले घर लौट आए। पर यह जरूर जता दें कि इस बात से ठेस पहुंची है। ताकि दूसरे साथी को भी भावनाओं का अहसास हो सके।

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